समाचार 01 फ़ोटो 01

नगर परिषद में षडयंत्र पूर्वक किये गए संविलियन भर्ती के विरोध में मस्टर कर्मचारीयो ने खोला मोर्चा

*अपने हक के लिए हर संभव प्रयास करेंगे मस्टर कर्मचारी*

अनूपपुर

जिले के कोयलांचल क्षेत्र की नवगठित नगर परिषद डोला, बनगांव, और डूमर कछार में कूट रचना करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कर संविलियन भर्ती घोटाला किया गया था। जिस पर कोर्ट द्वारा कुछ कर्मचारियों को उनका वेतन देने के फैसला के बाद अब फिर क्षेत्र चर्चा में आ गया है। नगर परिषदों में एक अलग सा माहौल उत्पन्न हो गया है साथ ही डोला,बंनगवा, डुमरकछार परिषद के मास्टर कर्मचारी और फर्जी भर्ती हुए संविलियन कर्मचारी आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं जहां अब मास्टर कर्मचारी भी संविलियन भर्ती के खिलाफ कोर्ट का रास्ता अपना चुके हैं। नाम न छापने पर मास्टर कर्मचारीयों द्वारा बताया गया कि देश पर आई कोरोना जैसे महामारी के दौरान हम सभी मास्टर कर्मचारी अपनी जान जोखम में डालकर शासन प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस महामारी से लगातार जूझ रहे थे जिसके लिए कई बार हमारे मास्टर कर्मचारी भाइयों के भी स्वास्थ्य पर असर पड़ा था लेकिन अब देखा जा रहा है कि कई ऐसे चेहरे जो फर्जी तरीके से संविलियन भर्ती किए गए थे उनके द्वारा अलग-अलग नगर परिषदों में आकर ठिहा जमाया जा रहा है जबकि वास्तव में तो जिन कर्मचारियों का सम्मेलन किया गया है वह कर्मचारी हमारे नगर परिषद क्षेत्र के है ही नहीं कई ऐसे कर्मचारी जो हमारे नगर से भर्ती किए गए थे जो हमारे साथ बराबर कोरोना जैसे महामारी के समय में कार्यरत थे। 

*घर पर बैठकर दी सेवा*

अक्सर देखा जाता रहा है  कि कोरोना कल के समय नगर में मस्टर कर्मचारी व लोकल के कुछ संविलियन किए गए कर्मचारी ही नगर को स्वच्छ व स्वस्थ रखने के लिए दिन रात अपनी सेवा दे रहे थे लेकिन वही जो घर पर बैठे हुए थे और आराम की जिंदगी काट रहे थे ऐसे लोगों को भी मेवा मिलेगा ये सोच से परे था। मास्टर कर्मचारी लगातार क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे थे इस सविलियन में कई ऐसी महिलाएं शामिल है जो फर्जी सिविलियन में कूट दस्तावेज तैयार कर भरती की गई है जिन्हें यहां की जनता जनार्दन भी पहचानने से इनकार कर रही है।

*नगर में युवा बेरोजगार मगर अन्य को मिला रोजगार*

फर्जी तरीके से किए गए सविलियन भर्ती कर्मचारी जिनके नगर में आते ही नगर का माहौल काफी खराब हो रहा है साथ ही चौक चौराहों पर हर जगह जन चर्चा चल रही की नगर में इतने कर्मचारियों का भर्ती किया गया और नगर की जनता को भनक तक नहीं लगी। हमारे नगर के कई बेरोजगार युवा जो आज भी रोजगार के लिए दर-दर की ठोकर खा रहे हैं व कई अन्य राज्यों में जाकर नौकरी कर भी रहे हैं।

