चंदा नहीं देने पर किया हुक्का पानी बन्द, समाज से किया बहिष्कृत पुलिस से हुई शिकायत
*जान से मारने की दी जा रही धमकी*
उमरिया
आदिवासी बाहुल्य जिले उमरिया में भागवत कथा के नाम पर जबरन चंदा वसूली करने और नहीं देने वाले को समाज से बहिष्कृत करने का चौकाने वाला मामला सामने आया है, पीड़ितों ने एक लिखित शिकायत पुलिस थाने में की है । खास बात ये है कि परिवारों को समाज से बहिष्कृत करने वाले लोगों ने बेख़ौफ़ होकर इसे सोशल मीडिया ग्रुप में सर्कुलेट भी किया है।आदिवासी बाहुल्य जिले के एक गांव में धार्मिक कार्यक्रम में चंदा ना देने पर आयोजकों ने कुछ परिवारों का सामाजिक बहिष्कार पीड़ित पक्ष ने थाना नौरोजाबाद पर इसकी शिकायत दर्ज कराई है।
जिले उमरिया के नौरोजाबाद थानांतर्गत ग्राम महुरा का है। जहाँ धार्मिक आयोजन के दौरान कुछ लोगों को आयोजकों के मनमुताबिक चंदा नहीं दिए जाने के कारण समाज से बहिष्कृत कर दिया गया है। समाज से बहिष्कृत किए जाने के बाद अब परिवारों को किसी भी मांगलिक या सामाजिक कार्यक्रमों में नहीं बुलाया जाता और ना ही इन परिवारों के घरों में होने वाले किसी कार्यक्रम में सामाज का कोई व्यक्ति शरीक होता है।
सामाजिक बहिष्कार का दंश झेल रहे परिवार
ग्राम महुरा निवासी शरमन सिंह बताया है कि हमारे गांव के भागवत कथा का आयोजन किया गया था। समाज के जिन लोगों द्वारा चंदा नहीं दिया गया है, उनका सामाजिक बहिष्कार कर प्रताड़ित किया जा रहा है। हम लोगों की बेइज्जती की जाती है। हमारे घर की बहू बेटियों को सामाजिक कार्यक्रमो से भगा दिया जाता है। उनसे कहा जाता है कि तुमको कौन यहां बुला लिया है तुम समाज के बाहर हो। उन्होंने बताया कि मुझसे 18000 रुपए का चंदा मांगा गया था। मेरे पास पैसे नहीं होने के कारण मैं चंदा नहीं दे पाया था। इस कारण जहाँ कोई निमंत्रण होता है हमें नहीं बुलाया जाता है।हमको समाज से बंद कर दिया गया है।
बेटियों की शादी की चिंता में एक पिता
पीड़ित शरमन ने दुखी मन से बताया कि मुझे अपनी बिटिया की शादी करनी है, बिना पैसा लिए मुझे अब ये समाज में शामिल नहीं करेंगे। 2016 में भी जब मैंने अपनी बेटी की शादी की थी तो पैसे लेने के चक्कर के हमें समाज से बाहर कर दिया गया था। शादी में बना हुआ भोजन खराब हो गया था। 2020 में जब मेरी माँ का स्वर्गवास हुआ तो मुझसे 2500 रुपए लेकर समाज में शामिल किया गया था। मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता इसलिए मैं नौकरी पूरी नहीं कर पाता हूँ। मुझे बेटी की अब शादी भी करनी है,ऐसा ही रहा तो मेरी बेटी की शादी नहीं हो पाएगी। मैंने इस मामले की सूचना नौरोजाबाद थाने में दी है।
*जान से मारने की दी जा रही धमकी*
वही ग्राम महुरा निवासी किशन सिंह बताते हैं कि बीते 3 वर्षो से हमारे गांव में भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीणों को परेशान कर मनचाहा पैसा मांगा जा रहा है। जो कम पैसा देते हैं या नहीं दे पाते तो उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया जाता है। पहले वर्ष के आयोजन के दौरान 6000 का चंदा लगाया गया था। दूसरे वर्ष के दौरान 15000 का चंदा लगाया गया और इस वर्ष 18000 रुपए चंदा मांगा गया है। जिनके खिलाफ मैंने नौरोजाबाद थाने में शिकायत की है,उनके द्वारा मुझे बार बार जान से मारने की धमकी दी जा रही है कि अगर तुम गाँव आओगे तो तुम्हे अब झूठे प्रकरण में फंसा दिया जाएगा। मैं बहुत परेशान हूँ।
*पुलिस ने दिया कार्रवाई का भरोसा*
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमरिया प्रतिपाल सिंह महोबिया ने बताया कि नौरोजाबाद थाना अंतर्गत ग्राम महुरा निवासी किशन सिंह,शरमन सिंह और आदर्श सिंह के द्वारा लिखित आवेदन दिया गया है। इस आवेदन में उनके द्वारा बताया गया है कि उनके समाज में भागवत कथा का आयोजन किया गया था। जिसमें जब इनके द्वारा मन मुताबिक चंदा नहीं दिया गया, इस बात को लेकर के उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है और सामाजिक रूप से बहिष्कृत किए जाने की धमकी दी जा रही है। यह शिकायत प्राप्त हुई है और उसकी जांच करवाई जा रही है। शीघ्र ही दोनों पक्षों को बुला करके मामले को समझा जाएगा। मामले में उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।