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पत्रकार संघ के पक्ष में फैसला, श्री वर्धमान लॉजिस्टिक्स को उपभोक्ता फोरम द्वारा लगी फटकार
अनूपपुर
देवर्षि नारद के जन्म दिवस पर विगत कई वर्षों से लगातार जमुना कोतमा क्षेत्रीय पत्रकार संघ द्वारा देवर्षि नारद जयंती मनाया जा रहा है। इस आयोजन में जिले एवं संभाग के सभी पत्रकारों को आमंत्रित किया जाता है तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय की पत्रकारिता विभाग की प्राध्यापक एवं संभाग आयुक्त जैसी हस्तियों के उपस्थिति में सभी पत्रकारों का सम्मान एवं नारद पर व्याख्यान आयोजित किया जाता है। कार्यक्रम के अंत में सभी पत्रकारों एवं अतिथियों का सह भोज के साथ कार्यक्रम संपन्न होता है। दिनांक 25 मई 2024 को बंकिम बिहार जमुना कॉलोनी में नारद जयंती मनाया गया इस कार्यक्रम में जबलपुर से पत्रकारों एवं अतिथियों को देने के लिए ट्राफी तथा सम्मान पत्र श्री वर्धमान लॉजिस्टिक्स (ट्रांसपोर्ट )जबलपुर से मंगाया गया जो की 23 मई 2024 को कोतमा उपकर ट्रांसपोर्ट पहुंचने का वादा किया किंतु उपरोक्त कंपनी द्वारा 25 तारीख तक उक्त सामग्री नहीं पहुंचा जिसके चलते कार्यक्रम बिना सम्मान पत्र एवं ट्रॉफी के ही कार्यक्रम संपन्न किया गया। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद जमुना कोतमा क्षेत्रीय पत्रकार संघ के संयोजक भगवान दास मिश्रा द्वारा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग अनूपपुर में शिकायत क्रमांक 15 / 2024 दिनांक 24 अगस्त 2024 को परिवादी द्वारा परिवार धारा 35 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के क्रमांक 35 सन 1919 के आधार पर परिवाद प्रस्तुत किया। परिवाद प्रस्तुत करने में चंदन केवट अध्यक्ष जमुना कोतमा क्षेत्र पत्रकार संघ का साक्षी के रूप में पूरा सहयोग रहा । श्री वर्धमान लॉजिस्टिक्स जबलपुर की ओर से विरोधी पक्षकार अरुण कुमार जैन एडवोकेट अपना पक्ष रखें जबकि परिवादी भगवान दास मिश्रा संयोजक जमुना कोतमा क्षेत्र पत्रकार संघ अपने साक्ष्य एवं पक्ष स्वयं फोरम के सामने प्रस्तुत किया सभी साक्ष्य एवम् प्रमाणो के आधार पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार सोनकर एवं सदस्य राजेंद्र द्विवेदी , सुधा शर्मा द्वारा लिखा गया कि उपरोक्त विवेचना के आधार पर यह परिवाद स्वीकार कर आदेश दिया जाता है कि श्री वर्धमान लॉजिस्टिक्स द्वारा दो माह की अवधि के अंदर मानसिक क्षोभ एवं वाद अदा करें ।
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विद्यालय में नकल में संलिप्त 2 शिक्षक एवं भृत्य निलंबित,एफआईआर करने के दिये निर्देश
अनूपपुर
कलेक्टर हर्षल पंचोली ने 27 फरवरी 2025 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोड़की में नकल सामग्री तैयार किए जाने के वायरल वीडियो में संलिप्त माध्यमिक शिक्षक सुशीला सिंह, प्राथमिक शिक्षक राम सिंह एवं भृत्य शोभित सिंह को निलंबित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि परीक्षा केंद्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोडकी केंद्र क्रमांक-361076 में नकल सामग्री तैयार किए जाने के वायरल वीडियो के संबंध में हायर सेकेंडरी एवं हाई स्कूल परीक्षा 2025 के गठित दल प्रभारी द्वारा 27 फरवरी 2025 को निरीक्षण के समय पाया गया कि माध्यमिक शिक्षक सुशीला सिंह परीक्षा केन्द्र में केंद्राध्यक्ष एवं सहायक केंद्राध्यक्ष के सहयोग के लिए स्थानीय विद्यालयों की ओर से अधिकृत रही हैं। माध्यमिक शिक्षक की प्रथम दृष्टया नकल करने में संलिप्तता पाई गई, जिससे परीक्षा केंद्र की गोपनीयता एवं विश्वसनीयता प्रभावित करने के कारण माध्यमिक शिक्षक को निलंबित किया गया है। इसी तरह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोड़की के भृत्य शोभित सिंह द्वारा प्रश्न पत्र की फोटो कॉपी कर बाहर ले जाने एवं परीक्षा की गोपनीयता एवं विश्वसनीयता प्रभावित करने के कारण थाना अमरकंटक में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(2), 318(4) एवं मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षाएं अधिनियम 1937 की धारा 3 सी/4 के तहत प्राथमिकी दर्ज होने के कारण भृत्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। और इनके खिलाफ एफआईआर करने के निर्देश दिए हैं। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी पुष्पराजगढ़ नियत किया गया है।
