दबंग पब्लिक प्रवक्ता

अवैध पशु तस्करी में 16 मवेशी ट्रक सहित जप्त, चालक गिरफ्तार, तीन लोगो पर मामला हुआ दर्ज

*ट्रक अनूपपुर से जा रहा था उत्तरप्रदेश*


शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पोड़ी तिराहे के पास नाकेबंदी कर मवेशियों से भरे एक मिनी ट्रक को पकड़ लिया। वाहन में ठूंसकर ले जाए जा रहे 16 मवेशियों को पुलिस ने तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। इस कार्रवाई में चालक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चालक सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस फरार दो आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने 15 लाख का मशरूका जप्त किया है।

पुलिस ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक मिनी ट्रक क्रमांक सीजी 04 एनजेड 2392 में मवेशियों को भरकर जयसिंहनगर से यूपी की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर ब्यौहारी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पोड़ी तिराहे के पास नाकेबंदी कर दी।

थाना प्रभारी जिया उल हक ने बताया कि पुलिस ने बैरिकेड लगाकर वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक पुलिस को देखकर वाहन लेकर मानपुर रोड की ओर भागने लगा। पुलिस टीम ने तुरंत पीछा किया और कुछ दूरी पर वाहन को घेरकर रोक लिया।

पुलिस कार्रवाई के दौरान चालक वाहन से कूदकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें क्रूरता से ठूंस-ठूंस कर भरे गए कुल 16 मवेशी पाए गए, जिन्हें बाद में मुक्त कराया गया।

गिरफ्तार आरोपी चालक की पहचान अंकित साकेत के रूप में हुई है, जो सतना जिले का निवासी बताया जा रहा है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अनूपपुर जिले से मवेशियों को लोड कर उत्तर प्रदेश के कत्लखाने ले जा रहा था। हालांकि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया।

पुलिस ने इस मामले में वाहन मालिक बृजेश कुमार दहिया सहित एक अन्य व्यापारी को भी आरोपी बनाया है। दोनों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पशु तस्कर अब्दुल रहमान "बल्लू" को पुलिस ने किया गिरफ्तार, काला साम्राज्य का बेताज बादशाह बेनकाब


अनूपपुर

जिले में खौफ का पर्याय बन चुके और बेजुबान पशुओं के खून के सौदागर बल्लू उर्फ अब्दुल रहमान का 'गुंडा राज' अब सलाखों के पीछे दम तोड़ रहा है। अनूपपुर एसपी मोती उर रहमान के कड़े तेवरों और कोतमा पुलिस की पैनी घेराबंदी ने उस शातिर सरगना को धर दबोचा है, जो लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।

मूल रूप से मुजफ्फरनगर उत्तरप्रदेश का निवासी यह शख्स कोतमा की गलियों में पशु तस्करी का जहर घोल रहा था। इसके पापों का कच्चा चिट्ठा इतना भारी है कि अनूपपुर से लेकर शहडोल तक 11 संगीन मुकदमे इसकी गवाही दे रहे हैं।

तस्करी का खौफनाक जाल 31 जनवरी की वह रात जब ट्रक (CG 04 NX 5617) में 22 मवेशियों को बेरहमी से भरकर ले जाया जा रहा था। उस ट्रक में न केवल बेजुबान जानवर थे, बल्कि 315 बोर का लोडेड देशी कट्टा और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए थे। यह अपराधी सिर्फ तस्करी नहीं करता था, बल्कि हथियारों के दम पर क्षेत्र में दहशत फैलाने की फिराक में रहता था। इसके गुर्गे उमेश केवट और संजय पटेल पहले ही जेल की हवा खा रहे हैं, और अब 'आका' की बारी है।कोतमा की धरती से इस अपराधी का सफाया पुलिस प्रशासन अब इस कुख्यात अपराधी को जिले की सीमा से खदेड़ने (जिला बदर) की तैयारी में है।

स्टेट बैंक उप प्रबंधक की गुंडागर्दी, अस्पताल में भर्ती बीमार शिक्षक की पूरी सैलरी लगा दिया होल्ड

*शिक्षक पुत्र के साथ कि अभद्रता, कहा कोई जिये या मरे, मुझसे कोई मतलब नही*


अनूपपुर

भारतीय स्टेट बैंक की जैतहरी शाखा इन दिनों अपने 'विवादित' और 'अमानवीय' व्यवहार के लिए चर्चा में है। यहाँ के उप प्रबंधक (डिप्टी मैनेजर) बैजनाथ कुमार पर एक बीमार शासकीय शिक्षक के परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और अवैध रूप से पूरी सैलरी रोकने के गंभीर आरोप लगे हैं। बैंकिंग सेवा की आड़ में अधिकारियों की यह दबंगई अब कानूनी पचड़े में फंसती नजर आ रही है।

शासकीय प्राथमिक शाला लपटा में पदस्थ शिक्षक भगवानदीन विराट मधुमेह की बीमारी से जूझ रहा हैं व अस्पताल में भर्ती हैं। उनके पुत्र रवि विराट ने बताया कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मात्र 13,200 रुपये की एक किस्त बकाया होने के कारण, स्टेट बैंक जैतहरी के उप प्रबंधक ने नियमों को ताक पर रखकर पूरी सैलरी (लगभग 49,900 रुपये) पर 'होल्ड' लगा दिया।

जब रवि विराट अपने पिता के इलाज के लिए गुहार लगाने बैंक पहुँचे, तो उप प्रबंधक बैजनाथ कुमार ने सहायता करने के बजाय अभद्र व्यवहार किया। पीड़ित का आरोप है कि अधिकारी ने अहंकार में कहा"हमें बिना सूचना दिए होल्ड लगाने का अधिकार है, चाहे कोई बीमार हो या मरे, हमें उससे कोई मतलब नहीं है।"

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, उप प्रबंधक बैजनाथ कुमार का यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत दंडनीय है।धारा 316 (आपराधिक विश्वासघात): बैंक ग्राहक के धन का न्यासी होता है। बिना कानूनी आधार के पूरे वेतन को रोकना 'अमानत में खयानत' है।धारा 318 (धोखाधड़ी): बकाया राशि से चार गुना अधिक राशि का होल्ड लगाना और भ्रामक जानकारी देना वित्तीय धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। धारा 79 (शांति भंग करने हेतु अपमान): पीड़ित के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करना और "मरे या जिए" जैसे शब्दों से मानसिक चोट पहुँचाना अपराध है। धारा 115 (स्वेच्छा से चोट पहुँचाना): एक गंभीर बीमार व्यक्ति को उसके इलाज के पैसे से वंचित कर उसकी जान जोखिम में डालना इस धारा के दायरे में आता है।किस वैधानिक आदेश के तहत आपने 13,200 के एवज में 49,900 का होल्ड लगाया। बिना नोटिस दिए खाता होल्ड करना क्या RBI के नियमों की अवहेलना नहीं है।

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