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हर्राटोला पंचायत में पत्नी सरपंच पति बना ठेकेदार, घटिया निर्माण और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप
*आशा कार्यकर्ता पद के साथ सरपंच की सीट भी संभाल रही निर्वाचित सरपंच रामदुलारी*
अनूपपुर
जिले की जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत हर्राटोला एक बार फिर गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि सरपंच रामदुलारी सिंह के कार्यकाल में पंचायत के अधिकांश विकास कार्य उनके पति द्वारा ठेकेदारी के माध्यम से कराए गए है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी की गई, फर्जी तरीके से भुगतान निकाला गया तथा ग्राम सभा की स्वीकृति के बिना योजनाओं को क्रियान्वित किया गया है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सरपंच रामदुलारी सिंह आशा कार्यकर्ता के रूप में भी कार्यरत हैं और अपने दोनों पदों का उपयोग कर प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में पूरे कार्यकाल के विकास कार्यों, भुगतान, गुणवत्ता और नियमों के पालन की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों पर कार्यवाही की मांग की गई है।
*सरपंच बनने के बाद पति बना ठेकेदार*
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच रामदुलारी सिंह के निर्वाचित होने के बाद पंचायत के लगभग सभी निर्माण कार्य उनके पति नत्थू सिंह के माध्यम से कराए गए है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और ठेकेदारी जैसी व्यवस्था अपनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत प्रतिनिधि स्वयं या उनके निकट संबंधी पंचायत कार्यों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ नहीं ले सकते, लेकिन इस सिद्धांत की अनदेखी की गई है। अब इस पूरे मामले की जांच भगवान भरोसे अधर में लटकते दिखाई पड़ रही है।
*सरपंच है, आशा कार्यकर्ता*
ग्रामीणों का आरोप है यह भी है कि सरपंच रामदुलारी सिंह वर्तमान में आशा कार्यकर्ता के रूप में भी कार्यरत हैं। ग्रामीणों का दावा है कि दोनों भूमिकाओं के कारण प्रशासनिक कार्यों में निष्पक्षता प्रभावित हुई है तथा शासन को भ्रामक जानकारी दी गई है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित विभाग यह स्पष्ट करे कि दोनों जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी प्रकार के सेवा नियमों या दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। इस संबंध में भी स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
*घटिया निर्माण व लाखों की वित्तीय अनियमितता*
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में सड़क, पुल और अन्य विकास कार्यों में मानकों का पालन नहीं किया गया है। शिकायत में आरोप है कि गिट्टी और बोल्डर के स्थान पर घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है कई सड़कों में बिना बेस डाले ही सड़क की ढलाई कर दी है है, जबकि भुगतान उच्च गुणवत्ता वाले कार्यों के नाम पर किया गया है। कुछ कार्यों में वास्तविक लागत से कई गुना अधिक राशि निकालने का भी आरोप लगाया गया है।
*जांच की मांग*
ग्रामीणों ने सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन देकर सरपंच, सचिव और संबंधित अधिकारियों के पूरे कार्यकाल की जांच की मांग की है। साथ ही, जांच पूरी होने तक संदिग्ध निर्माण कार्यों के भुगतान और नए कार्यों पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।
इनका कहना है।
शिकायत प्राप्त हुई है जल्द ही जांच कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, आशा कार्यकर्ता के संबंध में स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार किया गया है जैसे ही दस्तावेज जानकारी प्राप्त होती है कार्यवाही नियमानुसार होगी।
*हरीश चंद्र द्विवेदी, सीईओ पुष्पराजगढ़*
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मॉडल ट्राइबल स्कूल पर संकट 8वीं के बाद क्यों रोका जा रहा आदिवासी बच्चों का भविष्य
*अभिभावक संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर*
अनूपपुर।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (अमरकंटक) परिसर स्थित मॉडल ट्राइबल स्कूल को कक्षा 9वीं से 12वीं तक उन्नत करने की वर्षों पुरानी मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सोमवार को अभिभावक संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गया है। अभिभावकों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन केंद्र सरकार को भ्रामक जानकारी देकर स्कूल के उन्नयन को लगातार टाल रहा है, जिससे आठवीं उत्तीर्ण कर चुके सैकड़ों आदिवासी विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। उनका कहना है कि कई बार आवेदन, ज्ञापन और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कई सांसदों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखे जाने और राष्ट्रपति तक गुहार लगाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। अभिभावकों का कहना है कि यह केवल एक स्कूल के विस्तार का मुद्दा नहीं, बल्कि आदिवासी बच्चों के शिक्षा के अधिकार, समान अवसर और सामाजिक न्याय से जुड़ा संवेदनशील प्रश्न है।
*शिक्षा पर लगा विराम, बच्चों का भविष्य संकट में*
मॉडल ट्राइबल स्कूल की स्थापना आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन विद्यालय आज भी केवल कक्षा 8वीं तक सीमित है। परिणामस्वरूप विद्यार्थियों को अन्य स्कूलों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों के अनेक बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते 9वीं से 12वीं तक कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हुआ तो अनेक प्रतिभाशाली छात्र शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।
*ज्ञापन व सांसदों के पत्र भी नहीं आए काम*
विद्यालय के उन्नयन के लिए अभिभावकों, छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपे। इसके बाद शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह, मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और खरगोन-बड़वानी सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को अनुशंसा पत्र भेजे। राष्ट्रपति को ज्ञापन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात के बावजूद अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, जिससे अभिभावकों में गहरा असंतोष है।