*पंचायत में 50 से 60 कर्मचारी होते थे पदस्थ*

नगर के बेरोजगार युवाओं का कहना हैं कि हमारे नगर में तीन ग्राम पंचायत को नगर परिषद का दर्जा देश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वर्ष 2016/17 में सौगात के रूप में दी गई थी जहां पर ग्राम पंचायत में कार्य करने वाले कर्मचारियों को नगर परिषद में सम्मिलित किया जाना था लेकिन देखा जा रहा है कि देश में शायद यह तीन ग्राम पंचायत रही होगी जहां पर 50 से 60 कर्मचारी ग्राम पंचायत में कार्य कर रहे थे।

*शुरू हुई थी फर्जी भर्ती संविलियन की प्रक्रिया*

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के घोषणा के बाद ही इस पूरी फर्जी भर्ती संविलियन की प्रक्रिया चालू की गई जहां पर नगर के बेरोजगार युवाओं को दरकिनार करते हुए पड़ोसी राज्य व अन्य जिले के लोगों को इस फर्जी भर्ती संविलियन में सम्मिलित किया गया नगर के युवाओं की मांग है कि जिन कर्मचारियों को इस फर्जी भर्ती संविलियन में सम्मिलित किया गया है उन सभी लोगों का माननीय मुख्यमंत्री जी के घोषणा के दो वर्ष पूर्व उनके निर्वाचन आयोग पत्र आधार कार्ड व अन्य कई दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाए जिससे पूरी तरह से किए गए भ्रष्टाचार का पता चल जाएगा कि आखिरकार हमारे नगर के निवासी हैं या नहीं। अब देखना है की शाशन इस इस पुरे मामले में क्या पहल करती है।

इनका कहना है।

डोला ग्राम पंचायत में सचिव के अलावा अन्य 8 दैनिक कर्मचारी थे पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम पंचायत को नगर परिषद का दर्जा प्राप्त होने पर अन्य जिनकी भी भर्ती संविलियन में की गई हैं वो सचिव ही बता सकते हैं कैसे की गई हैं।

*रविशंकर तिवारी,उपाध्यक्ष नगर परिषद, डोला*

हमारे यहां ग्राम पंचायत में 11 कर्मचारी कार्य कर रहे थे, नगर परिषद में इन्हीं 11 लोगों को शामिल किया जाना था, 71 कैसे हुए शामिल सचिव सहित अन्य अधिकारी ही बता सकते हैं।

*चैन सिंह परस्ते,मुख्य नगर परिषद अधिकारी, बंनगवा*

यह पूरा मामला न्यायालय के अधीन में है, समय-समय पर न्यायालय द्वारा जो भी आदेश आते हैं उसे पर कार्य किया जा रहा है।

 *डॉ. सुनील कुमार चौरसिया, अध्यक्ष, नगर परिषद डूमर कछार*

समाचार 02 फ़ोटो 02

जुआं खेलते भाजपा पार्षद गिरफ्तार, अवैध रेत परिवहन व अवैध शराब मामले में पुलिस ने की कार्यवाही

