एक हाथी किसानों की फसल चौपट कर जिले में मचा रहा है उत्पात, दो हाथी सीमा में कभी भी कर सकते हैं प्रवेश
*प्रशासन एलर्ट रहने की दी सलाह*
अनूपपुर
हाथी विगत 10 दिनों से अनूपपुर जिले के जैतहरी एवं अनूपपुर तहसील,वन परिक्षेत्र एवं थाना क्षेत्र में निरंतर विचरण कर रहा है वही दो नए हाथी शनिवार की सुबह मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी तहसील अंतर्गत चोलना गांव से लगे छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा मरवाही क्षेत्र में पहुंचकर विश्राम कर रहा है जिसके देर रात चोलना गांव में प्रवेश करने की संभावना बन रही है,ग्रामीणों द्वारा पूरी रात अपने इलाके से हाथियों को दूर करने में लग रहे हैं, हाथी द्वारा शाम से पूरी रात ग्रामीणों के खेतों में लगी विभिन्न तरह की फसलों को अपना आहार बनाता रहा।
अनूपपुर जिला अंतर्गत जैतहरी एवं अनूपपुर तहसील,वन परिक्षेत्र एवं थाना क्षेत्र निरंतर विचरण कर रहा है जो दिन होते ही जंगलों में प्रवेश कर दिन भर विश्राम करने बाद शाम होते ही आहार की तलाश में जंगल से निकल कर 8 से 10 किलोमीटर की दूरी के मध्य स्थित विभिन्न ग्रामों में पहुंचकर ग्रामीणों के खेतों में लगी विभिन्न तरह की फसलों को अपना आहार बनाते हुए सुबह होने पर फिर से जंगल में विश्राम करने चला जा जाता है, एक दांत वाला नर हाथी गोबरी के जंगल में ठहरने बाद शाम 4 बजे जैतहरी-राजेंद्रगाम का मुख्य मार्ग को ठाकुर बाबा के पास से पार करते हुए जंगल में स्थित गोबरार नाला में पानी पीने एवं नहाने बाद शाम 5 बजे फिर से जैतहरी-राजेन्दगाम मुख्य मार्ग पर डिईयो राड के पास से पार मुख्य मार्ग में चलता हुआ गोबरी के जंगल में जाने बाद ठाकुरबाबा के पास स्थित सुखीलाल राठौर के खेत में लगी गेहूं की फसल को देर रात तक फसलों को खाते हुए शनिवार की सुबह बांका से भदराखार होकर फिर से गोबरी मे सुखीलाल राठौर के खेत में लगी गेहूं की फसल को खाता हुआ गोबरी के जंगल में जाकर ठहरा हुआ है, वही दो नए मेहमान हाथी शुक्रवार की शाम,रात वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र मरवाही के मालाकोट के जंगल में दिनभर ठहरने बाद देर रात चलते हुए शनिवार की सुबह शिवनी बीट के अंतर्गत ग्राम मालाडांड,करहनी के जंगल 2085 में पहुंचकर विश्राम कर रहा है, यह क्षेत्र मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला अंतर्गत जैतहरी तहसील एवं वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत चोलना की सीमा से 500 मीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे दोनों हाथियों के शनिवार की देर रात तक चोलना गांव में प्रवेश करने की संभावना बन रही है, वनविभाग के अधिकारी/कर्मचारी हाथी के निरंतर विचरण पर निगरानी करते हुए ग्रामीणों को सचेत एवं सतर्क कर रहे हैं वही हाथी वनविभाग की टीम एवं ग्रामीणों को चकमा देते हुए नए-नए स्थान पर जाकर विचरण कर रहा है।