इसी प्रकार प्राथमिक शिक्षक राम सिंह परीक्षा केन्द्र में अनाधिकृत रूप से उपस्थित थे। प्राथमिक शिक्षक राम सिंह को निरीक्षण दल प्रभारी के द्वारा बुलाया गया। लेकिन मौके पर उपस्थित नहीं हुए, इससे यह स्पष्ट होता है कि राम सिंह प्राथमिक शिक्षक शासकीय माध्यमिक विद्यालय की संदिग्धता परिलक्षित हो रही है, जिससे परीक्षा की गोपनीयता एवं विश्वसनीयता प्रभावित करने में सहयोग करने के आरोप में राम सिंह प्राथमिक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय शा.उ.मा.वि. लखौरा नियत किया गया है। कलेक्टर ने आदेश में कहा है कि सभी को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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नवयुवती से बलात्कार के मामले में 2 साल से फरार ईनामी आरोपी उड़ीसा से गिरप्तार
अनूपपुर
कोतवाली अनूपपुर द्वारा नाबालिक से बलात्कार के प्रकरण में दो साल से फरार ईनामी आरोपी को सुंदरगढ़, उड़ीसा से गिरप्तार करने में सफलता प्राप्त की है। 5 फरवरी 2023 को थाना कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत निवासी 27 वर्षीय नवयुवती के द्वारा आरोपी आकाश नट निवासी जशपुर छत्तीसगढ़ के द्वारा शादी का झांसा देकर बलात्कार करने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराने पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 265/23 धारा 376,376(2) एन. भारतीय दंड विधान पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। आरोपी आकाश नट पिता रोशन नट उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम शिवपुर थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.) थाना कोतवाली अंतर्गत रिपोर्टकर्ता नव युवती के ग्राम में अपनी रिश्तेदारी में आकर रह रहा था जो नवयुवती को शादी का झांसा देकर बलात्कार करता रहा और पिछले करीब 2 साल से फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर द्वारा 5 हजार नगद इनाम का उदघोषणा आदेश जारी किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर अनूपपुर न्यायालय में पेश किया गया है । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर द्वारा पुलिस टीम को पुरुष्कृत करने की घोषणा की गई है।
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एक-एक हजार में अधीक्षिका ने बेची साइकिल, मामला कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का
शहडोल
जिले के जैतपुर क्षेत्र अंतर्गत भठिया के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का है। सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार खबर सामने आई है कि पिछले साल की साइकिलें जो बची हुई थी उसे भठिया कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की अधीक्षिका के द्वारा एक – एक हजार में बच्चियों को बेच दिया गया है। जिनमें से एक साइकिल कक्षा 7वीं में अध्यनरत छात्रा सरस्वती गोंड नामक बच्ची के पास है।
हालांकि साइकिल बेचने का पूरा मामला जांच के दायरे में आता है। हालांकि है कोई पहला मामला नहीं है इसके पहले भी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की अधीक्षिका के विद्यालय से ऑटो के जरिए साइकिल लोड कर ले जाने का भी मामला सामने आया था। जिस पर बुढ़ार बीआरसी से बात करने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई थी। और आज एक बार फिर पिछले साल की रखी पुरानी साइकिलों को पैसा लेकर बेचने की बात सामने आई है। यदि इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच की जाए तो सारा मामला खुद-ब-खुद साफ हो जाएगा।
