रिमझिम वर्षा से मौसम हुआ सुहाना, चल रही ठंडी हवाएं, पर्यटक हुए खुश, नवरात्रि की जमकर धूम

रिमझिम वर्षा से मौसम हुआ सुहाना, चल रही ठंडी हवाएं, पर्यटक हुए खुश, नवरात्रि की जमकर धूम


अनूपपुर

प्रदेश का प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में लगातार रिमझिम वर्षा हो रही है, फलस्वरूप मौसम बेहद सुहाना हो गया है, विगत दो-तीन दिनों से आसमान में घने बादल छाए हुए थे, सुबह से हल्की बूंदाबांदी होती रही दोपहर बाद से वर्षा की रिमझिम फुहारे पडती रही, अमरकंटक नगर का मौसम एक बार फिर बहुत ही ठंडक भरा और और सुहाना हो गया है, इसके चलते पर्यटक तीर्थयात्री इसका भरपूर आनंद लेते रहे तापमान अचानक 6 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया तापमान के गिरने से पर्यटक तीर्थ यात्री स्वेटर साल की याद करने लगे एक दूसरे को कहते रहे की अमरकंटक है, कि तैयारी से चलना वहां हमेशा ठंड रहती है कांपते रहे । यहां तक की दूर अंचल से आए भक्त श्रद्धालु बेहद ठंडा महसूस कर साल खरीदने मजबूर हुए वहीं युवक  युवती बदले मौसम का लुत्फ को उठाते नजर आए  तथा वर्षा से बचाव के लिए छाता खोजते रहे। अमरकंटक के वरिष्ठ पत्रकार धनंजय तिवारी ने बताया कि मौसम के अचानक बदलाव से पर्यटक तीर्थ यात्री तो खुश होते रहे वही वृद्ध पुरुष महिला ठंड से परेशान कुडकुडाते हुए चाय पीते रहे। अमरकंटक के बारे में कहा जाता है कि जब गर्मी बढ़ती है तो वर्षा निश्चित तौर पर होती है ।

अमरकंटक में नवरात्रि की धूम*

पवित्र नगरी अमरकंटक में इन दोनों बसंती चैत्र नवरात्रि की अच्छी खासी धूम है भक्त श्रद्धालु गण इस पावन अवसर पावन सलिला नर्मदा  नदी में स्नान दर्शन पूजन अर्चन हेतु अपने परिवार जनों के साथ भारी तादाद में आ रहे हैं और नवरात्रि का पुण्य लाभ ले रह हैं। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नर्मदा उद्गम परिसर में लगभग 151 घृत ज्योति दीपक भक्ति श्रद्धालुओं द्वारा प्रज्वलित कराए गए हैं तथा जवारा एवं कलश स्थापित किया गया है। भक्त श्रद्धालुओं के घृत ज्योति कलश जवारे के लिए विधिवत पूजन पाठ अनुष्ठान किया जा रहा है । 

स्थानीय कल्याण सेवा आश्रम में जगत जननी मां जगदंबे राजराजेश्वरी की पूर्ण विधि विधान के साथ पूजन अर्चन किया जा रहा है तथा प्रत्येक दिवस निशा हवन आचार्य पंडितों के द्वारा मंत्र उच्चारण के साथ धार्मिक वातावरण में पूजन पाठ किया जा रहा है पंडित संदीप जोशी ने बताया कि आश्रम के मंदिर प्रांगण में रात्रि पूजन एवं हवन आचार्य पुरोहितों द्वारा किया जाता है । स्थानीय शंकराचार्य आश्रम में त्रिपुर सुंदरी मां भगवती राजराजेश्वरी की पूरे विधि विधान के साथ पूजन अर्चन अनुष्ठान पाठ किया जा रहा है यहां पर 51 दीपक घृत एवं तेल के प्रज्वलित है तथा कलश स्थापित किया गया है तथा जवारे बोए गए हैं आश्रम मंदिर के पुजारी नर्मदानंद जी ने  बताया की आश्रम में दोनों ही नवरात्रि में मंदिर परिसर में मां की पूजा की जाती है आठवें दिन हवन आदि होते हैं नौवे दिन कन्या भोजन एवं भंडारा कराया जाता है मंदिर में शुरू से ही घृत एवं तेल का ज्योति वर्षों से भक्त श्रद्धालुओं द्वारा जलवाया जाता है। इसी तरह रामघाट के दक्षिणी तट में भोला महाराज द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया है तथा पूजन अर्चन किया जा रहा है ।

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