दबंग पब्लिक प्रवक्ता

17 स्कूल भवनों की फाइल खोलने भाजपा विधायक को प्रमुख सचिव से लगानी पड़ रही है गुहार

*मुख्यमंत्री की घोषणाएं डेढ़ साल से खा रही धूल*


उमरिया

मध्यप्रदेश सरकार विकास के दावे करते थक नहीं रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर दिखाई दे रही है। तभी तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जनता के बीच की गई सैकड़ों घोषणाएं आज भी धरी की धरी रह गई हैं।

हम संजय गांधी ताप परियोजना बिरसिंहपुर की 600 मेगावाट की नई विद्युत इकाई की बात नहीं कर रहे। मामला है मानपुर विधानसभा क्षेत्र के मानपुर विकासखण्ड के स्कूल भवनों का। इन भवनों की घोषणा खुद मुख्यमंत्री ने नौरोजाबाद के रामलीला मैदान में जनता के बीच की थी, पर आज डेढ़ साल बाद भी ये घोषणाएं धूल खा रही हैं।

आश्चर्य की बात है कि जिन घोषणाओं से सियासत का बाजार गर्म किया गया था, उन्हीं को लेकर अब आम जनता और विपक्ष भाजपा सरकार और उनके मुखिया का मजाक उड़ा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार मानपुर की विधायक सुश्री मीना सिंह की मांग पर मुख्यमंत्री ने 17 स्कूल भवनों के निर्माण की घोषणा मंच से की थी। इसके बाद प्रस्ताव बने। लोक शिक्षण संचालनालय ने 7 नवंबर 2025 को पत्र लिखा और लोक निर्माण विभाग ने 28 जनवरी 2026 को तकनीकी स्वीकृति भी जारी कर दी। 

लेकिन इसके बाद 6 महीने बीत गए। न प्रशासकीय स्वीकृति मिली न बजट का आवंटन। इंतजार कर-कर के थक चुकी विधायक सुश्री मीना सिंह ने 22 जुलाई को प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर 44.23 करोड़ रुपये लागत वाले इन 17 स्कूल भवनों की फाइल को ठंडे बस्ते से निकालने की मांग की है।

जिन स्कूलों के लिए नए भवन प्रस्तावित हैं उनमें ताला, सरसवाही, बल्हौड़, चिल्हारी, चंसुरा जैसे हायर सेकेण्ड्री और इंदवार, बड़छड़, अमरपुर, परासी जैसे हाई स्कूल शामिल हैं। आज भी इन स्कूलों के बच्चे जर्जर कमरों में अभाव में पढ़ने को मजबूर हैं।

चरित्र संदेह में पति ने पत्नी की कुल्हाड़ी से की हत्या, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

जिले की पुलिस चौकी फुनगा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पयारी क्रमांक-1 में शनिवार सुबह चरित्र संदेह के चलते एक पति ने अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से वार कर निर्मम हत्या कर दी। घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका मुनिया बाई शनिवार सुबह लगभग 9:30 बजे घर में खाना बना रही थी। इसी दौरान उसका पति मायाराम चौधरी कुल्हाड़ी लेकर पहुंचा और कथित रूप से चरित्र संदेह को लेकर उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस चौकी फुनगा के प्रभारी सोने सिंह परस्ते पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। वहीं सूचना मिलते ही एसडीओपी आरती शाक्य भी मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मायाराम चौधरी को हिरासत में ले लिया है। मृतका के शव को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।

दिनदहाड़े बाइक की डिग्गी से 2 लाख पार, 40 घरों के काटे विद्युत कनेक्शन, जेई पर अभद्रता का आरोप



शहडोल

चौपाटी के सामने दिनदहाड़े हुई चोरी की वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अज्ञात बदमाश बाइक की डिग्गी से दो लाख रुपये लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

रीवा रोड स्थित सर्किट हाउस के सामने रहने वाले सुनील श्रीवास्तव बैंक से दो लाख रुपये निकालकर अपनी मोटरसाइकिल की डिग्गी में रखकर घर लौट रहे थे। दोपहर करीब चार बजे वह चौपाटी के सामने कुछ सामान खरीदने के लिए रुके और बाइक वहीं खड़ी कर दी। जब कुछ देर बाद वापस लौटे तो देखा कि मोटरसाइकिल की डिग्गी खुली हुई है और उसमें रखी पूरी नकदी गायब थी। 

पीड़ित ने तत्काल कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। साथ ही बैंक और घटनास्थल के बीच के मार्ग की भी जांच की जा रही है।

*40 घरों के काटे गए बिजली कनेक्शन*

शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र की झींक बिजुरी पुलिस चौकी अंतर्गत गांव झींक बिजुरी में बिजली बिल की वसूली के दौरान शुक्रवार शाम विवाद की स्थिति बन गई। बिजली विभाग की टीम बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए गांव पहुंची थी। इस दौरान कई उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे जाने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया। मामला बढ़ने पर दोनों पक्ष पुलिस चौकी पहुंचे और लिखित शिकायत दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

ग्रामीण अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि गांव के कुछ घरों पर बिजली बिल बकाया था। इसकी वसूली के लिए जैतपुर बिजली विभाग का अमला, जिसमें कनिष्ठ अभियंता (जेई) भी शामिल थे, गांव पहुंचा। उनके अनुसार विभाग की कार्रवाई के दौरान कई उपभोक्ताओं ने मौके पर ही बकाया राशि जमा कर दी, जबकि कुछ लोगों ने भुगतान नहीं किया।

अनिल श्रीवास्तव का आरोप है कि जब ग्रामीणों ने बिजली कनेक्शन काटने का कारण पूछा और विरोध दर्ज कराया तो मौके पर मौजूद जेई ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में झींक बिजुरी पुलिस चौकी पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने भी अपनी ओर से शिकायत पुलिस को सौंपी है। 

झींक बिजुरी चौकी प्रभारी रामपाल वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों एवं बिजली विभाग के कर्मचारियों, दोनों पक्षों से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। 

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