दबंग पब्लिक प्रवक्ता

ट्रक पलटा, गुमटी हुई क्षतिग्रस्त, अवैध उत्तखनन व परिवहन पर दो वाहन जप्त


उमारिया 

जर्जर सड़क मार्ग पर सिंगल टोला रेलवे फाटक के पास बुधवार सुबह लकड़ी के लट्ठों से भरा एक भारी-भरकम वाहन अचानक पलट गया।गनीमत रही कि हादसे के वक्त सड़क की दूसरी ओर कोई दूसरा वाहन मौजूद नहीं था, वरना यह घटना बड़ी जनहानि का कारण बन सकती थी। फिलहाल हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन घटना ने सड़क की बदहाली और भारी वाहनों के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

बताया जा रहा है कि रेलवे फाटक के दोनों ओर सड़क पर बड़े-बड़े और गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इन्हीं गड्ढों के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ने की बात सामने आ रही है। हालांकि हादसे की एक दूसरी वजह वाहन का ओवरलोड होना भी मानी जा रही है। हादसे के दौरान दुर्घटनाग्रस्त वाहन सड़क किनारे बने चाय-नाश्ते की गुमटी को भी क्षतिग्रस्त किया है। गनीमत यह रही कि घटना के समय वहां कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

*अवैध उत्तखनन व परिवहन पर दो वाहन जप्त*


शहडोल कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देशन में शहडोल जिले में खनिजो के अवैध भण्डारण, उत्खनन, परिवहन करने पर निरंतर कार्यवाही की जा रही है। जिला खनिज अधिकारी राहुल शांडिल्य ने जानकारी दी है कि खनिज विभाग के अमले द्वारा बुढार तहसील क्षेत्र का निरीक्षण किया गया एवं खनिज का परिवहन कर रहे वाहनों की जांच की गई जिसमें गिट्टी एवं कोयला खनिजो के अवैध परिवहन करने पर दो वाहनो को जप्त कर थाना बुढ़ार की अभिरक्षा में खड़ा किया गया एवं नियमानुसार कार्यवाही सुनिष्चित की गई। उक्त कार्यवाही में सहा खनिज अधिकारी अभिषेक पटले सहित अन्य मैदानी अमला शामिल रहा।

बच्चों की जान से खिलवाड़, जर्जर भवन, कभी हो सकता है हादसा, कागजो में चमक रहे आंगनबाड़ी केंद्र

*जिम्मेदार महिला बाल विकास विभाग लाचार*


उमरिया

बिरसिंहपुर पाली जनपद में महिला बाल विकास विभाग की लाचारी का सबसे वीभत्स चेहरा आंगनबाड़ी केंद्रों में दिख रहा है। कागजों में ये केंद्र चमक रहे हैं, बाहर से पेंटिंग-पुताई कर दी गई है ताकि फोटो खिंच सके, लेकिन अंदर की हकीकत यह है कि छत से पानी टपक रहा है, प्लास्टर सिर पर गिर रहा है और मासूम बच्चे कीचड़ और पानी के बीच जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।

यह कोई एक केंद्र की कहानी नहीं है। पाली जनपद के लगभग हर ग्रामीण आंगनबाड़ी का यही हाल है। फर्श टूटी हुई, दीवारों में सीलन, बिजली-पंखे गायब। सावन की रिमझिम बारिश में ये भवन तालाब बन चुके हैं। सबसे शर्मनाक बात यह है कि यह सब जानकारी महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर से लेकर जिला अधिकारियों तक को पहले से है, फिर भी विभाग किंकर्तव्यविमूढ़ बना हुआ है।

विभाग के अधिकारी मरम्मत के लिए शासन से राशि न मिलने का रोना रोते हैं। यद्यपि पिछले दिनों आंगनबाड़ी भवनों के रंग-रोगन के लिए एक छोटी राशि उपलब्ध कराई गई थी, वह सिर्फ बाहरी रंगाई में खर्च कर दी गई, अंदर के सुधार के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने जरूरत ही नहीं समझी।

नतीजा यह है कि शासकीय भवन छोड़कर कार्यकर्ता गांव में किराए के कमरों में आंगनबाड़ी चलाने को मजबूर हैं। यानी शासन का अपना भवन जर्जर पड़ा है और विभाग किराए पर पैसा फूंक रहा है।

स्थानीय अभिभावक अब पूछ रहे हैं कि क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार हो रहा है? पिछले साल भी यही स्थिति थी, छत गिर रही थी, पानी भर रहा था, शिकायतें हुईं, पर फाइल नहीं हिली। आज भी वही जर्जर भवन बच्चों के सिर पर लटके हैं। आखिर यह नामुराद व्यवस्था में सुधार कब होगा?

महिला बाल विकास विभाग इन टपकती छतों के नीचे अपने बच्चों को इसी परिस्थिति में संचालित करने के लिए मजबूर है। गरीब आदिवासी और मजदूरों के ही बच्चे अधिकांशतः इन आंगनबाड़ियों में आते हैं, इन नौनिहालों को मौत के साए में पढ़ने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है? यह बदहाली नहीं, सीधे-सीधे बच्चों की सुरक्षा के साथ आपराधिक लापरवाही है।

सचमुच में पाली विकासखंड तो सिर्फ एक झांकी है, वास्तविक रूप से यह पूरे उमरिया जिले की ही असली तस्वीर है। जिसकी सूरत बदलने के लिए अब जिला प्रशासन को ही ठोस पहल करने की जरूरत है।

उपवास का सामान लेकर घर लौट था किशोर की हाइवा की टक्कर से हुई मौत, पुलिस ने ट्रक किया जब्त


उमरिया

उमरिया के चिल्हारी में हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर साइकिल से घर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने टक्कर मार दी। हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। गांव में मातम पसरा है। दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया।

हरछठ के उपवास को लेकर घरों में सुबह से ही तैयारियां चल रही थीं। इसी सिलसिले में चिल्हारी निवासी मनजीत पिता लालमन कोल भी सुबह दूध लेने के लिए साइकिल से बस स्टैंड गया था। दूध लेकर वह अपने घर वापस लौट रहा था। इसके बाद उसे अमलियाई हार स्थित अपने खेत की ओर जाना था। लेकिन घर और खेत पहुंचने से पहले ही रास्ते में हुए हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं।

हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी आसपास के ग्रामीणों और पुलिस को दी। हाईवा का नंबर एमपी 19 एचए 7552 बताया गया है। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर हादसे के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।  अमरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जरूरी कार्रवाई शुरू की। 

पुलिस ने हादसे में शामिल हाईवा को कब्जे में लिया है। अब हादसा किस तरह हुआ, हाईवा की गति कितनी थी और टक्कर किन परिस्थितियों में हुई, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। : शहडोल जिले में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। केशवाही और अमलाई क्षेत्र में कई छोटी नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से पुलों के ऊपर पानी बह रहा है। इसके चलते कई मार्गों पर आवागमन बंद हो गया है और गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। प्रशासन और पुलिस ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पानी वाले रास्तों पर आवाजाही रोक दी है।

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