सीमांकन पूर्ण होने के बाद बरगवां हल्का पटवारी रूपनारायण ने बनाया फर्जी पंचनामा ग्रामीणों में रोष
*आरआई ने जमीन नापी, 2 हजार वर्गफिट जमीन में नगरपरिषद का अवैध कब्जा*
अनूपपुर
जिले के बरगवां अमलाई नगरपरिषद में लंबे समय से पटवारी रूपनारायण तोमर भ्रष्टाचार की गाथा लिख रहे है इनको हर कार्य मे पैसा चाहिए और अगर कोई पैसा नही दिया उंसके जमीन में हेर फेर करने लगते है, इनको कानून और भगवान का कोई डर नही रहता है। अभी हाल ही में इनके द्वारा बरगवां के निस्तार की भूमि को जबरन आवण्टित कराने का कार्य किया, जिसमें नदी तालाब और आम रास्ते थे, वही इनके द्वारा मृत व्यक्ति के नाम पर सीमांकन की नोटिस जारी करते हुए मृतक के अस्थि संचय के दिन कब्जे और पट्टे की जमीन नाप दिए, जिसके किसानों की जमीन और रास्ता था, पटवारी रूपनारायण द्वारा गलत सीमांकन किया गया खेत को नापकर खेल किया, जब मृतक परिवार शोकाकुल था और उनकी जमीन नापी गयी आग्रह किया गया कि जमीन बाद में नापी जाए, लेकिन कोई नही सुना तब मामले की शिकायत कलेक्टर से किया गया व ग्रामीण जनों ने ज्ञापन भी दिया। उक्त मामले में सभी जान रहे थे कि पट्टे की जमीन नाप दी गयी है, पीड़ित किसानों ने सीमांकन आपत्ति लगाई पेशी होनी थी, लेकिन कोई सुनवाई न कर पट्टे की खेतिहर जमीन में अध्यक्ष के पति खड़े होकर बुल्डोजर चलवा दिया, इस मामले में पूर्ण रूप से पटवारी दोषी है, जब उनसे बात की गई तो उनके द्वारा गलत जमीन नापने की बात भी स्वीकार की उंसके बाद पुनः पटवारी ने सीमांकन में खेल करना चाहा जब आरआई फुनगा पैकरा ने सीमांकन किया पहली बार मे आधा पार्क का हिस्सा आया तो पटवारी ने भ्रमित किया, फिर दूसरी बार उल्टा नापे इसके बाद ग्रामीणों की मांग पर सर्वे सेटेलमेंट के केंद्र बिंदु से नापा गया जहां मुनारा था, वही से नक्से के आधार में नाप हुआ जिससे दूध का दूध पानी का पानी हुआ, सत्य की जीत हुई खसरा नम्बर 139/763 जो 0.3400 हेक्टेयर भूमि है, उसका हिस्सा पार्क के अंदर है और पार्क में लगे 40 पोल 60 खम्बे खेत तोड़कर लगाए गए और मेढ़ तोड़ा गया सभी नपाई के बाद खुश हुए, आरआई ने तो सही नाप किया मगर जमीन निकलने के बाद पटवारी ने लालच के चक्कर मे झूंठा पंचनामा में हस्ताक्षर कराना चाहा ग्रामीणों ने कहा जब आप नापकर बताये है कि 40 पोल और 60 पिलर हमारे पट्टे में अब झूंठा रिपोर्ट बनाकर सिर्फ 6 पोल लिख रहे हो, जमीन नापने के बाद आखिर गलत पंचनामा क्यों बनाया जा रहा है, इसका विरोध सभी नागरिक किसान किये और किसी ने हस्ताक्षर नही किया आखिर पटवारी किसके कहने में गलत पंचनामा में हस्ताक्षर कराया जा रहा था।
*पटवारी द्वारा गलत रिपोर्ट बनाने की शिकायत*
पटवारी द्वारा गलत रिपोर्ट बनाए जाने पर किसान नागरिकों ने कमिश्नर, कलेक्टर, सयुंक्त कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार को लिखित में शिकायत की गयी हैं। पटवारी रूपनारायण तोमर जो की सीमांकन होते समय भी गायब रहे। पैसों के लालच में समझौता करके जब सीमांकन हो गया था तब गलत रिपोर्ट बनाने का साहस करने पर नागरिक किसानों ने पटवारी को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है।