*प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप*
अभिभावक संघ का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन वास्तविक स्थिति से केंद्र सरकार को अवगत कराने के बजाय भ्रामक जानकारी प्रस्तुत कर रहा है। उनका कहना है कि लगातार उपेक्षा के कारण अब शांतिपूर्ण और अनिश्चितकालीन आंदोलन ही अंतिम विकल्प बचा है। अभिभावकों का स्पष्ट कहना है कि जब तक विद्यालय को कक्षा 12वीं तक उन्नत करने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
*धरना से पहले लगा प्रतिबंध*
धरना की अनुमति मांगने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन और मुख्य द्वार के आसपास प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए गए। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर संवाद स्थापित करने के बजाय आंदोलन पर रोक लगाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनका मानना है कि प्रशासन को प्रतिबंध लगाने के बजाय समस्या के समाधान के लिए सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
*शिक्षा बचाओ आंदोलन बना आदिवासी अधिकारों की आवाज*
अभिभावकों का कहना है कि यह संघर्ष किसी संस्था के विरोध का नहीं, बल्कि आदिवासी बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का अभियान है। उनका विश्वास है कि शिक्षा ही सामाजिक न्याय, समान अवसर और आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज, जनप्रतिनिधियों और सरकार से अपील की है कि मॉडल ट्राइबल स्कूल को शीघ्र कक्षा 12वीं तक उन्नत किया जाए ताकि जनजातीय विद्यार्थियों को अपने ही परिसर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके।
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747 ग्राम गांजा व 16 लीटर अवैध शराब जप्त, तीन आरोपियों पर मामला दर्ज विरुद्ध कार्यवाही
अनूपपुर
थाना बिजुरी पुलिस ने गांजा एवं अवैध शराब के विरुद्ध अलग-अलग कार्यवाही करते हुए कुल लगभग ₹12,000 मूल्य का मशरूका जप्त कर आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की है। मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति घनश्याम यादव लोहसरा स्थित ठाकुर बाबा मंदिर के पास अवैध मादक पदार्थ गांजा बिक्री करने की नियत से रखा हुआ है। सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर संदेही घनश्याम यादव पिता ददानी यादव, उम्र 48 वर्ष, निवासी कनईटोला, बिजुरी को पकड़ा गया।
तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 747 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ, जिसे विधिवत जप्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 231/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
थाना बिजुरी पुलिस द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध चलाए गए अभियान के दौरान तीन अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए—
रतन सिंह पिता बीर बहादुर सिंह, उम्र 55 वर्ष, निवासी माइनस कॉलोनी, बिजुरी। राकेश सिंह कंवर पिता श्यामलाल सिंह कंवर, उम्र 45 वर्ष, निवासी उमरदा। शीतल प्रसाद पनिका पिता बेसाहू लाल पनिका, उम्र 30 वर्ष, निवासी उमरदा। के कब्जे से कुल 04 लीटर अंग्रेजी शराब एवं 12 लीटर देसी महुआ शराब जप्त कर आबकारी अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई।
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तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर मकान में घुसी, खाली था मकान, तीन लोग घायल
अनूपपुर
जिले के डोला नगर परिषद क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। कोतमा से मनेन्द्रगढ़ जा रही एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक मकान में जा घुसी। गनीमत रही कि हादसे के समय घर खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, कार क्रमांक CG16CU8927 कोतमा से मनेन्द्रगढ़ की ओर जा रही थी। डोला नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-3 में चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार कार सड़क किनारे नाले को पार करती हुई कुंदन गुप्ता के मकान में जा घुसी।
हादसे के समय मकान में कोई मौजूद नहीं था। इससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। कार में 8 वर्षीय बच्चे सहित कुल 3 लोग सवार थे, जिन्हें भी गंभीर चोट नहीं आई।
कार के मकान में घुसते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत कार में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।
सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और वाहन का अनियंत्रित होना दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है।
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क्षेत्रीय संचालक ने प्राइवेट नर्सिंग होम संचालकों की ली बैठक, जिला चिकित्सालय का किया निरीक्षण
शहडोल
शहडोल एवं रीवा संभाग के क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ.जीएस परिहार ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय की सभागार में प्राइवेट नर्सिंग होम संचालकों की बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए की शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार निजी अस्पतालों का संचालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड योजना के तहत मरीजों को चिन्हित अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाए आयुष्मान कार्डधारकों से किसी प्रकार का शुल्क न लिए जाएं।
क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य ने जिला चिकित्सालय शहडोल का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला चिकित्सालय में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ शिल्पी सराफ सहित अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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खेत में निर्माणाधीन मकान में मिला युवक का शव, मौत के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
अनूपपुर
