पत्नी से विवाद के बाद किसान गुस्से में खुद को मारी गोली, घटनास्थल में हुई मौत


*फिंगर एक्सपर्ट एवम एफएसएल टीम मौके पर पहुंच कर रही हैं जांच*

शहडोल

एक किसान ने गुस्से में आकर खुद को देसी पिस्टल से गोली मार ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, घटना के समय उसके दोनों पुत्र बहू व पत्नी सामने खड़े हुए थे। मृतक अपनी पत्नी की रोज पिटाई करता था, दोनों पुत्र बाहर रहकर काम करते थे, मां ने पिटाई की जानकारी अपने दोनों पुत्रों को दी, बीती रात्रि 2:00 बजे दोनों पुत्र घर पहुंचे, और मां को अपने साथ ले जाने की जिद करने लगे, तभी पिता नाराज हो गया और अपनी पत्नी को पुत्रों के साथ भेजने से मना करने लगा। लेकिन पत्नी की पिटाई होने से पुत्रों के साथ मां जाने लगी, जिससे वह नाराज हो गया और उसने अंदर रखी अपनी देसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली, घटना केशवाही चौकी के ग्राम टेंघा की है। जानकारी लगने के बाद पुलिस के आला अधिकारी एफ एस एल एवं फिंगर एक्सपर्ट के साथ मौके पर पहुंचे।

पति पत्नि का विवाद पति की मौत के बाद जाकर शांत हुआ, जानकारी के अनुसार के केशवाही चौकी के टेंघा गांव में एक किसान ने खुद को गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। पुलिस ने बताया कि भवानी शंकर पयाशी (50) टेंघा के सिकटा टोला का रहने वाला था, पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता था। किसान के दोनों पुत्र बाहर रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं, आए दिन मां के साथ मारपीट की जानकारी मां अपने दोनों पुत्रों को देती रहती थी, बीती रात्रि दोनों पुत्र गांव पहुंचे और घर से अपनी मां को अपने साथ ले जाने लगे, तभी पिता भवानी शंकर ने अपने दोनों बेटों को कहा कि मां को तुम अपने साथ नहीं ले जा सकते हो मैं अकेला हो जाऊंगा।

लेकिन मां के साथ हो रही लगातार मारपीट से पुत्र काफी नाराज थे, और अपनी मां को अपने साथ ले जाने की जिद करने लगे, मां भी बेटों के साथ जाने के लिए तैयार हुई और जाने लगीं, पत्नी के घर छोड़ने से नाराज पति भवानी शंकर ने घर के अंदर रखी देसी पिस्टल को लेकर बाहर निकल आया और पुत्रों को गोली मार देने की धमकी देने लगा। लेकिन दोनों बेटे यह जान रहे थे कि पिता हमें डरा रहे हैं। और दोनो बेटे मां को ले कर आंगन तक निकल आएं। तभी भवानी शंकर ने अपने कनपटी पर बंदूक अड़ाई और खुद को गोली मार ली। जानकारी के अनुसार जब यह घटना घटी तो उसके दोनों पुत्र बहू और मृतक की पत्नी सामने ही खड़े थे।

जानकारी लगने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच पड़ताल में जुटी है। चौकी प्रभारी आशीष झारिया ने बताया कि हमें जब जानकारी लगी तो हम मौके पर पहुंचे, घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, मौके पर एसडीओपी, थाना प्रभारी बुढार, फिंगर एक्सपर्ट एवम एफएसएल टीम मौके पर पहुंच जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के लिए शव को अस्पताल ले जाया जा रहा है। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

जेएमएस कंपनी के कर्मचारियों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू 


अनूपपुर

जेएमएस कोयला खदान (उरतन नार्थ भूमिगत माईन परियोजना) के स्थानीय कर्मचारियों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर सुबह 7 बजे से कंपनी गेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्होंने 15 दिन पहले ही कंपनी प्रबंधन को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।  

कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि सभी को समान वेतन मिलना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने कामकाजी परिस्थितियों में सुधार, समय पर वेतन भुगतान, सुरक्षा उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार जैसी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया है। धरना प्रदर्शन सुबह 7 बजे शुरू हुआ कर्मचारी कंपनी गेट के सामने डटे हुए हैं। हालांकि, अब तक कोई प्रशासनिक अमला या कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा है। कर्मचारियों ने कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे अपना प्रदर्शन और तेज कर देंगे।  

स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों ने भी कर्मचारियों के समर्थन में आवाज उठाई है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन और प्रशासन से मांगों को गंभीरता से लेने और जल्द से जल्द समाधान करने की अपील की है। अब देखना यह है कि कंपनी प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे। इस मामले में प्रशासनिक हस्तक्षेप की उम्मीद की जा रही है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परासी अस्पताल की दरारों से मंडराता खतरा, प्रशासन की अनदेखी पर सवाल


*कभी भी हो सकता है हादसा*

अनूपपुर

शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परासी हॉस्पिटल की हालत चिंताजनक बनी हुई है। अस्पताल के ट्रेसिंग रूम और मरीजों के भर्ती होने वाले कमरे की दीवारों में चारों तरफ गहरी दरारें देखी जा सकती हैं, जो किसी भी बड़ी दुर्घटना को न्यौता दे रही हैं। इन दरारों के बावजूद अब तक प्रशासनिक अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। अगर ध्यान दिया भी है, तो वे इस गंभीर समस्या को अनदेखा कर रहे हैं।

स्थानीय निवासियों और मरीजों ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अस्पताल की इमारत की यह हालत किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। मरीजों और उनके परिजनों का डर बढ़ता जा रहा है, क्योंकि उन्हें लगातार इस असुरक्षित इमारत में आना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी ने कहा,यह अस्पताल हमारे इलाके के लोगों के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन इसकी हालत देखकर लगता है कि यह कभी भी गिर सकता है। हमने कई बार अधिकारियों से इसकी मरम्मत कराने की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।"

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जब इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं और जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा। हालांकि, अब तक की गई अनदेखी और देरी पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत इस मामले में कदम उठाए और अस्पताल की इमारत की मरम्मत कराए, ताकि किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

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