समस्या हल नही हुआ तो कोयला खदान करेंगे बंद, प्रभावित किसान उप मुख्यमंत्री को सौपा ज्ञापन
शहड़ोल
रामपुर के किसानों की एक टीम जिला के प्रवास पर आए उपमुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला जिले के दौरे पर अल्प प्रवास में बुढार पहुंचे, रामपुर के किसानों को खबर लगी वैसे ही अपनी पीड़ा को अपने प्रभारी मंत्री तक पहुंचाने हेतु बुढार पहुंचकर रामपुर बटुरा खुली खदान परियोजना के प्रभावित किसानों ने 2016 से रामपुर, बेलिया बड़ी, कोडयली, अतरिया, बिछिया, खैरबना, एवं अन्य गांव चींटी की चाल किसानों के विस्थापन मुआवजा और रोजगार को लेकर एसईसीएल एवं सहयोगी जिला प्रशासन के द्वारा की जा रही है, जबकि उद्योग को लेकर कोल मंत्रालय सोहागपुर रामपुर और जिला प्रशासन कोयले को खनन तेजी से कैसे कर रहे है, जबकि पॉलिसी में साफ दर्ज है कि जब तक किसानों के विस्थापन की कार्यवाही पूर्ण नहीं होगी तब तक खदान को संचालित नहीं किया जाएगा, लेकिन यहां पर अंधेर नगरी चौपट राजा टके सेर भाजी टके शेर खाजा की कहावत चरितार्थ हो रही है, रामपुर के किसानों के आश्रित को अलग-अलग जगह रोजगार में भेज दिया गया है, रहने के लिए कमरा और ना कोई सुविधा उन्हें मुहैया कराया गया है, उनके माता-पिता बुजुर्ग रामपुर में खदान के प्रदूषण का शिकार होते चले जा रहे हैं, ऐसी स्थिति में किसानों के द्वारा उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला से पुनर्वास पुनर्स्थापना पर संपत्ति की समस्त प्रकार के मुआवजा और रोजगार के कार्यवाही के साथ आश्रितों की समस्या पर ज्ञापन सौपा। किसानों ने मांग की खुली खदान परियोजना से प्रभावित होने के कारण खुली खदान भेजा जाए, हमारे किसानों के समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाए, अन्यथा किसान मजबूर होकर सड़क पर उतरेंगे और जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा खदान को अनिश्चितकालीन के लिए बंद करेंगे, ज्ञापन में उपस्थित मुख्य रूप से जनपद सदस्य चंद्र कुमार तिवारी, पूर्व सरपंच झोले बैगा, सांसद प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ साथी राजकमल मिश्रा, आनंद त्रिपाठी, उप सरपंच राजाराम पूर्व जनपद सदस्य नेमसाय राठौर, दिलीप पांडे, राजेश सोनी, वेद प्रकाश,सामाजिक कार्यकर्ता एवं किसान नेता भूपेश शर्मा सहित अन्य ग्रामीण की उपस्थिति रही। उपमुख्यमंत्री के द्वारा अस्वस्थ कराया गया की जिला कलेक्टर से इस संदर्भ में बात करेंगे।