*ट्रैक्टर ट्रॉली, 36 लीटर अवैध शराब जप्त, 2 जुआड़ी गिरफ्तार*

अनूपपुर

अवैध शराब बिक्री करने वालो के खिलाफ छापामार कार्यवाही कर मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए ग्राम बरबसपुर मेंन रोड में घेराबंदी कर एक मोटर सायकल होंडा CG 31 B 8278 में बैठकर आरोपी देव केवट पिता गोविंद प्रसाद केवट उम्र 20 वर्ष निवासी मलगा थाना रामनगर एवं शिवशंकर केवट पिता लक्ष्मण प्रसाद केवट उम्र 21 वर्ष निवासी मलगा थाना रामनगर जिला अनूपपुर के झोला एवं कार्टुन व कार्टुन मे देशी अंग्रेजी शराब कुल 22 लीटर कुल कीमती 11740 रूपये की अवैध शराब जैतहरी से मलगा लेकर जा रहे थे, जिन्हे रोक कर उक्त शराब के बारे में आरोपी देव केवट पूछताछ में बताया कि संतोष रजक पिता मनिराम रजक निवासी मलगा के कहने पर अपनी गाडी देकर उक्त शराब को जैतहरी से मलगा बिक्री करने हेतु ले जाना बताया, जिससे उक्त शराब व मोटर सायकल होंडा कीमती 1 लाख रुपये को मौके पर जप्त किया गया जिस पर अपराध क्रमांक 144/2025 धारा 34ए आबकारी एक्ट एवं 49 बीएनएस का कायम कर विवेचना में लिया गया है ।  दूसरे मामले में मंदिर के पास ठिहाई टोला भालूमाडा में घेराबंदी रेड कार्यवाही कर आरोपी गेंदलाल केवट पिता स्व. गोरेलाल केवट उम्र 39 साल निवासी भेड़वाटोला के मोटर सायकल को रोक कर चेक करने पर अंग्रेजी शऱाब 14.400 लीटर कुल कीमती 20,640/- रुपये की अवैध शराब रखे मिला, जिससे उक्त शराब एवं एक लाल काले रंग का बिना नंबर की मोटर साईकिल कीमत 30 हजार रुपये जप्त कर अपराध क्रमांक 145/2025 धारा 34ए आबकारी एक्ट का कायम कर विवेचना में लिया गय है । कुल दो प्रकरण में 36.400 लीटर अवैध देशी एवं अंग्रेजी शराब कुल कीमती 32380 रुपये एवं दो अदद मोटर सायकल जप्त किया गया है ।                   

बाडीखार के जंगल में घेराबंदी कर छापामार कार्यवाही किया गया तो जुआड़ी 52 ताश के पत्तो पर रुपयो पैसो से हार- जीत का दाव लगाकर जुआ खेल रहे थे, जिन्हे पुलिस टीम की मदद से आरोपी मनोज कुमार पिता अमरनाथ दीक्षित उम्र 60 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 18 सुन्दर नगरी भालूमाडा व सुशील कुमार उर्फ चुन्ना पिता शेषमणि तिवारी उम्र 46 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 18 सुन्दर नगरी भालूमाडा को पकडा गया जिनके कब्जे से 52 ताश के पत्ते व 8040 रुपये एवं 3 मोटर सायकल जप्त किया गया एवं तीन जुआड़ी पुलिस को देखकर जंगल का फायदा उठाकर भाग गये उनके विरुद्ध के अप.क्र 146/2025  धारा 13 जुआं एक्ट का अपराध कायम कर विवेचना मे लिया गया ।

तिपान नदी के गाड़ा घाट कदमसरा से एक महेन्द्रा ट्रेक्टर अवैध रेत खनिज ट्राली में लोड़ करके नदियाटोला वाले रास्ते से मेन रोड़ कदमसरा आने वाला है, सूचना पर स्थान तिपान नदी के गाड़ा घाट कदमसरा से नदियाटोला कदमसरा वाले कंक्रीट के पक्के रास्ते पर गया तो तिपान नदी के गाड़ा घाट कदमसरा नदियाटोला से एक लाल रंग का महेन्द्रा 295DI टर्बो महेन्द्रा कंपनी का ट्रेक्टर ट्राली में 03 घन मीटर अवैध रेत खनिज लोड़ कर मेन रोड़ कदमसरा की ओर आते हुये दिखा जिसे रोककर ट्रेक्टर चालक से नाम पता पूछंने पर अपना नाम धर्मेन्द्र सिंह उर्फ वीरन पिता तीरथ सिंह उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम कदमसरा वेकंटनगर थाना जैतहरी जिला अनूपपुर तथा वाहन मालिक स्वंय को होना बताया, टी.पी. एवं ट्रेक्टर ट्राली के कोई कागजात होना नही मिला। अवैध रेत 03 घन मीटर कीमत 5 हजार ट्रेक्टर की कीमत 2 लाख रूपये  बताई गई, चालक  एवं वाहन स्वामी के विरुध्द धारा 303(2),317(5) बीएनएस एवं  4/21 खान एवं खनिज व MV एक्ट की धारा 130/177(3)  का अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया है।

