पार्क का निर्माण जंगल की भूमि में नहीं राजस्व और निजीभूमि में हो रहा है- नपा अध्यक्ष रामअवध सिंह
*पंचनामा से पूर्णतया हुआ स्पष्ट, जमुना कोतमा की अधिग्रहीत भूमि में हो रहा पार्क का निर्माण*
अनूपपुर
नगर पालिका परिषद पसान के द्वारा विकास कार्य के नाम पर नगरपालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 16 हनुमान दफ़ाई में बने आंगनवाड़ी भवन के ठीक बगल में ही पार्क का निर्माण कराया जा रहा था। कुछ लोगों द्वारा उक्त भूमि जिस पर पार्क का निर्माण हो रहा है, उसे वनभूमि बताते हुए उक्त निर्माण कार्य को भी अवैध बताकर उसकी शिकायत वन विभाग के उच्च अधिकारियों से की गई जिस पर वन विभाग द्वारा संज्ञान लेते हुए उक्त निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई।
वन और राजस्व विभाग ने दिया संयुक्त स्थल निरीक्षण पंचनामा उक्त मामले में शिकायत के उपरांत वन विभाग तथा राजस्व विभाग से हल्का पटवारी द्वारा उक्त निर्माण स्थल पर उपस्थित होकर संयुक्त पंचनामा तैयार किया गया जिसमें उन्होंने लेख किया कि दिनांक 17.03.2025 को पटवारी हल्का पसान बीटगार्ड सकोला, परिक्षेत्र सहायक लतार की उपस्थिति में राजस्व एवं वन का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मौके पर जहां पार्क बना है जिसकी लंबाई 55 ङ्ग 60 मी.-0.330 हेक्टेयर है, जो कि एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र की अधिग्रहीत भूमि है, जो कि मोबाइल ऐप से देखने पर पाया गया कि उक्त भूमि ग्राम पसान की आराजी खसरा नंबर 1235 के अंदर स्थित है।
नगरपालिका पसान द्वारा जिस भूमि पर पार्क का निर्माण कार्य किया जा रहा है उसे कुछ लोगों के द्वारा वनभूमि बताया जा रहा है। साथ ही वन विभाग तथा राजस्व विभाग के हल्का पटवारी द्वारा किए गए संयुक्त निरीक्षण में उसे एसईसीएल द्वारा अधिग्रहीत भूमि बताते हुए ग्राम पसान की आराजी खसरा नंबर 1235 के अंदर स्थित होना बताया है। वही वन विभाग के लतार परिक्षेत्र सहायक विनोद मिश्रा से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि जिस भूमि पर पार्क का निर्माण कार्य हो रहा है, उसकी पैच वन भूमि से कटी हुई है, जिससे वह वन भूमि में नहीं आ रहा है। तो वही दूसरी ओर राजस्व विभाग भी गोलमोल बाते करते हुए उक्त निर्माण स्थल को अपनी राजस्व भूमि मानने में आनाकानी करता हुआ दिखाई दे रहा है। तो फिर भला यह निश्चित कैसे हो कि वास्तविक में उक्त भूमि आखिर है किसकी।
उक्त मामले में जब पसान नगरपालिका के अध्यक्ष रामअवध सिंह से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उक्त मामले में वन विभाग तथा राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा उपस्थित होकर मौके पर निरीक्षण किया गया है, ठीक निर्माण स्थल के बगल में आंगनवाड़ी बनी हुई है। साथ ही दो लोगों को उक्त आराजी खसरा नंबर का पट्टा भी मिला हुआ है। उक्त पार्क का निर्माण अमृत 2.0 योजना के तहत लगभग 31 लाख 35 हजार की लागत से बच्चों के लिए बनाया जा रहा है, साथ ही पार्क का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा भी हो चुका है। साथ ही पसान नगरपालिका अध्यक्ष रामअवध सिंह के द्वारा कुछ असामाजिक तत्वों पर ऊल जलूल पैसों की मांग करते हुए उन्हें और नगरपालिका परिषद को ब्लैकमेल किए जाने की भी बात कही।