बड़ा सवाल यह उठता है कि जिला शिक्षा केंद्र सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भठिया चल रहे भर्रेशाही का जिम्मेदार कौन है। और क्या शासन द्वारा वेतन के जो मापदंड तय किए गए हैं क्या वह उल्लिखित कर्मचारियों को पूरी नहीं पड़ रही है। इसलिए 200 सीटर कस्तूरबा गांधी विद्यालय के संचालन करने वाले लोग व उसकी देखरेख करने वाले खंड समन्वयकों के द्वारा लगातार कहीं ना कहीं कोई ना कोई अनियमितताएं करते रहते हैं। हालांकि यह कोई एक कस्तूरबा गांधी विद्यालय नहीं है जहां पर ऐसा हुआ है। सूत्रों की माने तो जिला शिक्षा केंद्र में बैठे जिम्मेदार व खंड समन्वयकों की आत्मा इन्हीं बालिका विद्यालयों में कैद है। जिसकी कहानी इतनी लंबी है कि लिखते लिखते पन्ने भर जाएंगे लेकिन कहानी कभी समाप्त नहीं होगी। जो कि हमने इसके पूर्व भी शासन – प्रशासन के समक्ष इनका कच्चा – चिट्ठा निकल चुके है।
*इनका कहना है*
आपको जानकारी किसने दी है साइकिल बेचने की नौबत अभी नहीं आई है। हां साइकिल रखी होगी यह बात मैं आपकी मान सकता हूं। जो भी मामला है मेरे संज्ञान में नहीं है आप मुझे पूरी जानकारी दे दीजिए मैं उसको दिखवाता हूं।
*अमरनाथ सिंह ( जिला समन्वयक) जिला शिक्षा केंद्र सर्व शिक्षा अभियान जिला शहडोल*
आप प्रमाणित कर दीजिए मैं कार्यवाही करवा दूंगा। यदि ऐसा है तो कार्रवाई जरूर होगी मैं जांच करवाऊंगा।*
*सीताराम दुबे ( खंड समन्वयक) जनपद शिक्षा केंद्र बुढार सर्व शिक्षा अभियान जिला शहडोल*
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संकल्प महाविद्यालय में 9 वें रोजगार मेले का हुआ सफल आयोजन*
अनूपपुर
संकल्प महाविद्यालय में 9वें रोजगार मेले का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन से अनूपपुर जिला न्यायालय के न्यायायिक दंड अधिकारी विनोद वर्मा एवं विधिक सेवा अधिकारी दिलावर सिंह द्वारा की गई। प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी महाविद्यालय द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय कंपनियों एवं हॉस्पिटल को रोजगार मेले में आमंत्रित किया। जिसमें से 25 संस्थाओं ने अपनी सहभागिता दी। जिसमें कंपनियों एवं हॉस्पिटल द्वारा 200 से अधिक युवाओं का नाम संक्षिप्त सूची में लिया। रोजगार मेले में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्य के विद्यार्थियों ने भाग लिया। संकल्प महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ सामाजिक तत्वों से अवगत कराना व उन्हें भविष्य में रोजगार के अच्छे अवसर उपलब्ध कराने का सदैव ही कार्य किया जाता रहा है।
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पैरामेडिकल के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों का प्रारंभ हुआ में क्लिनिकल प्रशिक्षण
अनूपपुर
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए अनूपपुर नगर में संचालित पंडित राम गोपाल तिवारी महाविद्यालय के विद्यार्थियों का क्लीनिकल प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को महाविद्यालय से महाविद्यालय के बस के माध्यम से जिला चिकित्सालय अनूपपुर में पहुंचाया गया, विद्यार्थियों को जिला चिकित्सालय अनूपपुर अनुशासित ढंग से जहाँ जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर रामरती पाटकर ने अस्पताल में प्रतिदिन किए जाने वाले कार्य और कार्य के दौरान अनुसरण किए जाने वाले अनुशासन और अस्पताल के विषय में अवगत कराया। जिला चिकित्सालय के प्रमुख द्वार के सामने बहुत ही अनुशासित ढंग से विद्यार्थियों को अस्पताल और मरीज के प्रति उनके दायित्वों, कर्तव्यों और अनुशासन के विषय में बताया गया तत्पश्चात विद्यार्थी को विविध वार्डों में जाकर के वार्ड और वार्ड के मरीजों से मिलाया गया। तत्पश्चात विद्यार्थी का क्लीनिकल प्रशिक्षण प्रारम्भ हुआ। विद्यार्थियों के सहयोग के लिए आज महाविद्यालय के प्राध्यापक अशोक मिश्रा , प्रबंधक विजय तिवारी अस्पताल में रहे।