कोतमा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत निगवानी में रविवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव निवासी सतानंद तिवारी (47 वर्ष) का शव उनके खेत में बने निर्माणाधीन मकान के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। सूचना पर कोतमा पुलिस भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
सतानंद तिवारी लंबे समय से नशे के आदी बताए जा रहे थे तथा वे गंभीर बीमारी से भी पीड़ित थे। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि अत्यधिक नशे की हालत में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे निर्माणाधीन मकान के भीतर गिर पड़े। गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार करते हुए मामले की हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।
घटना की सूचना मिलते ही कोतमा थाना पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर पंचनामा कार्रवाई पूरी की तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया जाएगा।
पुलिस द्वारा घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं तथा मृतक के परिजनों एवं आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो उसी आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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स्कूल चले हम अभियान के तहत स्कूलों में कार्यक्रम संपन्न, कलेक्टर ने विद्यालय में बच्चों का किया मार्गदर्शन
*शिक्षा विकास के व्दार खोलती है- कलेक्टर राखी सहाय*
उमरिया
जिले में स्कूल चले हम अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों में प्रवेशोत्सव एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य कार्यक्रम पीएमश्री शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कालरी उमरिया में आयोजित हुआ। कलेक्टर राखी सहाय ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होने कहा कि शिक्षा ही विकास के द्वार खोलती है। यदि विद्यार्थी पूरी ईमानदारी, लगन और निष्ठा के साथ अध्ययन करेंगे तो सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन का पालन करने, नियमित रूप से विद्यालय आने तथा पढ़ाई को बोझ न मानकर सीखने का माध्यम समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पढ़ाए गए विषयों का प्रतिदिन घर पर पुनरावृत्ति करें तथा किसी भी विषय में कठिनाई होने पर अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन अवश्य लें। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अपनी रुचियों और प्रतिभाओं को भी विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेल, चित्रकला, संगीत जैसी हॉबी जीवन को संतुलित और समृद्ध बनाती हैं, इसलिए पढ़ाई के साथ इन गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करें।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने अर्चना यादव का कक्षा नवमी में विद्यालय में प्रवेश कराया तथा छात्रों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया। स्कूल चले हम अभियान के अंतर्गत जिले की समस्त शासकीय शालाओं में विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को प्रेरक के रूप में नामित किया गया। इन अधिकारियों ने अपने-अपने आवंटित विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा शिक्षा के प्रति प्रेरित किया।
कार्यक्रम में भोपाल से प्राप्त टीएलएम शिक्षा सामग्री कलेक्टर व्दारा विद्यालय के प्राचार्य को सौपी गई । कार्यक्रम में जिला समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान के.के. डेहरिया, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
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जिला स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान का ग्राम पंचायत छतवई में हुआ समापन
*जल संचयन जनभागीदारी अभियान में देश में नौवा व जोन में तीसरा स्थान*
जिले में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का जिला स्तरीय समापन कार्यक्रम ग्राम पंचायत छतवई में आयोजित किया गया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता कर जल संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक मनीषा सिंह ने कहा कि “जल है तो कल है, जल बचाएंगे तो भविष्य संवरेगा।” उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण केवल शासन का नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूर जल संचय जनभागीदारी अभियान के तहत मुख्यमंत्री डाॅ.मोहन यादव के मार्ग दर्शन में पूरे प्रदेश में 19 मार्च से 30 जून तक यह अभियान संचालित किया गया । इस अवसर पर उन्होने प्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव का प्रदेश के जनता के नाम संदेश का वाचन किया ।
विधायक जय सिंह मरावी ने कहा कि “हर बूंद की कीमत पहचानें और जल स्रोतों का संरक्षण करें।” उन्होंने लोगों से वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग का आग्रह किया। आपने कहा कि शहडोल जिले में अभियान के तहत किये गये कार्यो से जिले का नाम पूरे प्रदेश एवं देश मे गौरवांवित हुआ है। जिसका श्रेय आम जन की सहभागिता जिला प्रशासन की नियमित मानिटिरिंग तथा आपसी समन्वय
कार्यक्रम में बताया गया कि जल संचयन जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत शहडोल जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे देश में नौवां स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंचायतों तथा प्रशासन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। अभियान के दौरान जिले में जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण, तालाबों एवं कुओं के जीर्णोद्धार, जल स्रोतों की साफ-सफाई तथा जनजागरूकता गतिविधियों का व्यापक स्तर पर संचालन किया गया।
एनआरएलएम द्वारा बेकार पडे़ प्लास्टिक बोतलो का उपयोग कर 55 हजार पौधों को डिप सिचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई । इस अवसर पर अतिथियों द्वारा हस्त शिल्प विकास निगम छतवई में प्रशिक्षणरत कारीगरों द्वारा लगाई गई काष्ट शिल्प एवं कालीन की प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल स्रोतों के संवर्धन हेतु सक्रिय योगदान देने की शपथ ली।