समाचार 03 फ़ोटो 03

सरकारी ज़मीन पर दबंगो का कब्ज़ा, प्रशासन बना मूकदर्शक, अतिक्रमणकारी के हौसले बुलंद

*रसूखदारों को सरकारी संपत्ति लूटने की मिली खुली छूट*

अनूपपुर

जिले में सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़े का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां अखिलेश गौतम निवासी धनगवा ने ग्राम पंचायत फुनगा, चमन चौक में शासकीय भूमि पर कब्ज़ा कर सेप्टिक टैंक का निर्माण शुरू कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रशासन ने कई बार स्थगन आदेश जारी किए, लेकिन निर्माण कार्य नहीं रुका। ऐसा लगता है कि प्रशासन ने या तो आंखें मूंद ली हैं या फिर कोई ‘ऊपर से दबाव’ डलवा रहा है। क्या सरकारी तंत्र केवल कमजोर और गरीब लोगों पर ही अपना कानून चलाता है? क्योंकि जब कोई गरीब व्यक्ति फुटपाथ पर छोटी सी दुकान लगाता है, तो प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर देता है, लेकिन जब कोई दबंग शासकीय ज़मीन पर कब्ज़ा करता है, तो अफसरों के हाथ-पैर कांपने लगते हैं!

*कब्जे का कच्चा-चिट्ठा प्रशासन मौन*

पटवारी हल्का फुनगा के प्रतिवेदन के आधार पर नायब तहसीलदार फुनगा ने इस अवैध कब्ज़े पर दिनांक 25/03/2025 को स्थगन आदेश जारी किया। रिपोर्ट के अनुसार, मामला खसरा नंबर 441/1/2/1 की 111.967 वर्गफीट सरकारी ज़मीन का है, जहां अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब प्रशासन ने इस अतिक्रमण को रोकने की कोशिश की हो। 2019 में भी प्रशासन ने इस अवैध निर्माण को रोकने के आदेश जारी किए थे, लेकिन अखिलेश गौतम ने कानून की धज्जियां उड़ाते हुए अपना निर्माण कार्य जारी रखा।अब सवाल यह उठता है कि अगर प्रशासन ने 2019 में कार्रवाई की होती, तो क्या आज यह अतिक्रमण जारी रहता? लेकिन हुआ क्या? प्रशासन फाइलों में आदेश पास करता रहा और दबंग अतिक्रमणकारी सरकारी ज़मीन पर खुलेआम कब्ज़ा करता रहा।

*रसूखदारों की दबंगई*

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन जानबूझकर इस अवैध कब्ज़े को नजरअंदाज कर रहा है? क्या इसमें किसी बड़े अधिकारी या नेता का हाथ है? क्योंकि जब कोई कमजोर व्यक्ति सरकारी नियमों का उल्लंघन करता है, तो प्रशासन फौरन हरकत में आ जाता है, लेकिन जब किसी रसूखदार व्यक्ति की बात आती है, तो कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी जाती है। यही कारण है कि अतिक्रमणकारी का मनोबल बढ़ता जा रहा है और प्रशासन पूरी तरह से लाचार नजर आ रहा है। अगर यही हाल रहा, तो आने वाले दिनों में जिलेभर में सरकारी ज़मीनों पर कब्ज़े का नया सिलसिला शुरू हो सकता है।

*कब जागेगा प्रशासन*

अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक आंखें मूंदे बैठा रहेगा? क्या अब भी कार्रवाई होगी, या फिर रसूखदारों के आगे सरकार झुक जाएगी? अगर इस बार भी प्रशासन ने लापरवाही बरती, तो जनता के मन में यह सवाल उठना लाज़मी है कि कानून सिर्फ गरीबों के लिए है और रसूखदारों को खुली छूट मिली हुई है। जनता देख रही है, सवाल पूछ रही है और जवाब अब ज़रूरी हो गया है! प्रशासन को अब चाहिए कि अखिलेश गौतम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए तुरंत बुलडोज़र चलाए और सरकारी भूमि को मुक्त कराए। वरना यह साफ हो जाएगा कि कानून सिर्फ कागजों तक सीमित है और रसूखदारों को सरकारी संपत्ति लूटने की खुली छूट दी गई है।

