जानलेवा गड्ढे में बच्ची गिरी, नही जागा प्रशासन, ट्रक में फंसा बिजली का तार, हादसा टला
जानलेवा गड्ढे में बच्ची गिरी, नही जागा प्रशासन, ट्रक में फंसा बिजली का तार, हादसा टला
अनूपपुर
कोतमा नगर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित निगवानी के मुख्य बाजार क्षेत्र में लंबे समय से बना हुआ एक खतरनाक गड्ढा अब आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है। बाजार क्षेत्र में प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही होती है। आसपास के गांवों से लोग खरीदारी, बैंकिंग कार्य, दैनिक जरूरतों और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी बाजार में पहुंचते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से बने इस गड्ढे की मरम्मत नहीं कराए जाने से स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल बच्ची को बाहर निकाला। गनीमत रही कि बच्ची को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि इस घटना ने क्षेत्रवासियों को झकझोर कर रख दिया है। लोगों का कहना है कि यदि इसी स्थान पर कोई बुजुर्ग, गर्भवती महिला, स्कूली बच्चा या दोपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो जाता, तो परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या की जानकारी कई बार संबंधित ग्राम पंचायत, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। लोगों का कहना है कि जब बच्ची के गड्ढे में गिरने जैसी घटना के बाद भी तत्काल मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो यह स्थिति संबंधित व्यवस्था की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
*ट्रक में फंसा बिजली का तार, बड़ा हादसा टला*
अनूपपुर जिले के कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक 14-15 अंतर्गत लहसुई गांव में सोमवार दोपहर एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। गिट्टी से भरा एक हाईवा ट्रक सड़क पर झूल रहे विद्युत तार में फंस गया, जिससे मुख्य लाइन का तार काफी दूरी तक खिंच गया और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। समय रहते सूचना मिलने और विद्युत विभाग की तत्परता से संभावित बड़ा हादसा टल गया। हाईवा क्रमांक CG-10-9241 गिट्टी लोड कर लहसुई गांव स्थित शासकीय विद्यालय परिसर में निर्माणाधीन पानी टंकी स्थल की ओर जा रहा था। इसी दौरान ट्रांसफार्मर से जुड़े विद्युत पोल पर लगा मुख्य तार सड़क के ऊपर काफी नीचे झूल रहा था। गिट्टी से भरे हाईवा की ऊंचाई अधिक होने के कारण तार वाहन में फंस गया और वाहन के आगे बढ़ते ही बिजली की लाइन कई मीटर तक खिंचती चली गई। यदि तार टूटकर नीचे गिर जाता या उसमें विद्युत प्रवाह जारी रहता, तो राहगीरों, स्थानीय निवासियों तथा वाहन चालक की जान खतरे में पड़ सकती थी।




