अनूपपुर
जिले के कोतमा बस स्टैंड के पास 4 मंजिला अग्रवाल लॉज अचानक भरभराकर गिर गया। उसके पूरे नगर में अफरा तफरी का माहौल है। मलबे में कई मजदूर व अन्य लोग लगभग 10 से 15 लोगो के दबे होने की आशंका है। लॉज के गिरने से आसपास की कई दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है। यह हादसा शनिवार की शाम 5 बजकर 36 मिनट 43 सेकेण्ड में हुआ। घटना स्थल पर मंत्री दिलीप जैसवाल, कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित पूरे जिले की पुलिस टीम अधिकारी, कर्मचारी सहित 100 लोगो का रेस्क्यू दल मौके पर मौजूद हैं। 3 जेसीबी 1 पोकलेन मशीन से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मलबे में कितने मजदूर और लोग दबे हैं, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
जिले के कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक 5 स्थित बस स्टैंड के पास शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। यहां स्थित तीन मंजिला अग्रवाल होटल की इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं 4 घायलों को स्थानिय चिकित्सालय लाया गया जहां एक व्यक्ति की मौत होने की खबर हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय इमारत में कई लोग मौजूद थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मलबे में 5 से 6 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, नगर पालिका और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। बचाव दल ने तत्परता दिखाते हुए मलबे से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा भेजा गया। वहां उनका उपचार जारी है। वहीं, अभी भी कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका बनी हुई है, जिसके चलते राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही हादसे की जानकारी मिलते ही राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल, कलेक्टर हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान स्वयं मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। उनके साथ अपर कलेक्टर दिलीप पांडेय, कोतमा तहसीलदार दशरथ सिंह, थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ला, नगर पालिका अध्यक्ष अजय सराफ सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद हैं। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
एसपी मोती उर रहमान ने बताया कि बिल्डिंग लगभग 10 साल पुरानी है। लॉज के बगल में निर्माण चल रहा था। लॉज में कई लोग ठहरे हुए थे। अचानक भरभरा कर गिरने से लॉज में मौजूद लोग और मजदूर दब गए। एसईसीएल जमुना, कोतमा से रेस्क्यू दल बुलाया गया है। रेस्क्यू टीम मलबा हटाने लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू करेगी। फिलहाल यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि अंदर लोग दबे हैं। वह घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
नगर पालिका की टीम जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हुई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हर संभव प्रयास कर रहा है कि मलबे में फंसे लोगों को स बाहर निकाला जा सके।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस इमारत का हिस्सा गिरा है उसके पास नई बिल्डिंग का निर्माण चल रहा था। बताया जा रहा है कि निर्माण के दौरान की गई अंडरग्राउंड खुदाई से पुरानी इमारत की कमजोर हो गई, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के ब हो सकेगी।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और भारी भीड़ घटनास्थल पर जुट गई है। प्रशासन लोगों से अपील की है कि वे मौके से दूरी बनाए रखें, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की न आए। फिलहाल सभी की निगाहें जारी राहत कार्य पर टिकी हुई हैं और मलबे में फंसे लोगों को सुन निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
बचावकार्य में 100 से ज्यादा लोग लगे
कोतमा थाना प्रभारी रत्नंबर शुक्ला ने बताया कि लॉज के ठीक बगल में स्थित एक मकान है। मकान अंडरग्राउंड खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान यह हादसा हुआ। बचाव कार्य में 100 से ज्याद लगे हुए हैं। मलबे के नीचे 7-8 लोगों के फंसे होने की आशंका है। अब तक एक महिला को बचाया है।
लॉज की नींव से खोदा गड्डा
बद्री प्रसाद ताम्रकार ने बताया कि अग्रवाल लॉज के ठीक बगल में स्थानीय निवासी रामनरेश गर्ग ने व्यावसायिक उपयोग के लिए नींव का गड्ढा खोदा था। रामनरेश गर्ग का लगभग 20 बाई 50 के प्लॉ यह निर्माण कार्य करा रहे थे। लगभग एक सप्ताह पहले अग्रवाल लॉज की दीवार से सटाकर लगभग फुट गहरा एक गड्डा खोदा गया था। बाद में गड्ढे में पानी भर गया। इसके बाद लॉज का एक हिस्सा ढ उसी गड्ढे में गिर गया।
बताया जा रहा हैं कि लाज में टाइल्स और पाइप का काम चल रहा था। मौके पर एसडीआरएफ औन प्रशासन की टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है। बड़ी संख्या में एसडीआरएफ के जवान घटनास्थल पर हैं। राहत और बचाव कार्य को तेजी से अंजाम दे रहे हैं।
अग्रवाल लाज कोतमा का फोटो
[05/04, 1:14 am] Anand Pandey Journlist: एसडीआरएफ की टीम ने मलबे में दबे कोतमा निवासी हनुमान दीन के शव को बाहर निकाला। मुंह से खून निकल रहा था। शरीर की कई हड्डियां टूट चुकी थीं। मलबे से बाहर निकालते समय मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। राहत और बचाव दल लगातार अन्य लोगों को खोजने में जुटा हुआ है। मौके पर शहडोल संभागायुक्त और पुलिस महानिरीक्षक पहुंची।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मिडिया के माध्यम से अपना संदेश देते हुए कहा हैं कि अनूपपुर जिले के कोतमा नगर पालिका क्षेत्र में होटल का भवन कहने की दुर्घटना दुखद है। एक नागरिक की मौत होना पीड़ादायक है। जिला प्रशासन, पुलिस एवं SECL द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। तीन नागरिकों को रेस्क्यू कर सकुशल निकाला गया है। NDRF की टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है। मंत्री दिलीप अहिरवार और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुँचकर राहत व उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
ईश्वर दिवंगत को श्रीचरणों में स्थान दें और शोकसंतप्त परिजनों को दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ।
दूसरा शव निकाला मलवे से
अभी कुछ देर पहले एक और शव मलबे से निकल गया है जो होटल मरा मरम्मत का कार्य कर रहे मजदूर 50 वर्षीय रामकृपाल यादव निवासी ग्राम फुनगा का है।
यही कोतमा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि इस निर्माण की अनुमति ली गई है कि नहीं
इसे में फाइल देखकर बता पाऊंगा।
रात भर चलेगा बचाव कार्य
घटना के करीब 6 घंटे से अधिक समय हो गया है लेकिन घटनास्थल से केवल 15 से 20 प्रतिशत मलबा ही हटाया जा सका है। जिस गड्ढे में लोग फंसे हैं, वहां रेस्क्यू टीम को काम करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। मलबे में बड़ी मात्रा में लोहे की रॉड होने के कारण जेसीबी मशीनों से भी मलबा हटाने में दिक्कत आ रही है। फिलहाल मौके पर 3 जेसीबी से बचाव कार्य जारी है, जबकि जेएमएस कंपनी से पोकलेन मशीन के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात जारी रहने की संभावना है।