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भारत में बढ़ती शिक्षित बेरोजगारी का संकट "The Educated Struggle" पुस्तक- अजय मिश्रा
अनूपपुर
अजय मिश्रा की The Educated Struggle भारत में बढ़ती शिक्षित बेरोजगारी के संकट पर प्रकाश डालती है। पुस्तक के अनुसार, उच्च शिक्षा में राजनीतिक हस्तक्षेप, भ्रष्टाचार, पुरानी शिक्षण पद्धतियाँ और उद्योगों की आवश्यकताओं से मेल न खाने वाली डिग्रियाँ इस समस्या के प्रमुख कारण हैं। भारत में युवाओं की संख्या बहुत अधिक है, लेकिन वर्तमान शिक्षा प्रणाली उन्हें रोजगार के लिए तैयार नहीं कर पा रही है, जिससे आर्थिक और सामाजिक संकट पैदा हो रहा है। मुख्य विषय एवं प्रमुख मुद्दे इस प्रकार है।
*शिक्षित बेरोजगारी संकट*
समस्या की गंभीरता: भारत में 18-37 वर्ष के 37 करोड़ से अधिक युवा रोजगार की तलाश में संघर्ष कर रहे हैं। डिग्री बनाम वास्तविकता: इंजीनियरिंग, एमबीए जैसी उच्च डिग्रियाँ प्राप्त करने के बावजूद लाखों युवा बेरोजगार हैं और सरकार की मुफ्त राशन जैसी योजनाओं पर निर्भर हैं। मनोवैज्ञानिक और सामाजिक प्रभाव: बेरोजगारी के कारण अवसाद, शहरों की ओर पलायन, कम वेतन वाली नौकरियाँ, विवाह में देरी और युवाओं में बढ़ता आक्रोश देखने को मिल रहा है।
*शिक्षित बेरोजगारी के मूल कारण*
उच्च शिक्षा में राजनीतिक हस्तक्षेप से विश्वविद्यालयों के कुलपति और प्रशासकों की नियुक्ति राजनीति से प्रभावित होती है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता गिरती जा रही है। पुरानी और अप्रासंगिक शिक्षा प्रणाली से भारतीय शिक्षा प्रणाली अभी भी रटने पर आधारित है, जबकि उद्योगों को व्यावहारिक कौशल की जरूरत है। डिग्रियों और नौकरी की आवश्यकताओं के बीच तालमेल की कमी। शिक्षा का भ्रम से डिग्रियों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन उनकी गुणवत्ता और मूल्य में गिरावट हो रही है।/राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो पाया, जिससे सुधार केवल सतही स्तर पर रह गए।
*समाधान के सुझाव*
योग्यता आधारित विश्वविद्यालय प्रशासन को विश्वविद्यालयों के नेतृत्व को पारदर्शी और राजनीति-मुक्त बनाया जाए। NEP 2020 का सही क्रियान्वयन से पढ़ाई में व्यावहारिक कौशल, उद्यमिता (एंटरप्रेन्योरशिप) और स्थानीय संसाधनों पर ध्यान दिया जाए। शिक्षा और उद्योगों के बीच समन्वय से छात्रों को प्रशिक्षित करने के लिए कंपनियों और विश्वविद्यालयों के बीच मजबूत भागीदारी हो। स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा से शिक्षा को नौकरी ढूंढने के बजाय नौकरी देने की दिशा में मोड़ा जाए और स्टार्टअप व कौशल विकास को प्रोत्साहित किया जाए।
*पुस्तक का मुख्य संदेश*
यह पुस्तक हमें सोचने पर मजबूर करती है कि शिक्षा केवल डिग्री लेने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें कौशल, नवाचार और आत्मनिर्भरता विकसित करनी चाहिए। लेखक का मानना है कि जब तक भारत में शिक्षा प्रणाली, सरकारी नीतियों और उद्योगों के बीच समन्वय नहीं होगा, तब तक युवाओं के लिए रोजगार का संकट बना रहेगा। अगर इन सुधारों को समय पर लागू नहीं किया गया, तो भारत अपनी जनसंख्या लाभ को अवसर में बदलने के बजाय एक बड़े संकट का सामना करेगा।
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पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में 1500 परीक्षार्थी हुए शामिल, 35 विभागों में हुई प्रवेश परीक्षा
अनूपपुर
