दबंग पब्लिक प्रवक्ता

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जानलेवा हमला व लूट के आरोपियों की नही हुई गिरफ्तारी, भगवती मानव कल्याण संगठन ने दी थाना घेराव की चेतावनी

*एसपी से की शिकायत, 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम*

​अनूपपुर

जिला अंतर्गत आने वाले थाना राजेन्द्रग्राम के ग्राम पटनाकला में बीते 25 जून को कार सवार युवकों पर जानलेवा हमला कर नकदी व मोबाइल लूटने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था। घटना के दो सप्ताह से अधिक बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित पक्ष और भगवती मानव कल्याण संगठन में भारी आक्रोश है। संगठन ने पुलिस प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए थाना घेराव और धरने पर बैठने की चेतावनी दी है।

*​रॉड व तलवार से हुआ था हमला*

​जानकारी के अनुसार, अमित कुमार यादव उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम कोड़ा व कृष्णा कोल उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम जमुड़ी अपनी चार पहिया वाहन से जा रहे थे। इसी दौरान आरोपी विष्णु पनाडिया, सेमू पनाडिया, विष्णु की पत्नी, एक अन्य महिला, एक अज्ञात पुरुष और बल्लू बकरा ने राजेंद्रग्राम से ही उनका पीछा करना शुरू किया। ग्राम पटनाकला के पास आरोपियों ने अपनी कार को पीड़ितों की कार क्रमांक MP 65 ZB 3194 के आगे लगाकर रास्ता रोक लिया।

​कार रुकते ही आरोपियों ने अमित कुमार यादव पर टाई लीवर रॉड से सिर पर तीन-चार बार ताबड़तोड़ प्रहार किए, जिससे उनका सिर फट गया और अत्यधिक खून बहने लगा। इसके बाद आरोपियों ने दूसरे युवक कृष्णा कोल पर तलवार और रॉड की से पीठ पर गंभीर हमला किया। आरोपियों ने पीड़ितों की कार की चारों खिड़कियों और सामने का ग्लास तोड़कर वाहन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के समय ग्राम सचिव फूल सिंह मरावी ने मौके पर पहुँचकर बीच-बचाव किया, जिससे अमित यादव की जान बच सकी। जाते-जाते आरोपी अमित की जेब से 10 हजार रुपये नकद और वीवो वाई-2100 मोबाइल लूट ले गए।

*​पुलिस ने लगाई कम धारा*

​पीड़ितों का आरोप है कि घटना के बाद राजेन्द्रग्राम पुलिस ने इतने गंभीर अपराध को बेहद सामान्य धाराओं में दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर ली थी। बाद में उप-निरीक्षक दयावंती मरावी और थाना प्रभारी पी.सी. कोल द्वारा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6) (लूट के दौरान जानलेवा हमला/चोट) और एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट की धाराएं बढ़ाने व दो दिन में आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

*​एसपी से शिकायत, 24 घंटे दिया अल्टीमेटम*

​मामले में कोई कार्रवाई न होने पर पीड़ितों ने अपने अधिवक्ता रामकिशोर सिंह राणा और भगवती मानव कल्याण संगठन के 40-50 कार्यकर्ताओं के साथ 7 जुलाई को पुलिस अधीक्षक अनूपपुर से व्यक्तिगत मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुनः एक लिखित पत्र सौंपकर चेतावनी दी है की आगामी 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया सामान व कार जब्त नहीं की गई, तो भगवती मानव कल्याण संगठन राजेन्द्रग्राम थाने का उग्र घेराव करेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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पीकप चालक से चाकू दिखाकर लूट, नगदी व दस्तावेज लेकर आरोपी फरार, मामला हुआ दर्ज

शहडोल 

जिले के खैरहा थाना क्षेत्र में देर रात लूट की वारदात से इलाके में दहशत फैल गई। सीमेंट की खेप खाली कर लौट रहे एक पिकअप चालक को बाइक सवार दो बदमाशों ने सुनसान सड़क पर रोक लिया। आरोपियों ने चाकू दिखाकर चालक से नकदी और जरूरी दस्तावेज लूट लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक घटना लखवारिया रोड पुलिया के आगे की है। पिकअप चालक सुनील केवट सीमेंट की खेप अनलोड कर वापस लौट रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने उसकी गाड़ी के सामने बाइक लगाकर रास्ता रोक दिया। आरोप है कि दोनों ने चाकू दिखाकर चालक को धमकाया और उसकी जेब से 2,800 रुपये नकद के साथ कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज छीन लिए। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद सुनील केवट सीधे खैरहा थाने पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान करते हुए उनके खिलाफ लूट समेत अन्य संबंधित धाराओं में नामजद मामला दर्ज कर लिया है।

