इंकलाब जिंदाबाद, तानाशाही बंद करो, भीख नही अधिकार मांगते के नारे के साथ सौपा ज्ञापन
अनूपपुर
अंजली श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कामरेड लीला बांधव कामरेड जयंती मार्को कामरेड उर्मिला पाव कामरेड उर्मला विश्वकर्मा कामरेड संगीता मरावी कामरेड यशोदा देवी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं सहायिका ने रैली निकालकर अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा हैं।
इंकलाब जिंदाबाद, तानाशाही प्रशासन बंद करो, हम अपना अधिकार मांगते नहीं किसी से भीख मांगते ये नारे उन सैकड़ों आंगबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के हैं जो अपनी मांगों को लेकर अनूपपुर जिले में आंदोलन कर रही हैं, अनूपपुर जिला परिषद एटक इकाई की इन महिला आंदोलनकारियों की मांग है कि आहार वितरण की नई प्रणाली में आ रही कठिनाई के मद्देनजर सरकार पुरानी व्यवस्था को बहाल करे, साथ ही पांच साल से ज्यादा समय हो जाने के बाद विभागीय सुपरवाईजर की भर्ती निकाली गई है, जिसमें कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ही सहायिकाएं भी शामिल हो रही है, लेकिन विभागीय गतिविधियों के चलते उन्हें परीक्षा की तैयारी करने का समय नहीं मिलता, उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए समय दिया जाये, उनकी मांग है कि सेवा निवृत्त कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को ग्रेच्युटी का लाभ मिलना चाहिए।
एटक जिला परिषद युनियन अध्यक्ष अंजली श्रीवास्तव कहती हैं कि शासन काम का बोझ बढ़ाती जा रही है और ऊपर से डिजटल व्यवस्था के नाम पर कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है, मोबाइल पर ऑनलाइन रिपोर्ट मांगी जा रही है और कई दूर-दराज गांवों में नेटवर्क नहीं मिलता, सरकार द्वारा जो मोबाइल प्रदान किये गये हैं वह कार्य क्षमता के अनुरूप नहीं हैं, हमारी मांग है कि मोबाइल चार्ज की राशि भी दी जाये, एफआरएस में सर्वर तथा नेटवर्क की गड़बड़ी के चलते फोटो कैप्टचर करने व सेव करने में कठिनाई हो रही है, जिसका निराकरण होना चाहिए, उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों मे रिकॉर्ड रखने की समुचित व्यवस्था नहीं है और सरकार 5 साल पुरानी जानकारी मांग रही है, हमारी मांग है कि सरकार हर वर्ष ऑडिट करवाये और अपने पास जानकारी रखे, विभागीय जो राशि दी जाती है वह पूर्णतः स्पष्ट तथा सर्व विदित होनी चाहिए।
इन मांगों के साथ ही ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने उनके काम के दौरान उत्पन्न होनी वाली बाधाओं का जिक्र करते हुए शासन प्रसाशन से इसके निराकरण की मांग की है, इस आंदोलन में जिले भर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं पहुंची थीं।