प्रशासन के दावे खोखले, कोरोना की दूसरी लहर में बेबस नजर आ रहा हैं सिस्टम
अनूपपुर/राजनगर
जानलेवा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए प्रशासन भले ही तमाम एहतियाती कदम उठा रही हो लेकिन कुछ संस्थाओं के सिस्टम में कहीं ना कहीं लापरवाही का वायरस अभी भी जिंदा है! यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि खुद हसदेव क्षेत्र के राजनगर आरओ के हालात बयां कर रहे हैं पिछले वर्ष इस कोरोना महामारी में प्रबंधक द्वारा श्रमिकों के सुरक्षा के लिए तमाम उपकरण अपनाए गए थे मगर कोरोना वायरस की दूसरी लहर पर कालरी प्रबंधक का सिस्टम फेल नजर आ रहा है हाल देखकर ऐसा लगा ही नहीं कि हम किसी महामारी से जूझ रहे हैं न तो यहां सैनिटाइजर की व्यवस्था है और ना ही साफ सफाई जबकि कालरी के तीनों सिफ्ट चालू हैं प्रत्येक दिन सैकड़ों मजदूर आते जाते रहते हैं महामारी घोषित किए जा चुके कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश सरकार लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, लगातार हाथ धोने समेत तमाम सतर्कता बरतने का संदेश दे रही है। इसके लक्षण और बचाव के लिए बकायदा गाइडलाइन जारी की गई है। मगर कालरी प्रबंधक द्वारा उनके माइंस में प्रत्येक दिन सैकड़ों मजदूर कार्य करने आते हैं मगर प्रबंधक द्वारा ना तो साफ सफाई की व्यवस्था की गई है ना ही सैनिटाइजर की गत वर्ष में प्रबंधक द्वारा लाखों रुपए का इन सब चीजों में बड़े पैमाने पर खर्चा किया गया था मगर कालरी प्रबंधक कोरोना की दूसरी लहर पर पूरी तरह से लापरवाह नज़र आ रही है!
*रहवासी कॉलोनी में नहीं किया जा रहा है छिड़काव*
पिछले वर्ष कोरोना के खतरे को देखते हुए प्रबंधक द्वारा लाखों रुपए कॉलोनी के सैनिटाइजर के लिए खर्चा किया गया था मगर कोरोना की दूसरी लहर पर प्रबंधक द्वारा रहवासी कॉलोनी पर अभी तक छिड़काव नहीं किया गया!
*इनका कहना है*
आपके द्वारा सूचना मिली है जल्दी ही संबंधित अधिकारी से बात करके सैनिटाइजर छिड़काव की व्यवस्था करवायी जाएगी!
*हरिद्वार सिंह महामंत्री SECL एटक*