खैरहा थाना प्रभारी उमाशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया है। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी है और उनके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

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उत्पाती बंदरों ने रामसेतु की विद्युत सज्जा की उजाड़ी चमक, करोड़ों की लाइटिंग व्यवस्था हुई क्षतिग्रस्त

*फीका पड़ने लगा रामसेतु का सौंदर्य*

अनूपपुर

मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्र एवं धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थस्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने रामघाट स्थित रामसेतु (झूला पुल) की भव्य विद्युत सज्जा उत्पाती बंदरों के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। नगर परिषद अमरकंटक के वार्ड क्रमांक 10 में स्थित इस पुल का निर्माण मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। पुल को आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के लिए अत्याधुनिक रंगीन विद्युत झालरों एवं प्रकाश व्यवस्था से सजाया गया था, जिसकी लागत भी लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक आंकी जा रही है।

बताया जाता है कि पिछले कुछ समय से बंदरों के लगातार उत्पात के कारण रामसेतु पर लगी विद्युत झालरों, केबलों एवं सजावटी लाइटों को जगह-जगह से कुतर दिया गया है। परिणामस्वरूप पूरी प्रकाश व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है। स्थिति यह है कि संध्या होते ही पुल पर केवल इक्का-दुक्का लाइटें ही जलती दिखाई देती हैं, जबकि कुछ सप्ताह पूर्व तक यह सेतु रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता था और श्रद्धालुओं व पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ था।

स्थानीय लोगों के अनुसार विद्युत सज्जा मुश्किल से एक माह तक ही अपनी पूर्ण चमक बिखेर सकी, इसके बाद बंदरों ने उसे लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे शाम और रात्रि के समय रामसेतु का मनोहारी दृश्य देखने आने वाले पर्यटकों तथा तीर्थयात्रियों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है।

क्षतिग्रस्त विद्युत तारों और उपकरणों के कारण सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंता बढ़ गई है। यदि समय रहते मरम्मत एवं आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो किसी अप्रिय दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन, मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम तथा नगर परिषद अमरकंटक से मांग की है कि रामसेतु की विद्युत व्यवस्था का शीघ्र नवीनीकरण कर उसे पुनः आकर्षक स्वरूप प्रदान किया जाए, 

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कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन में गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ निवेशचर समारोह

अनूपपुर

कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन, अमरकंटक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नवनिर्वाचित छात्र परिषद के शपथ ग्रहण एवं पदभार ग्रहण का भव्य निवेशचर समारोह विद्यालय परिसर स्थित हंसवाहिनी सभागार में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में विद्यार्थियों ने नेतृत्व, अनुशासन, सेवा तथा कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री कल्याण सेवा आश्रम के प्रबंध संन्यासी स्वामी हिमाद्री मुनि महाराज थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में राजेंद्र बिष्ट एवं वरिष्ठ पत्रकार उमाशंकर पाण्डेय 'मुन्नू' उपस्थित रहे। अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। तत्पश्चात दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत ने पूरे सभागार को भक्तिमय और प्रेरणादायी वातावरण से भर दिया।

अपने आशीर्वचन में स्वामी श्री हिमाद्री मुनि जी महाराज ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य एवं सफल शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि उत्तम चरित्र, अनुशासन, सेवा और संस्कारों का विकास करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से सत्य, सदाचार एवं राष्ट्रहित को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।

समारोह के दौरान विद्यालय की नवनिर्वाचित छात्र परिषद का विधिवत बैज अलंकरण एवं शपथ ग्रहण कराया गया। स्कूल कैप्टन (बॉय) हर्ष प्रजापति तथा स्कूल कैप्टन (गर्ल) मंजरी शुक्ला ने नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली। वाइस कैप्टन के रूप में साक्षी परस्ते एवं शुभ गुप्ता ने शपथ ग्रहण की।