समाचार 04 फ़ोटो 04

गांजा बिक्री मामले में एसआई, एएसआई को पुलिस अधीक्षक ने किया लाइन अटैच

अनूपपुर

पुलिस जिन पर कानून की रक्षा का जिम्मा होता है, जब वही नियम-कायदों को ताक पर रखकर 'खेल' करने लगें, तो सवाल उठना लाजमी है। कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है भालूमाड़ा थाना में, जहां कानून के रखवालों ने खुद ही कानून तोड़ने की 'डील' कर ली। परिणामस्वरूप, पुलिस अधीक्षक मोती उर्र रहमान ने सख्त कार्रवाई करते हुए एसआई राघव बागरी और एएसआई अरविंद राय को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया।

मामला 25 मार्च की रात का है, जब भालूमाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम शिकारपुर में गांजा तस्करी की सूचना पर पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया। बताया जा रहा है कि आरोपी मौके से भाग खड़े हुए, लेकिन उनके द्वारा छोड़ा गया लगभग 80 किलो गांजा एएसआई अरविंद राय ने जब्त करने के बजाय किसी 'गौतम' नामक व्यक्ति को बेच दिया। दिलचस्प बात यह रही कि थाना प्रभारी को इसकी भनक तक नहीं लगी। लेकिन कहते हैं न, चोरी के पांव नहीं होते। जब इस गोरखधंधे की शिकायत पुलिस अधीक्षक तक पहुंची, तो कार्रवाई होना तय था और राय को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया।

दूसरी ओर, भालूमाड़ा थाना में पदस्थ एसआई राघव बागरी की भूमिका भी कम संदिग्ध नहीं रही। सूत्रों के मुताबिक, बागरी ने गश्त के दौरान रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर जानबूझकर आंखें मूंद लीं। यानी 'चुप्पी' का कुछ खास मोल चुकाया गया होगा! यह मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने उन्हें भी बिना देर किए लाइन हाजि दिया। भ्रष्टाचार चाहे छोटे स्तर पर हो या बड़े, कानून से बड़ा कोई नहीं। अनूपपुर पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई से यह साफ कर दिया है कि यदि पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों से भटकते हैं, तो उनकी जगह वर्दी में नहीं, बल्कि लाइन में होती है।

समाचार 05 फ़ोटो 05

प्रगतिशील लेखक संघ की बैठक संपन्न, अन्य विषयों पर नही चर्चा

अनूपपुर

विगत दिवस प्रलेस अनूपपुर की मार्च माह की बैठक , प्रलेस अध्यक्ष गिरीश पटेल के निवास पर संपन्न हुई । प्रलेस द्वारा प्रकाशित होने वाली पुस्तक के संबंध में चर्चा हुई, इस पुस्तक के लिए सुधा शर्मा, रामनारायण पाण्डेय, विजेंद्र सोनी, मीना सिंह, नीरज श्रीवास्तव,तापस कुमार हाजरा, अभिलाषा अग्रवाल तथा संतोष सोनी की कविताएँ प्राप्त हुईं हैं साथ ही आनंद पाण्डेय और असीम मुखर्जी के लेख प्राप्त हुए हैं । जिन लेखकों के लेख और कवियों की कविताएँ आना शेष हैं, उनके प्राप्त होते ही संपादक मंडल सारी रचनाओं का संपादन कर प्रकाशक से चर्चा कर पुस्तक के प्रकाशन हेतु पहल करेगा । बैठक में इस विषय पर भी चर्चा हुई कि जिन सदस्यों की वार्षिक सहयोग राशि बकाया है वे अविलंब इसे जमा करा दें ।

