शनि अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने नर्मदा में लगाई डुबकी, पितरों का तर्पण कर पीपल पर चढ़ाया जल
अनूपपुर
जिले के अमरकंटक में आज चैत्र मास की अमावस्या पर दूर-दूर से आए भक्त श्रद्धालुओं तीर्थ यात्रियों ने पुण्य सलिला मां नर्मदा जी के पावन तट रामघाट पुष्कर बांध एवं आरंडी संगम तट में आस्था की डुबकी लगाई स्नान किया तथा दर्शन कर पूजा दर्शन किया तथा साथ ही भक्त श्रद्धालुओं ने शनि अमावस्या के पावन अवसर पर पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाया एवं भगवान शनि देव महाराज की प्रतिमा पर जल चढ़ाया पुष्प चढ़ाए तेल चढ़ाया तथा काला तिल काला काला काला उड़द काला वस्त्र एवं सिक्का आदि चढ़ाकर पूरे मनोयोग से धार्मिक भावना के साथ पूजन आरती अभिषेक किया तथा अपनी हुई गलतियों के लिए क्षमा याचना की तथा मन्नत मनौती मांगी । सुबह से ही भक्त श्रद्धालु तीर्थ यात्रियों के द्वारा नर्मदा नदी में स्नान दर्शन पूजन अर्चन का क्रम शुरू हो गया था जो शायं कल तक निरंतर चलता रहा। मालवा अंचल के जिलों से भारी तादाद में आए भक्त श्रद्धालुगण भी नर्मदा स्नान दर्शन पूजा अर्चन करते रहे।
चैत्र कृष्ण पक्ष की अमावस्या श्राद्ध अमावस्या के पावन अवसर पर भक्त श्रद्धालु गण अपने अपने मृतक प्राणियों का पूरे विधि विधान के साथ पिंडदान तर्पण तथा भगवान विष्णु के प्रतीक पीपल वृक्ष को जल स्नान तथा कलश में जल दान पूजन अर्चन हवन आदि करते रहे तथा गरीब जनों को यथाशक्ति अनुसार अन्नपूर्णा दान एवं अन्य धनराशि का दान करते रहे ताकि मृतक प्राणी को सद्गति मोक्ष गति को प्राप्त हो। शनि अमावस्या के शुभ अवसर पर पूजन अर्चन दर्शन का विशेष महत्व माना एवं बताया गया है। शनि अमावस्या के अवसर पर लगभग 12 15 हजार से भी अधिक भक्त दर्शनार्थियों ने श्रद्धालुओं तीर्थ यात्रियों ने स्नान किया डुबकी लगाई तथा मंदिर में दर्शन कर पूजन अर्चन किया ।