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श्री चंद्राचार्य धर्मार्थ चिकित्सालय में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर सम्पन्न, 95 मरीजों ने उठाया लाभ

अनूपपुर

श्री कल्याण सेवा आश्रम द्वारा संचालित श्री चंद्राचार्य धर्मार्थ चिकित्सालय, अमरकंटक में नियमित जनसेवा के क्रम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए 95 मरीजों ने पंजीयन कराकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया। शिविर के दौरान विशेष रूप से मधुमेह (शुगर) एवं रक्तचाप (बीपी) जांच शिविर आयोजित किया गया, जिसमें मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं निःशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं।

शिविर में वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. सुभाष सिंह, डॉ. एस.के. तिवारी, डॉ. लाहड़ी तथा डॉ. राजेश नंदानी ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर विभिन्न रोगों के संबंध में परामर्श दिया। चिकित्सकों ने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम एवं समय पर उपचार से अनेक गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।

श्री कल्याण सेवा आश्रम के पदाधिकारियों ने बताया कि चिकित्सालय में प्रत्येक रविवार को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं के साथ निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। चिकित्सालय प्रबंधन ने अधिक से अधिक लोगों से इन निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की।

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पुलिस ने चोरी का मामला सुलझाया, आरोपी गिरफ्तार, चोरी का सामान बरामद*

उमरिया

जिले के थाना इंदवार पुलिस ने चोरी के मामले का सफल खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी गया सामान बरामद किया है।

06 जुलाई 2026 को गोकरण लोनी पिता फुल्लूलाल लोनी, निवासी ग्राम धनवाही, थाना इंदवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि अज्ञात चोर उसके बड़े बेटे के सूने मकान की छत की सीट हटाकर घर में घुस गया तथा घर में रखे बर्तन, अनाज एवं नकदी चोरी कर ले गया। रिपोर्ट पर थाना इंदवार में अपराध क्रमांक 262/2026 अंतर्गत धारा 305(ए), 331(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

तकनीकी विश्लेषण एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी कुलदीप कुमार लोनी पिता सुखचैन लोनी, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम धनवाही, थाना इंदवार, जिला उमरिया को गिरफ्तार किया गया।

आरोपी के कब्जे से 123.200 किलोग्राम गेहूं, 33 किलोग्राम चावल, 9.200 किलोग्राम धनिया, 20 किलोग्राम उड़द, 5 कांसे के लोटे, 1 कांसे का गिलास, 5 कांसे की कटोरियां, 15 स्टील के गिलास, 25 स्टील की कटोरियां, 16 स्टील की चम्मच तथा  नकद बरामद किए गए।

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सरपंच-सचिव पर ठेकेदारी का आरोप,  निर्माण मे मिट्टी मिली रेत का उपयोग, ग्रामीणों ने रोका काम

उमरिया

जिले के विकासखंड मानपुर की ग्राम पंचायत बड़खेरा के वार्ड क्र. 19 में बन रही पुलिया की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों की शिकायत और मौके के वायरल वीडियो में आरोप है कि पुलिया में अच्छी रेत की जगह नाली की मिट्टी मिली सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।

वीडियो में साफ दिख रहा है कि सरिया के ऊपर मशीन से पतला मसाला डाला जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह काम सरपंच पुष्पमनी सिंहबऔर सचिव धीरज लाल की मिलीभगत से उनके करीबी ठेकेदार द्वारा करवाया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पंचायत में कुआं खनन समेत सभी काम ठेके पर हो रहे हैं।

मौके पर ग्राम पंचायत के जागरूक नागरिक  बड़ी संख्या में जुटे और उन्होंने इस गुणवत्ता हीन काम को  रोकने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि "इस तरह की पुलिया एक बारिश में बह जाएगी और शासकीय राशि का दुरुपयोग होगा। बताया जाता है कि इस पुलिया की लागत अनुमानित  दस लाख है इतनी धन राशि में गुणवत्ता युक्त और टिकाऊ पुलिया का निर्माण हो सकता है, जो ग्रामीणों के लिए दशकों का सहारा बनेगी,लेकिन  यह पुलिया बेहद घटिया युक्त सामग्री और गुणवत्ता हीन बनायी जा रही है। ।