प्रदेश प्रलेस के द्वारा आरती द्वारा संपादित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका “ समय के साखी “ जिसकी एक प्रति का मूल्य 200 रुपए है, वार्षिक  700 रुपए द्विवार्षिक 1400 तथा आजीवन 5 हजार रुपए हैं, इसके लिये प्रलेस अनूपपुर का सदस्य इसका भी सदस्य हो सकता है । प्रलेस अनूपपुर के सदस्यों के अलावा और भी कोई व्यक्ति यदि यह पत्रिका प्राप्त करना चाहता है तो वह प्रलेस अनूपपुर से संपर्क कर सकता है । इस बैठक में पवन छिब्बर, आनंद पाण्डेय, रामनारायण पाण्डेय,भूपेश शर्मा, विजेंद्र सोनी, असीम मुखर्जी, नीरज श्रीवास्तव तथा गिरीश पटेल उपस्थित रहे ।

समाचार 06 फ़ोटो 06

इज्जत और एहतराम के साथ हज़ारों नमाज़ियों ने अदा की ईद की नमाज़

*कलेक्टर,एसपी ने जिले वासियों को दी बधाई*

उमरिया

इज्जत और एहतराम के साथ मुख्यालय स्थित ईदगाह में सोमवार की सुबह करीब 9.30 बजे ईदुल अदहा की नमाज़ अदा की गई।इस मौके पर मुख्यालय से सटे दर्जनों गांव के मुस्लिम भाई भी शरीक हुए और हजारों की तादात में मौलाना साकिर हलीमी साहब की इमामत में ईद की नमाज़ पढ़ी।नमाज़ के बाद अमन और मुल्क की बेहतरी की दुआए की गई।इस मौके पर हाजी उस्मान मंसूरी,डॉ मंसूर अली,जामा मस्जिद सदर शेख आज़ाद,गौसिया मस्ज़िद सदर हाजी इदरीस खान,कब्रिस्तान कमेटी सदर हाजी शाहिद अली ने इस मुबारक मौके पर जिले वासियों को बधाई दी,और ईद के त्यौहार पर बेहतर व्यवस्था के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त किया।ईद की नमाज़ मुख्यालय के अलावा जिले के बिरसिंहपुर,नोरोजाबाद,चंदिया,मानपुर,अमरपुर,मेढकी सहित कई जगहों पर अदा गई।इस मौके पर ईदगाह में कलेक्टर धरणेन्द्र जैन,पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने सभी मुस्लिम भाइयों,जिले वासियों को ईद की बधाई प्रेषित की।इनके अलावा ऐड एसपी प्रतिपाल सिंह महोबिया,एसडीएम,एसडीओपी नागेंद्र प्रताप सिंह,थाना प्रभारी बालेन्द्र शर्मा,यातायात प्रभारी सीके तिवारी,तहसीलदार,सीएमओ किशन सिंह ठाकुर सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे,इन्होंने भी सभी मुस्लिम भाइयों के गले लगकर बधाई दी है।इनके अलावा नपा उपाध्यक्ष अमृत लाल यादव,पार्षद अशोक गौंटिया, राजेन्द्र कोल,सतवंत सिंह,सोमचन्द वर्मा सहित गणमान्य नागरिक भी ईदगाह पहुंचकर मुस्लिम भाइयों को ईद की शुभकामनाएं दी है।

