CMHO आर के बर्मा को हटाने सहित 8 सूत्रीय मांगों को लेकर शिवसेना ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
*मांगे पूरी नही हुई तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने सड़क पर करेंगे प्रदर्शन*
अनूपपुर
शिवसेना ने सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि कुछ दिनों पूर्व देवशरण सिंह जी एवं दीपक पटेल जी के द्वारा अनूपपुर कलेक्टर को कोतमा सामुदायिक स्वस्थ केंद्र की अव्यवस्थाओं की निम्नलिखित 07 मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन सौंपने के ब महीने भर बीत जाने के बाद भी प्रशासन के द्वारा इन सभी मांगो को पूरा ना किए जाने पर देवशरण सिंह जी एवं दीपक पटेल जी आमरण अनशन में बैठने को मजबूर हुए हैं जो कि प्रशासन द्वारा बीमारी का बहाना बता कर आमरण अनशन समाप्त करवाकर देवशरण सिंह जी एवं दीपक पटेल जी को जबरन अनूपपुर चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जो कि जिले की प्रशासन व्यवस्था की कमी को पूरी तरीके से दर्शाता है जिसका शिवसेना कड़ा विरोध करती है ।
8 मांगे इस प्रकार से हैं। सीएचएमओ आरके वर्मा के अनूपपुर में पदभार संभालने के बाद अनूपपुर की स्वास्थ व्यवस्था पूरी तरीके से बदतर हो गई है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा के साथ जिले की स्वास्थ व्यवस्था को ठीक करने के लिए सीएमएचओ आरके वर्मा का अनूपपुर जिले से स्थानांतरित किया जाए।कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला और पुरुष डॉक्टरों का अभाव है, जिसके कारण मरीजों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी रेफर कर दिया जाता है। एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण मरीजों को रेफर किए जाने पर कई घंटे इंतजार करना पड़ता है और कभी-कभी रेफर किए गए स्थान तक पहुंचने से पहले मरीज की मृत्यु हो जाती है। शासन द्वारा दी गई दवाइयों की कमी है, जिसके कारण मरीजों को दर-दर भटकना पड़ता है। जांच संबंधी मशीनरी उपकरण होने के बावजूद भी मरीजों की पूर्णता जांच नहीं की जाती है और मरीजों को जांच हेतु बाहर भेज दिया जाता है। साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण गंदगी का अंबार लगा रहता है। शासन द्वारा कायाकल्प योजना के तहत दी गई राशि का दुरुपयोग किया गया है, जिसके कारण अस्पताल में कोई सुधार नहीं हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कमी है, जैसे कि टीवी, कूलर, एसी, फैन, हिटर इत्यादि।
*समस्याओं के समाधान के लिए निम्नलिखित मांगें*
सीएचएमओ आर के वर्मा का अनूपपुर जिले से स्थानांतरित किया जाए। महिला और पुरुष डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए। एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए। दवाइयों की कमी को पूरा किया जाए। जांच संबंधी मशीनरी उपकरणों का उपयोग किया जाए। साफ-सफाई की व्यवस्था की जाए। कायाकल्प योजना के तहत दी गई राशि का सही उपयोग किया जाए। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कमी को पूरा किया जाए।
शिवसेना ने चार दिनों के भीतर उक्त 08 मांगे को पूरा करने की बात कही है अन्यथा शिवसेना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा के सामने सड़क पर प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
Post a Comment
Click to see the code!
To insert emoticon you must added at least one space before the code.