ग्रामवासियों ने कलेक्टर उमरिया और  मानपुर के मुख्य कार्य पालन अधिकारी से मांग की है  पुलिया निर्माण की तत्काल जांच और दोषियों पर वैधानिक  कार्रवाई की मांग की गयी है।

समाचार 08

18 जुलाई को आयोजित होगी विशेष लोक अदालत

शहडोल

मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर केनिर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के.एन सिंह  के मार्गदर्शन में  18 जुलाई 2026 को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 अंतर्गत चेक अनाधारण संबंधी प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। उक्त विशेष लोक अदालत हेतु  विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटी दीपाली शर्मा को जिला को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है।

विशेष न्यायाधीश  के निर्देशन में समस्त बैंकों एवं कंपनी जिनके चेक अनादरण संबंधी प्रकरण न्यायालय में लंबित है उनके साथ संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में  विशेष न्यायाधीश द्वारा समस्त बैंक अधिकारियों एवं फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों से चर्चा कर 50000 से कम राशि के प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए अधिक से अधिक प्रकरण निराकरण किए जाने में, बैठक में विभिन्न न्यायालयों में लंबित  की सूची उपलब्ध कराई गई तथा अधिक से अधिक प्रकरणों में समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही करने, लंबित चेक अनादरण प्रकरणों को चिन्हित कर उन्हें विशेष लोक अदालत में प्रस्तुत करने,   सहयोग प्रदान करने हेतु कहा गया।

सरपंच-सचिव पर ठेकेदारी का आरोप,  निर्माण मे मिट्टी मिली रेत का उपयोग, ग्रामीणों ने रोका काम


उमरिया

जिले के विकासखंड मानपुर की ग्राम पंचायत बड़खेरा के वार्ड क्र. 19 में बन रही पुलिया की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों की शिकायत और मौके के वायरल वीडियो में आरोप है कि पुलिया में अच्छी रेत की जगह नाली की मिट्टी मिली सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।

वीडियो में साफ दिख रहा है कि सरिया के ऊपर मशीन से पतला मसाला डाला जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह काम सरपंच पुष्पमनी सिंहबऔर सचिव धीरज लाल की मिलीभगत से उनके करीबी ठेकेदार द्वारा करवाया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पंचायत में कुआं खनन समेत सभी काम ठेके पर हो रहे हैं।

मौके पर ग्राम पंचायत के जागरूक नागरिक  बड़ी संख्या में जुटे और उन्होंने इस गुणवत्ता हीन काम को  रोकने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि "इस तरह की पुलिया एक बारिश में बह जाएगी और शासकीय राशि का दुरुपयोग होगा   । बताया जाता है कि इस पुलिया की लागत अनुमानित  दस लाख है इतनी धन राशि में गुणवत्ता युक्त और टिकाऊ पुलिया का निर्माण हो सकता है, जो ग्रामीणों के लिए दशकों का सहारा बनेगी,लेकिन  यह पुलिया बेहद घटिया युक्त सामग्री और गुणवत्ता हीन बनायी जा रही है। ।

ग्रामवासियों ने कलेक्टर उमरिया और  मानपुर के मुख्य कार्य पालन अधिकारी से मांग की है  पुलिया निर्माण की तत्काल जांच और दोषियों पर वैधानिक  कार्रवाई की मांग की गयी है।

विद्यालय में बड़ा खेल? फर्जी आवक रजिस्टर, गायब आवेदन और अतिथि शिक्षक भर्ती में कथित धांधली का खुलासा

*"आवेदन गायब करो, फिर कहो मिला ही नहीं" — अभ्यर्थी का गंभीर आरोप*

*फिर से हुई अतिथि शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी तो अन्य कई गंभीर मुद्दों के साथ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की चेतावनी*


उमरिया

जिले के बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहपुर एक बार फिर गंभीर विवादों के केंद्र में है। अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के बाद अब विद्यालय में आवेदन प्राप्त करने और अभिलेख संधारण की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अभ्यर्थी दिलीप कुमार द्विवेदी ने आरोप लगाया है कि विद्यालय में प्राप्त होने वाले आवेदनों को नियमित शासकीय अभिलेख में दर्ज न कर कथित रूप से एक अलग रजिस्टर में दर्ज किया जाता है, ताकि बाद में आवेदन प्राप्त होने से ही इनकार किया जा सके।