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक में प्र.कुलपति प्रो.ब्योमकेश त्रिपाठी के दिशा निर्देशन में पीएचडी की प्रवेश परीक्षा सफलता पूर्वक संपन्न हुई।इस प्रवेश परीक्षा से छात्रों में हर्ष का माहौल था।देश भर से लगभग 1500 से अधिक परीक्षार्थियों ने प्रवेश परीक्षा में भाग लिया। लगभग पचास प्रतिशत से ज्यादा स्थानीय परीक्षार्थीयो ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा में भाग लिया। विश्व विद्यालय ने चाक चौबंद व्यवस्था की थी। विश्वविद्यालय में कई वर्षों के बाद पीएचडी की प्रवेश परीक्षा हुई। प्रो ब्योमकेश त्रिपाठी ने कुलपति का प्रभार लेते हुए अकादमिक उन्नयन एवं शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखते हुए विश्व विद्यालय ने सबसे पहले पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने पर जोर दिया था। परिणाम स्वरूप जनजातीय क्षेत्र को इसमें सहभागिता का विशेष लाभ प्राप्त हुआ। प्र.कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में शोध कार्य की गति किसी भी संस्था की अकादमिक उन्नति की रीढ़ होती है।परीक्षा कोडिनेटर प्रो भूमिनाथ त्रिपाठी ने दल के साथ प्रवेश परीक्षा का सफल संचालन करते हुए जिस भी विभाग में परीक्षा हो रही थी वहां का गहन निरीक्षण किया। प्रवेश परीक्षा तीन पाली में हुई। विश्वविद्यालय छात्रों की सहजता हेतू विभिन्न स्थानों पर एनसीसी एनएसएस एवं वालंटियर को नियुक्त किया गया।साथ ही परीक्षार्थियों को विश्व विद्यालय द्वारा जलपान की भी पूरी व्यवस्था की गई। पर्यवेक्षक प्रो.रंजू हंसिनी साहू सिंह, प्रोफेसर नवीन शर्मा, प्रोफेसर विकास सिंह इत्यादि ने पूरे दिवस विश्व विद्यालय के विभिन्न विभागों में आयोजित की जा रही प्रवेश परीक्षा पर निरंतर दौरा कर सतत निगरानी बनाए रखी। इस दौरान सभी विभागों के डीन और विभागाध्यक्ष एवं संबंधित शिक्षक परीक्षा के दौरान उपस्थित रहे।
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स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत, युवा टीम ने तालाब में चलाया स्वच्छता अभियान दिया संदेश
उमरिया
कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन एवं जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के मार्गदर्शन पर युवा टीम उमरिया के द्वारा स्वच्छता अभियान को ध्यान देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।इसके तहत तालाब में पड़े कचरे, प्लास्टिक, कीचड़ निकालकर साफ सफाई की गई। जिसमें तालाबों से कचरा पन्नी या आदि वस्तुएं निकालकर तालाब को स्वच्छ और सुंदर बनाने का कार्य किया जा रहा है।
पर्यावरण मित्र हिमांशू तिवारी ने जानकारी देते हुए कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत युवा टीम उमरिया के द्वारा 1 सप्ताह तक ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा । उन्होंने कहा कि टीमों का विभाजन कर दिया गया है अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों में युवा टीम उमरिया के सदस्यगण स्वच्छता अभियान चलाएंगे जिसमें तालाबों कुआँ को स्वच्छ करने का कार्य किया जाएगा।उन्होंने कहा कि आसपास जमा गंदगी से कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। स्वच्छता अपनाकर कई संक्रमणों से बच सकते हैं। स्वच्छता से अच्छे स्वास्थ्य के साथ हमें साफ वातावरण भी मिलता है। जिससे तन और मन प्रफुल्लित होता है। इसलिए, सभी को आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में सहयोग करना चाहिए।
खुशी सेन ने कहा कि सभी को अपने आसपास सफाई अभियान चलाना चाहिए, ताकि हम अपने आप को स्वच्छ और स्वस्थ रख सकें। आज के समय में जो भी बीमारियां पैदा हो रही हैं वह सिर्फ सफाई करने के कारण हो रही है। उन्होंने कहा कि बहुत सा पैसा हमारा इन बीमारियों में लग जाता है, लेकिन इसके बावजूद भी लोग समझ नहीं रहे कि सफाई इंसान के जीवन के लिए कितनी जरूरी है जो उनको अनेक बीमारियों से बचा सकती है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि वे सफाई के महत्व को समझें और उसे अपने जीवन में एक आदत की तरह अपनाएं। अंत में सभी सदस्यों ने अपने आसपास सफाई करने की शपथ ली।