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शहडोल-उमरिया में रेत माफिया का जाल, ठेका एक जिले का, उत्खनन दूसरे जिले में, जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
*दिव्यप्रकाश, मथुरा, विजय और अमन नदियों का सीना छलनी, चला रहे है, अवैध रेत का सिंडिकेट*
शहडोल
संभाग के उमरिया व शहडोल जिले में रेत का अवैध उत्तखनन जोरो पर है, उमरिया जहाँ पर रेत का ठेका है, शहडोल जहां रेत का ठेका नही है, दोनो जिलो में उमरिया वाला रेत ठेकेदार धड़ल्ले से दोनो जिलो में रेत का अवैध कारोबार कर रहा है। शहडोल जिले में प्रतिदिन हजारो गाड़ी रेत की खपत है, कई बड़े बड़े सड़क, आवास, कॉलोनियों के काम चल रहे हैं, जहाँ पर अवैध रेत की खपत की जा रही है।
शहडोल और उमरिया जिले में रेत के कारोबार से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है की खनिज विभाग एवं पुलिस विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। दिव्यप्रकाश और मथुरा नामक व्यक्तियों की जोड़ी इन दिनों दोनों जिलों में रेत के कारोबार को लेकर सुर्खियों में है। दोनो की जोड़ी घुनघुटी से लेकर पूरा शहडोल जिले अवैध रेत की सप्लाई करते हैं। वही विजय और अमन नामक व्यक्ति पूरे उमरिया ज़िले में अवैध रेत नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी घाटों से लेकर परिवहन और बिक्री तक की पूरी व्यवस्था इन्हीं लोगों के माध्यम से संचालित की जा रही है।
*रात के अंधेरे में चल रहा अवैध उत्खनन*
रात होते ही नदी घाटों पर मशीनों और वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। कई स्थानों पर देर रात से लेकर सुबह तक रेत निकालने का काम जारी रहता है। बताया जा रहा है कि नियमों के विपरीत नदी के संवेदनशील क्षेत्रों से भी रेत निकाली जा रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। रातभर मेटाडोर और अन्य छोटे-बड़े वाहन रेत ढोते हुए देखे जा सकते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में नदियों का स्वरूप बदल सकता है और आसपास के क्षेत्रों में भू-क्षरण जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
*10 हजार रुपये में बिक रही एक डग्गी रेत*
क्षेत्र में रेत की मांग बढ़ने के साथ-साथ अवैध कारोबारियों की चांदी हो रही है। सूत्रों के अनुसार, एक डग्गी रेत की कीमत खुलेआम लगभग 10 हजार रुपये तक वसूली जा रही है। निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली रेत के लिए लोगों को मनमानी कीमत चुकानी पड़ रही है। आरोप है कि वैध व्यवस्था के अभाव का फायदा उठाकर अवैध कारोबारी भारी मुनाफा कमा रहे हैं। रेत की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसका सीधा असर आम नागरिकों और छोटे निर्माण कार्यों पर पड़ रहा है।
*ठेका नहीं, फिर भी धड़ल्ले से चल रहा रेत का कारोबार*
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब शहडोल जिले में वर्तमान में रेत का वैध ठेका नहीं है, तब बड़े पैमाने पर रेत की आपूर्ति आखिर हो कैसे रही है। आरोप है कि उमरिया जिले से जुड़े रेत ठेकेदारों द्वारा शहडोल की नदियों से अवैध रूप से रेत निकालकर बाजार में बेची जा रही है। यदि किसी क्षेत्र में वैध स्वीकृति नहीं है, तो वहां से खनिज निकालना कानून का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे में शहडोल की नदियों से कथित रूप से हो रहे अवैध उत्खनन ने प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
*खनिज व पुलिस विभाग की भूमिका पर सवाल*
खनिज विभाग व पुलिस विभाग की भूमिका भी चर्चा के केंद्र में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध उत्खनन और परिवहन की जानकारी विभागीय अधिकारियों को होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है। कई ग्रामीणों का दावा है कि रातभर वाहनों की आवाजाही खुलेआम होती है, जिसे नजरअंदाज करना संभव नहीं है। अवैध कारोबार को संरक्षण मिलने के कारण ही यह नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है। लेकिन विभागों की निष्क्रियता ने संदेह को और गहरा कर दिया है। यदि नियमित जांच, वाहन चेकिंग और नदी घाटों की निगरानी की जाए तो अवैध उत्खनन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
*पर्यावरण व राजस्व का हो रहा नुकसान*