आवेदक के अनुसार, 8 जुलाई 2026 को आवेदन जमा करने के बाद पावती देने से मना कर दिया गया। विद्यालय के भृत्य ने कथित रूप से कहा कि विद्यालय की सील और रजिस्टर प्रभारी प्राचार्य के पास हैं, इसलिए उनके आने के बाद ही पावती मिलेगी। वहीं जब प्रभारी प्राचार्य श्री सिंह परस्ते से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कथित रूप से कहा कि सील और आवक-जावक रजिस्टर उनके पास नहीं, बल्कि विद्यालय में ही रहते हैं। दोनों कथनों में विरोधाभास ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया।

आवेदक का कहना है कि 10 जुलाई 2026 को पावती मांगने पर प्रभारी प्राचार्य की मौजूदगी में कंप्यूटर ऑपरेटर से आवेदन दर्ज कराया गया। इसके बाद जो पावती दी गई, उसमें आवक की सील के स्थान पर जावक की सील लगी थी। इतना ही नहीं, रजिस्टर में आवक क्रमांक 03 दर्ज था, जबकि पावती पर 031 अंकित किया गया था बाद में उसे कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा सुधारा गया इससे अभिलेखों की प्रामाणिकता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि कथित रूप से प्रमाणित रजिस्टर में जनवरी 2025 से जुलाई 2026 तक केवल तीन पत्र ही दर्ज मिले। यदि यह सही है, तो इतने लंबे समय में विद्यालय को क्या  केवल तीन ही पत्र  प्राप्त हुए? अन्य आवेदन कहाँ गए? आवेदक का आरोप है कि पहले भी उसके कई आवेदन गायब कर दिए गए और बाद में अधिकारियों के समक्ष यह कह दिया जाता है कि आवेदन मिला ही नहीं।

आवेदक ने यह भी दावा किया है कि संभागीय जांच समिति की रिपोर्ट में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन, पुराने वैध पैनल की उपेक्षा तथा भर्ती में गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में विद्यार्थियों को होम एग्जाम में कथित रूप से अनियमित तरीके से उत्तीर्ण कराने जैसे मामलों का भी उल्लेख होने का दावा किया गया है।

ग्रामीणों द्वारा प्रभारी प्राचार्य पर पैसे लेकर विद्यार्थियों को पास कराने जैसे आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई है। आवेदक का कहना है कि संभाग स्तरीय गठित जांच के जांच रिपोर्ट में भी कई मामलों में अनियमितताएं उजागर हुई हैं।

दिलीप कुमार द्विवेदी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सत्र 2026-27 की अतिथि शिक्षक भर्ती में फिर से किसी प्रकार की अनियमितता हुई तो प्रभारी प्राचार्य, एसएमडीसी अध्यक्ष, सचिव, संबंधित सदस्यों तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी और संपूर्ण अभिलेख न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दी जा चुकी है।

*अब उठ रहे हैं बड़े सवाल*

क्यों विद्यालय में शासकीय आवक रजिस्टर के स्थान पर कोई अलग बिना प्रमाणित रजिस्टर उपयोग में लाया जाता रहा, आपत्ति करने पर रजिस्टर को केवल पेज संख्या के आधार पर प्रमाणित किया गया।जनवरी 2025 से जुलाई 2026 तक केवल तीन आवेदन दर्ज होने का कारण क्या है। आवेदन की पावती देने में देरी और सील संबंधी विरोधाभास क्यों सामने आया। क्यों आवक की जगह जावक का शील लगाया गया। क्या इतने वर्षों में 3 पत्रों के अलावा विद्यालय में कोई पत्र व्यवहार नहीं हुआ। अतिथि शिक्षक भर्ती में जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं का उल्लेख है, तो जिम्मेदारों पर अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? प्रभारी प्राचार्य श्री सिंह परस्ते का सिर्फ वेतन वृद्धि भर  रोकना क्या पक्षपात नहीं है।

जांच रिपोर्ट में अतिथि शिक्षक भर्ती में धांधली उजागर हुई है और अन्य कई अनियमिताएं सामने आई है तो उनके पद पर बने रहना क्या न्यायसंगत है जबकि विद्यालय में उनसे दो वरिष्ठ उच्च माध्यमिक शिक्षक है। सहायक आयुक्त उमरिया को इसकी जानकारी दी गई लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया।

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