गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने के लिए, सनातन एकता यात्रा, धर्म, संस्कृति व आस्था का होगा भव्य संगम
*राम वनगमन स्थलों, पांच पांडव स्थलों एवं अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के होंगे दर्शन*
अनूपपुर
अनूपपुर शहडोल संभाग में सनातन संस्कृति के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने और समाज में धार्मिक चेतना जागृत करने के उद्देश्य से सनातन एकता यात्रा 2025 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक यात्रा 30 मार्च से 7 अप्रैल 2025 तक आयोजित होगी, जिसमें भक्तों को राम वनगमन स्थलों, पांच पांडव स्थलों एवं अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर प्राप्त होगा
*ब्यौहारी से होगा भव्य आरंभ*
यात्रा का शुभारंभ 30 मार्च को व्यौहारी के इंदिरा गांधी कॉलेज चुंगी नाका से देवी मंदिर बस स्टैंड तक भव्य नगर भ्रमण, चुनरी यात्रा और स्वागत समारोह के साथ किया जाएगा। यहां भजन-कीर्तन, मंत्रोच्चार और पूजन-अर्चन के साथ यात्रा का आरंभ होगा।
इसके पश्चात यात्रा गंधिया अमझोर पहुंचेगी, जो राम वनगमन मार्ग का प्रमुख स्थल है। यहां पर विशेष रूप से सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद यात्रा जैसिंहनगर पहुंचेगी, जहां नगर भ्रमण, चुनरी यात्रा और भव्य स्वागत समारोह के साथ श्रद्धालु रात्रि विश्राम करेंगे।
*धार्मिक स्थलों का दर्शन व भक्ति का आयोजन*
31 मार्च को यात्रा खनौधी के काली माता मंदिर से बूढ़ी माता मंदिर तक नगर भ्रमण करेगी, जहां चुनरी यात्रा का आयोजन होगा। इसी दिन दोपहर में सरसी स्थित बूढ़ी माता मंदिर में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। शाम को यात्रा गोहपारू पहुंचेगी, जहां शिवजी मंदिर से दुर्गा मंदिर तक नगर भ्रमण एवं चुनरी यात्रा का आयोजन होगा।
1 अप्रैल को यात्रा सिंहवाहिनी मंदिर भठिया में खोडरी तिराहे से प्रारंभ होकर सिंहवाहिनी मंदिर तक पहुंचेगी। इसके पश्चात यात्रा केशवाही पहुंचेगी, जहां हनुमान बड़ी मूर्ति से मरखी देवी मंदिर तक की भव्य यात्रा निकाली जाएगी।
2 अप्रैल को यात्रा का अगला पड़ाव सीतामढ़ी होगा, जो राम वनगमन स्थल के रूप में विशेष मान्यता रखता है। यहां देवगढ़ ज़र्रा टोला खोडरी से सीतामढ़ी तक नगर भ्रमण, पूजन-अर्चन एवं धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन यात्रा रेउषा में चरण पादुका स्थल के दर्शन करेगी और तुर्रा धाम में सुंदरकांड पाठ का आयोजन होगा।
3 अप्रैल को यात्रा अनूपपुर पहुंचेगी, जहां मारुति शिव हनुमान मंदिर मड़फा तालाब से काली मंदिर तक नगर भ्रमण एवं चुनरी यात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद यात्रा का स्वागत बरगवा, धनपुरी, बुढार, देवगमा, सिंहपुर, उचेहरा, नौरोजाबाद, पाली, उमरिया, मानपुर, बिजौरी और अंतरा सहित अन्य महत्वपूर्ण आस्था स्थलों पर किया जाएगा। हर स्थान पर भक्तों के लिए सुंदरकांड पाठ, भजन संध्या, चुनरी यात्रा एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
*नर्मदा जल कलश यात्रा*
इस ऐतिहासिक यात्रा का विशेष आकर्षण 29 मार्च को अमरकंटक रामगमन स्थल पर नर्मदा जल कलश भरने का कार्यक्रम रहेगा। इस पवित्र जल कलश का पूजन उसी दिन शाम 6 बजे राजेन्द्रग्राम स्थित मंदिर में किया जाएगा।
*भक्ति और भव्यता का संगम*
7 अप्रैल को यात्रा का समापन राम जानकी मंदिर, मोहन राम तालाब परिसर, शहडोल में होगा। समापन समारोह के अवसर पर भव्य भजन संध्या, अतिथि उद्बोधन, सनातन एकता यात्रा के सहयोगियों का सम्मान एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा।
*आस्था, संस्कृति और भक्तिमय माहौल*
पूरे आयोजन के दौरान यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत हेतु भव्य चुनरी यात्रा, ढोल-नगाड़े, सांस्कृतिक नृत्य, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां और भक्ति गीतों का आयोजन किया जाएगा। पूरे आयोजन के दौरान भव्य भंडारे का भी आयोजन रहेगा, जिसमें भक्तजन प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
*समस्त धर्मालंबियों से निवेदन*
सनातन एकता यात्रा मित्र मंडली संभाग शहडोल के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य आयोजन में समस्त धर्मालंबियों, समाज के सभी वर्गों, मातृशक्ति एवं युवा शक्ति से आग्रह किया गया है कि वे इस पवित्र यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर इसे सफल बनाएं