मुख्यमंत्री के आगमन पर फर्जी वाहनो का बिल, एक ही फर्म की पाँच अलग-अलग गाड़ियों के नाम पर पर भुगतान
उमरिया
जनपद पंचायत पाली की ग्राम पंचायत धनवाही में देखने को मिला है, जहाँ ग्राम पंचायत की सरपंच छोटी बाई और सचिव ने मिलकर मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद के आगमन की आड़ में फर्जी वाहन बिलों का एक ऐसा जाल बुना है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है, एक ही फर्म, एक ही बैंक खाता, एक ही व्यक्ति और पाँच अलग-अलग गाड़ियों के नाम पर कुल 20,500 रुपये का भुगतान कर दिया गया है, और यह सब हुआ है पंचायती राज अधिनियम, वित्तीय नियमों और सरकारी प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाते हुए, प्राप्त पाँचों बिलों की गहनता से जांच करने पर यह पूरा मामला सिर्फ अनियमितता नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश और सरकारी धन के गबन की श्रेणी में आता है।
मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब पंचायत के दस्तावेज सामने आए, सभी पाँचों बिल दिव्या यादव ग्राम सेमरिया जिला उमरिया नामक फर्म के लेटरहेड पर बने हैं, जिस पर बड़े अक्षरों में लिखा है नोट-हमारे यहाँ बोलेरो गाड़ी किराये पर उपलब्ध है, मोबाइल नंबर 7828600685, बैंक खाता नंबर 580402010024554 यूनियन बैंक ऑफ इंडिया उमरिया और IFSC कोड UBIN0558044 सभी बिलों पर एक जैसा है, जो यह साबित करता है कि यह एक ही व्यक्ति की फर्म है, अब जरा बिलों की तारीख और गाड़ियों के नंबर पर गौर कीजिए, पहला बिल क्रमांक 44 दिनांक 25 अक्टूबर 2022 को जारी किया गया है, जिसमें गाड़ी नंबर MP 17 ZA 1482 पिकअप गाड़ी के नाम पर 4900 रुपये का भुगतान दिखाया गया है और विवरण में खनिज ले जाना जैसा कुछ लिखा है, दूसरा बिल क्रमांक 42 दिनांक 30 नवंबर 2022 का है, जिसमें गाड़ी नंबर MP 54 T 0666 बोलेरो के नाम पर 4700 रुपये का भुगतान, तीसरा बिल क्रमांक 43 दिनांक 23 दिसंबर 2022 का है, जिसमें गाड़ी नंबर MP 54 Z 1817 बुलेरो के नाम पर मुख्यमंत्री आगमन के नाम पर 3000 रुपये का भुगतान, चौथा बिल क्रमांक 40 दिनांक 29 दिसंबर का है, जिसमें गाड़ी नंबर MP 54 T 1061 बोलेरो के नाम पर मुख्यमंत्री आगमन के नाम पर ही 3000 रुपये का भुगतान और पाँचवां बिल क्रमांक 41 दिनांक 03 दिसंबर 2024 का है, जिसमें गाड़ी नंबर MP 54 BN 4726 बुलेरो के नाम पर मुख्यमंत्री आगमन के नाम पर ही 4900 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है, यानी महज दो महीने के भीतर अक्टूबर से दिसंबर 2022 के बीच ही चार अलग-अलग गाड़ियों के नाम पर 15,600 रुपये और फिर दो साल बाद 2024 में फिर से उसी फर्म की पाँचवीं गाड़ी के नाम पर 4900 रुपये, कुल मिलाकर 20,500 रुपये का भुगतान ग्राम पंचायत धनवाही के खाते से किया गया है और इन सभी पाँचों बिलों पर ग्राम पंचायत धनवाही की सरपंच श्रीमती छोटी बाई और सचिव के हस्ताक्षर और सील लगी हुई है, बिना उनके हस्ताक्षर के पंचायत से एक रुपया भी नहीं निकल सकता, इसलिए इस पूरे घोटाले की सीधी जिम्मेदारी सरपंच छोटी बाई और सचिव की ही बनती है।