हाथी का कहर जारी पूरी रात तोडे 5 घर, दूसरा हाथी पहुचा छत्तीसगढ़ के मरवाही में
अनूपपुर
एक हाथी द्वारा शनिवार एवं रविवार के मध्य राज्य रात्रि विचरण दौरान पांच घरों में तोड़फोड़ कर घरों के अंदर रखे सामग्रियों को अपना आहार बनाते हुए रविवार की सुबह तीसरे दिन धनगवां के जंगल में जाकर ठहरा हुआ है, वही इस हाथी का एक अन्य साथी हाथी विगत रात 20 से 25 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परिक्षेत्र में पहुंचा है, जिसके इस हाथी से एक बार फिर से मिलने की संभावना बन रही है। वन परिक्षेत्र,थाना एवं तहसील जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत क्योंटार की कुशुमहाई के जंगल बीट धनगवां में सुबह होते ही पहुंचकर दिनभर ठहरने बाद देर रात होने पर जंगल से निकल कर ग्राम पंचायत के क्योटार के कुसुमहाई के पाडाडोल टोला जो जंगल से लगा है, दूसरे दिन चौरसिया बाई बैगा,भवन सिंह के घर को तोड़फोड़ करते हुए झंडीटोला में रामरति सिंह ,बाल सिंह के साथ क्योटार के पटौराटोला में गजरूप सिंह के घर को तोड़फोड़ कर घर के अंदर एवं बाहर रखे तथा बांड़ी में लगे केला एवं अन्य सामग्रियों को अपना आहार बनाते हुए रविवार की सुबह फिर से तीसरे दिन धनगवां बीट के जंगल में पहुंचकर दिनभर ठहरा हुआ है, वही इस हाथी का एक अन्य साथी जो छत्तीसगढ़ राज्य के कटघोरा स्थित अपने 40 से अधिक हाथियों के समूह में कई दिनों से सम्मिलित रहा, अचानक कटघोरा वन मंडल से पसान वन परिक्षेत्र से मरवाही वन परिक्षेत्र के मालाकोट,मरवाही होते हुए 20-25 कि,मी, की दूरी तय करते हुए रविवार की सुबह मरवाही के घुसरिया के जंगल कक्ष क्रमांक 2051 में पहुंचकर ठहरा हुआ है, जिसके भी जल्द ही अनूपपुर जिले में आकर अपने इस साथी के साथ मिलकर विचरण करने की संभावना बन रही है, एक हाथी के रात भर विचरण करने के कारण कई गांव के ग्रामीण भयभीत एवं परेशान रहकर रात भर जागरण करने को बाध्य रहे हैं, जबकि हाथी को आबादी क्षेत्र से बाहर किए जाने हेतु वन विभाग एवं ग्रामीणों ने अनेकों तरह के उपाय अपनाएं, लेकिन इस हाथी को किसी भी तरह के उपाय का फर्क नहीं पड़ा वह अपनी मस्ती से ही घरों को तोड़ते हुए अनाजों को खाता रहा।