आपसी सद्भाव के प्रतीक ईदुल -अदहा इबादत के महीने रमज़ान के बाद चांद दिखने पर अदा की जाती है,मुस्लिम मान्यता है कि रमज़ान के 30 दिन इबादत में मशरूफ रहते हुए रोज़े रखने के बाद ईद की नमाज़ तोहफा स्वरूप है,इस वजह से ईदुल-अदहा का त्यौहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है,इस दिन मुस्लिम भाई नए कपड़े पहनते है,और एक दूसरे के गले लगकर खुशी का इज़हार करते है।इस दिन बच्चों में खासा उत्साह दिखता है।इबादत के महीने रमज़ान के बाद मनाए जाने वाले ईद के इस त्यौहार में गरीबों का भी विशेष ख्याल रखा जाता है।खास तौर से अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा ज़कात फितरा के नाम से गरीबो को दिया जाता है,जिससे गरीब भी नए कपड़े पहने और ईद की खुशी में बराबरी से शामिल हो।ईद की नमाज़ से पहले जकात अदा करना इस्लाम में बुनियादी इबादतों में से एक माना गया है।मुस्लिम भाइयों के लिए ईद का त्यौहार इस वजह से भी खास है कि इस्लामिक मान्यता के मुताबिक पवित्र माह रमजान में ही पहली बार पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब को पवित्र कुरान का ज्ञान प्राप्त हुआ था।

समाचार 07 फ़ोटो 07

जल गंगा संवर्धन अभियान:जलाशयों को पुनर्जीवित करने सुबह से जुटते है युवा टीम के सदस्य

उमरिया

जिले में "जल गंगा संवर्धन अभियान" के तहत जल स्रोतों की साफ सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य लगातार जारी है। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन के निर्देशन व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सीईओ अभय सिंह ओहरिया के मार्गदर्शन में ग्रामीण व शहरीय क्षेत्र में जल स्रोतों की रिपेयरिंग, सौंदर्यीकरण और गहरीकरण के लिए ग्रामीणजन श्रमदान कर रहे हैं।इस क्रम में जिले की सक्रिय युवाओं की टोली युवा टीम उमरिया के द्वारा सोमवार को जिले के विकासखंड मानपुर ग्राम पंचायत पिपरिया के तालाब में श्रमदान कर तालाब की साफ सफाई की।जल ही जीवन है, जल का संरक्षण, संवर्धन तथा प्रबंधन हम सबका दायित्व है। हमें हमारे पुरखों ने जो धरोहर उपहार में दी है, हम सबको भी अपनी अगली पीढ़ी को सौंपना हमारा दायित्व है। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने  जल गंगा संवर्धन अभियान की महत्वता बताई जाकर ग्रामीणों को जल संवर्धन एवं संरक्षण के कार्यो में आगे आकर कार्य किये जाने का आव्हान किया गया। विधायक ने जल है तो कल है, इसको ध्यान में रखकर जल संवर्धन के कार्य व पर्यावरण हेतु अधिक से अधिक पौधा रोपण व उनकी पुर्नजीवितता सुनिश्चित करने की बात कही।

पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी ने बताया कि "जल गंगा संवर्धन" अभियान के अंतर्गत युवा टीम लोगो एकजुट करके जितना हो सके जल का संरक्षण एवं संवर्धन प्रयास कर रही है।उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत हम सभी अपनी भावी पीढ़ी को विशेष उपहार देंगे, जिससे उन्हें जल संकट का सामना न करना पड़ेगा। महसूस ना हो। उन्होंने कहा कि पेड़ और मनुष्य एक दूसरे के पूरक हैं। पेड़ों के बिना मनुष्य का जीवन संभव नहीं है। पेड़ हमें ऑक्सीजन देते हैं तथा बदले में हम उन्हें कार्बनडाई ऑक्साइड गैस देते हैं, जो पेड़-पौधे गृहण करते हैं। हम सभी के जीवन में पेड़-पौधों का भी विशेष महत्व है।जल प्रकृति का दिया हुआ अद्भुत वरदान है, इसे संरक्षित करना हम सभी का परम कर्तव्य है। हम सभी जानते हैं कि जल है तो कल है, हम सभी का जीवन जल के बिना संभव नहीं है।युवाओं ने आमजन से  अपील की जल स्रोतों का संरक्षण मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हम सभी जनभागीदारी से जल स्त्रोतों को सहेजने उनकी साफ-सफाई और उनके आस-पास वृक्षारोपण करें।इस दौरान ग्राम पंचायत पिपरिया सरपंच राजू कोल,सचिव संतोष दुबे,पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी, पर्यावरण मित्र खुशी सेन, खुशबू बर्मन,महक सोनी,खुशी बर्मन, ग्रामीण वासी चेतराम नापित,रामचतीर नापित,पंच गौतम बुद्ध,हरिलाल कोल ,पुष्पेंद्र कोल,राजवीर कोल,पतंगिया कोल,सिया बाई , सौरव पांडेय व सभी पर्यावरण मित्र उपस्थित रहे।