विशेषज्ञों के अनुसार, अनियंत्रित और अवैध रेत उत्खनन से केवल पर्यावरण को ही नहीं, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान होता है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा आने से जलस्तर प्रभावित होता है, वहीं अवैध खनन के कारण शासन को मिलने वाला राजस्व भी कम हो जाता है। कई जगहों पर नदी किनारों का कटाव बढ़ गया है। यदि इसी प्रकार अवैध उत्खनन जारी रहा तो भविष्य में पुल-पुलियों, कृषि भूमि और जल स्रोतों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
*प्रशासन से कार्रवाई की मांग*
क्षेत्र के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिन स्थानों से अवैध उत्खनन की शिकायतें मिल रही हैं, वहां संयुक्त टीम बनाकर जांच की जानी चाहिए। साथ ही अवैध परिवहन में उपयोग हो रहे वाहनों को जब्त कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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दो बच्चों की हुई मौत, पांच वर्षीय मासूम को मिट्टी से भरे ट्रैक्टर ने कुचला, किशोर जामुन के पेड़ से गिरा
शहडोल
जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग दर्दनाक घटनाओं में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। एक घटना में घर के सामने खेल रहे पांच वर्षीय बालक को मिट्टी से भरे ट्रैक्टर ने कुचल दिया, जबकि दूसरी घटना में जामुन तोड़ने पेड़ पर चढ़ा 12 वर्षीय बालक गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार पहली घटना जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के ताली खुर्द गांव की है। यहां अमन उर्फ भोलू सिंह (5) पिता रजनीश सिंह अपने घर के सामने अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान मिट्टी से लोड ट्रॉली लेकर जा रहा एक ट्रैक्टर वहां से गुजरा। बताया जा रहा है कि खेलते-खेलते अमन अचानक सड़क पर आ गया और ट्रैक्टर की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि बालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर और चालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
दूसरी घटना ग्राम नगडवाह की है। पुलिस के मुताबिक 12 वर्षीय निशांत बैगा पिता मिस्टर बैगा घर के पास स्थित जामुन के पेड़ पर चढ़कर फल तोड़ रहा था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पेड़ से नीचे गिर पड़ा। गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। दोनों मामलों में जांच जारी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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22 अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, प्रशासन की संयुक्त टीम ने की कार्यवाही
अनूपपुर
पवित्र नगरी अमरकंटक को अतिक्रमण मुक्त, सुव्यवस्थित एवं सुंदर बनाने के उद्देश्य से नगर परिषद अमरकंटक द्वारा बुधवार को अतिक्रमण विरोधी विशेष अभियान चलाया गया। राजस्व विभाग, नगर परिषद एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने वार्ड क्रमांक 14 में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने की कार्यवाही की।
अभियान के दौरान शासकीय भूमि पर किए गए कुल 22 अवैध अतिक्रमणों को हटाकर भूमि को मुक्त कराया गया। इनमें 15 बाड़ियां, 4 झोपड़ियां तथा 3 कच्चे मकान शामिल थे। प्रशासन द्वारा जेसीबी एवं अन्य मशीनों की सहायता से अतिक्रमणों को हटाते हुए भूमि को अपने कब्जे में लिया गया।
कार्यवाही के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्यवाही शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। अधिकारियों ने बताया कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी।
जिले में शासकीय भूमि के संरक्षण एवं नगरों के सुनियोजित विकास के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण न करें तथा नगर के स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित विकास में सहयोग प्रदान करें।
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दर्जनों पेड़ कटाई के मामले मे अभी तक नहीं हुई पोकलेन मशीन जब्त, वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल
अनूपपुर/कोतमा
वन परिक्षेत्र कोतमा के अंतर्गत कल्याणपुर बीट में केवई नदी तट के किनारे वन भूमि पर हुए कथित अवैध अतिक्रमण और बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। घटना के लगभग 2 माह बीतने को हैं मगर कटाई में प्रयुक्त पोकलेन मशीन की जब्ती नहीं होने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक संगठनों एवं स्थानीय नागरिकों ने मामले में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
15 अप्रैल को कल्याणपुर बीट क्षेत्र में केवई नदी के तटवर्ती वन क्षेत्र में कथित रूप से पोकलेन मशीन की सहायता से दर्जनों फलदार एवं इमारती वृक्षों को उखाड़कर नष्ट कर दिया गया था। आरोप है कि वन भूमि पर अतिक्रमण कर निमार्ण एवं अन्य गतिविधियों के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई की गई। मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, पर्यावरण प्रेमियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने वन विभाग को शिकायतें सौंपी थीं।
वन विभाग द्वारा बाद में कार्रवाई करते हुए लगभग सात घन मीटर अवैध रूप से काटी गई लकड़ी जब्त कर वन अपराध दर्ज किया गया। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की और लकड़ी को अपने कब्जे में लिया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस पोकलेन मशीन का उपयोग कथित रूप से पेड़ों को उखाड़ने और वन भूमि को समतल करने में किया गया, उसे अब तक जब्त नहीं किया गया है। ग्रामीणों व पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की जाए।
इनका कहना है।
विवेचना जारी है, संबंधित चीजों को बारीकी से जांच की जा रही है।
*हरीश तिवारी, वन परिक्षेत्राधिकारी, कोतमा*
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कोयले से लोड खड़े ट्रक में अचानक लगी आग, पेट्रोल पंप के नजदीक की घटना, बड़ा हादसा टला
शहडोल
जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप के समीप खड़ी एक कोयला लोड ट्रक में अचानक आग लग गई। घटना बुढ़ार-धनपुरी मार्ग स्थित कॉलेज के पास हाईवे पर हुई, जहां ट्रक सड़क किनारे खड़ा था। आग लगने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, क्योंकि ट्रक पेट्रोल पंप के बेहद नजदीक खड़ा था और किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से लोग दहशत में आ गए।
ट्रक के केबिन से अचानक धुआं निकलना शुरू हुआ। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य तकनीकी खराबी समझा, लेकिन कुछ ही मिनटों में धुआं घने काले गुबार में बदल गया और आग की लपटें केबिन से बाहर निकलने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की तेज लपटें और धुएं का गुबार दूर से दिखाई देने लगा, जिससे आसपास मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।
तत्काल दमकल विभाग और बुढ़ार पुलिस को सूचना दी। सूचना पर दमकल वाहन मौके पर पहुंचा और कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। यदि आग पेट्रोल पंप तक पहुंच जाती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
आग लगने के दौरान ट्रक के आसपास मौजूद लोगों ने सुरक्षित दूरी बना ली और यातायात को भी कुछ समय के लिए प्रभावित होना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा आवश्यक कार्रवाई शुरू की। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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लोकतंत्र बचाने कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास, रघुपति राघव राजाराम कीर्तन, भजन कर मांगी सद्बुद्धि
उमरिया
राज्य सभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज करने के विरोध में आज प्रदेश भर के जिला मुख्यालयों और ब्लाक मुख्यालयों में एक दिवसीय उपवास कर सत्याग्रह का आयोजन किया गया , इस कडी में उमरिया जिले के पाली विकास खंड के ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष रवि मिश्रा के नेतृत्व में भी यह सत्याग्रह किया गया। इस सत्याग्रह में काग्रेस के नेताओं ने एक दिवसीय उपवास अम्बेडकर चौक पाली में किया । उपवास में कांग्रेस के नेताओं ने उपवास रखकर भारतीय जनता पार्टी की लोकतंत्र विरोधी गतिविधियों और उनके इशारों में काम कर रहे निर्वाचन आयोग का मुखर विरोध प्रगट किया। पाली ब्लाक भर के नेताओं ने इस उपवास सत्याग्रह में भाग लेकर भाजपा की अन्याय पूर्ण नीतियों का खुल कर विरोध जताया। लोकतंत्र की रक्षा के नारों से संकल्प लेते हुए कांग्रेस जनों ने रघुपति राघव राजाराम कीर्तन का उच्चारण करते हुए जन जन में भाजपा की कलुषित कार्य शैली को पहुंचाने का काम किया गया।ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रवि मिश्रा ने सत्याग्रहियों को और जन आवाम को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के व्दारा सत्ता के दबाव में अपने तंत्र का प्रयोग कर जिस तरह लोकतंत्र की हत्या की जा रही है , वह निंदनीय है और कांग्रेस उसका विरोध करती है। श्री मिश्रा ने कहा कि जब भाजपा मुकाबले में पराजित हो जाती है,तब वह कूटनीति के हथकंडे अपना कर अपना ऊल्लू सीधा करती है जिसका जीवंत उदाहरण मध्यप्रदेश की राज्य सभा की सीट बनी, जहाँ पर कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी है,जिनका नामांकन रद्द करा कर भाजपा अपनी जीत का डंका पीट रही है, श्री मिश्रा ने आगे कहा कि मीनाक्षी नटराजन के विरूद्ध देश के किसी अदालत में ऐसा मामले विचाराधीन नहीं है, जिसको आधार मानकर उनका नामांकन रद्द कर दिया गया है , झूठी शिकायतों के आधार पर नामांकन रद्द किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का गला घोट कर चुनाव से बाहर किया जाना लोकतंत्र की हत्या के समान ही है, आगे मिश्रा ने कहा कि चुनाव में शुचिता का पालन न कर इस तरह से चुनाव को प्रभावित करने की भाजपा की नीति से आज पूरा देश आंदोलित हो उठा है। जब भाजपा मुकाबले में हार जाती है तो इस तरह के हथकंडे अपनाती है। अन्य कांग्रेस नेताओं ने भाजपा की इस षड्यंत्र कारी नीति का प्रखर विरोध किया।
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सर्प काटने से किशोर की उपचार के दौरान हुई मौत, पेड़ की डगाल ऊपर गिरने से मजदूर की मौत
*जिला चिकि,अनूपपुर में पेड़ की ढगाल गिरने से युवक,सर्प दंश से बालक की मौत,डियूटी डाक्टर के ना आने पर भड़के परिजन,ग्रामीण,डां,,राय ने किया पी,एम,*
अनूपपुर
जिला चिकित्सालय अनूपपुर में 24 घंटे के मध्य अलग-अलग घटनाओं में युवक की पेड़ की डगाल गिरने एवं सर्प दंश से बालक की मौत हो गई। घटना की सूचना पर अस्पताल पुलिस द्वारा मर्ग दर्ज कर कार्यवाही की गई ।
कोतवाली थाना अनूपपुर अंतर्गत ताराडांड, अगरियानार गांव में एक माह से निरंतर विभिन्न तरह के पेड़ों को ठेकेदार नारेन्द पटेल के माध्यम से पेड़ काटने का मजदूरी कर रहे 48 वर्षीय गंगाराम कोल पिता धनपत कोल निवासी वार्ड नंबर 8 तलैयाटोला ताराडांड़ की अगरियानार गांव में अपने अन्य साथियों के साथ संतोष सिंह के खेत में छुईला के पेड़ को काटकर जमीन में गिरा रहे थे इसी दौरान अचानक छुईला के पेंड की ढगाल को जमीन में गिरता देखकर पांच अन्य मजदूर भाग गए, लेकिन इसी दौरान गंगाराम कोल के ऊपर ढ़गाल गिरने से दब जाने पर गंभीर रूप से घायल होने पर उपचार हेतु जिला चिकित्सालय अनूपपुर पहुंचने के पहले ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना पर जिला अस्पताल पुलिस चौकी प्रभारी एवं प्रधान आरक्षक मंसाराम सिंह मार्को ने परिजनों की उपस्थिति में मृतक के शव का पंचनामा कर ड्यूटी डॉक्टर से शव का परीक्षण करा कर अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंपते हुए प्रारंभिक जांच कर घटना पर अग्रिम कार्यवाही हेतु कोतवाली थाना अनूपपुर को सूचित किया।
दूसरी घटना भालूमाडां थाना अंतर्गत ग्राम छिल्पा निवासी चंदू कोल के 15 वर्षीय पुत्र आशीष कोल जो रात्रि में घर के अंदर जमीन में सो रहा था, तभी डंडा करायल (करैत) प्रजाति के अत्यंत जहरीले सांप ने हाथ की उंगली में काट दिया, बालक ने सांप को पकड़ कर मारकर घटना की जानकारी परिजनों को दिए जाने पर परिजनों द्वारा उपचार हेतु जिला चिकित्सालय अनूपपुर लाकर उपचार कराया जा रहा था, सुबह होने के पूर्व ही बालक की उपचार दौरान मृत्यु हो गई घटना पर ड्यूटी डॉक्टर की सूचना के आधार पर अस्पताल पुलिस द्वारा परिजनों की उपस्थिति में में शव का पंचनामा कर पीएम कराने बाद अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप कर घटना की अग्रिम कार्यवाही हेतु भालूमांडा थाना को सूचित किया।
समाचार 08
घायल की जान बचाने वाले राह-वीर सरपंच सम्मानित
उमरिया
सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर सहायता पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले ग्राम पठारी के सरपंच गोविंद प्रसाद गौतम को परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। कलेक्टर राखी सहाय ने उन्हें प्रशस्ति पत्र सौंपते हुए उनके साहसिक, मानवीय और प्रेरणादायी कार्य की सराहना की। सड़क दुर्घटना में एसडीएम अंबिकेश प्रताप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान सरपंच गोविंद प्रसाद गौतम ने तत्परता दिखाते हुए घायल अधिकारी को तत्काल निकटतम अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने की व्यवस्था कराई। समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बचाई जा सकी। इस संवेदनशील और सराहनीय पहल को देखते हुए उन्हें “राह-वीर” सम्मान से नवाजा। साथ ही राहवीर योजना के अंतर्गत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी स्वीकृत की गई है।