समाचार 08 

राजा निषाद राज की मनाई जाएगी जयंती 

नगर पंचायत मानपुर चतुर्भुज प्रांगण खिचकिड़ी में बढ़े हर्ष उल्लास के साथ हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान श्री राम अभिन्न मित्र सखा राजा महाराज निषाद का जयंती 2 अप्रैल को मनाई जाएगी। राजा निषाद राज निषादों के राजा थे, श्रगेश्वर पर प्रयागराज के महाराजा थे और उन्होंने वनवास काल में प्रभु श्री राम जी सीता जी तथा लक्ष्मण जी को विशाल गंगा नदी पार करवाया था, निषाद वंशज आज भी इनकी पूजा करते हैं। निषाद समाज की कई उपजातियां के नाम से पूरे भारत में करोड़ों की संख्या में है एवं हमारे उमरिया शहडोल जिले में लाखों की संख्या से निषाद बंसी निवासरत हैं। उपजाति जैसे निषाद केवट माझी बर्मन रकवार संधिया ढीमर माल्लाह भोई कई उपनाम से जातियां हैं। निषाद राजा के पिता एवं महाराज दशरथ की मित्रता थी भगवान श्री राम वनवास के दौरान राजा निषाद राज की मित्रता से बड़े भावुक हुए थे भगवान श्री राम वनवास से लौटने के बाद निषाद जी की बड़ी प्रशंसा करते हुए राजा निषाद को अपने गले से लगाया थे और उन्होंने अपनी पुनः राज्याभिषेक के दौरान उन्होंने निषाद राज को अतिथि बनाया था, जो कि हमारे संपूर्ण निषाद बंसी के लिए बड़े गौरव एवं सौभाग्य की बात है हम ऐसे राजवंशी निषाद के वंशज हैं हम अपने आप में अपने को भाग्यशाली मानते हैं।

समाचार 09 

भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया

अनूपपुर

सिंधु समाज के नववर्ष की शुरुआत इनके प्रमुख त्योहार (चेट्रीचंड्र) आराध्य देवता भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव के रूप में जिला मुख्यारलय अनूपपुर सहित कोतमा में धूमधाम से मनाया गया। इसे झूलेलाल जयंती के नाम से भी जाना जाता हैं। भगवान झूलेलाल का जन्म सद्भावना और भाईचारा बढ़ाने के लिए हुआ था। सिंधी समाज के लोग सुबह से गुरूद्वारा में भगवान झूलेलाल की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई इसे बाद भण्डायरा का आयोजन किया गया। शाम को भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा पूरे शहर में निकाल कर मड़फा तलाब में विसर्जन किया गया। सिंधी समाज के लोग सुबह से गुरूद्वारा में भगवान झूलेलाल की विधि विधान से पूजा अर्चना कर भण्डारे का प्रसाद लोगो को खिलाया। शाम को भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा पूरे शहर में महिला शक्तियों ने डांडिया खेलते हुए भगवान झूलेलाल के भजन गाते निकाले रहें। नगर भ्रमण के दौरान पूरे रास्ते में फूल की पंखुड़ियों से शोभायात्रा का स्वागत किया गया। इसके बाद सामतपुर के मड़फा सरोवर मे विसर्जन के बाद कार्यक्रम समाप्त होगा। कोतमा में भगवान झूलेलाल का प्रकृट्यत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कोतमा नगर में शोभा यात्रा निकल गई।

Post a Comment

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget