दबंग पब्लिक प्रवक्ता

आदिवासी छात्रावास से आधी रात 15 बोरी गेहूं चुराते ग्रामीणों ने घेरा, मौका पाकर फरार हुए चोर 

*छात्रावास अधीक्षक पर लगे चोरी के आरोप, गरीब आदिवासी बच्चों के हक पर डांका*


उमरिया

पाली विकासखंड के ग्राम चौरी स्थित शासकीय आदिवासी सीनियर बालक छात्रावास में गरीब आदिवासी बच्चों के हक का सरकारी गेहूं ही आधी रात को बेचने के लिए निकाला जा रहा था और आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि उसी छात्रावास के अधीक्षक सुनील कुमार अहिरवार पर लगा है।

रात करीब साढ़े बारह बजे की है। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल चौरी के चौकीदार राजेश सिंह पिता अवसर सिंह ने स्कूल परिसर के पीछे कुछ हलचल और बोरियां घसीटने की आवाज सुनी। वह टॉर्च लेकर बाहर निकला तो दंग रह गया। छात्रावास के भंडार कक्ष से अधीक्षक सुनील कुमार अहिरवार, लल्लू यादव निवासी पैली और तीन-चार अन्य लोग सरकारी गेहूं की बोरियां निकालकर हायर सेकेंडरी स्कूल की बाउंड्रीवाल के पीछे इकट्ठा कर रहे थे। वहां पहले से नई पीली प्लास्टिक की बोरियां और स्टील का टंका रखा था, जिसमें सरकारी बोरियों से निकालकर गेहूं पलटी कर तौला जा रहा था, ताकि बोरी बदलकर पहचान छिपाई जा सके।

चौकीदार के टॉर्च मारते ही हड़कंप मच गया और अंधेरे का फायदा उठाकर तीन-चार लोग भाग गए। मौके पर 15 बोरी गेहूं, कुछ खाली बोरी और टंका रखा मिला। ग्रामीणों ने बताया कि चोरी के लिए सोची समझी साजिश के तहत छात्रावास की बाहरी रोड लाइटें तक बंद कर दी गई थीं और जब ग्रामीणों ने हल्ला मचाया तब आनन-फानन में लाइटें चालू की गईं। इस पूरी वारदात के तीन लाइव वीडियो भी ग्रामीणों ने बनाए हैं, जिसमें गोदाम के अंदर 20-25 बोरी गेहूं का स्टॉक और नई बोरियों में भरने की प्रक्रिया साफ दिख रही है। वीडियो में बनाने वाला बोल रहा है कि चार दिन से प्लानिंग चल रही थी और अधीक्षक व चपरासी सब मिले हुए हैं।

यह पहला मौका नहीं है। छात्रों और ग्रामीणों ने बताया कि इसके एक दिन पहले 24 सितंबर की रात साढ़े दस बजे भी अधीक्षक अपने तीन-चार साथियों के साथ मधुमक्खी का छत्ता तोड़ने का बहाना बनाकर छात्रावास में घुसा था। उस रात भी छात्रों को कैमरे में कैद कर गोदाम से गेहूं निकाला गया, लेकिन विभागीय अधिकारियों को सूचना देने के बाद मामले को दबा दिया गया। भंडार कक्ष की चाबी हमेशा अधीक्षक के पास ही रहती है, फिर ताला बंद गोदाम से गेहूं बाहर कैसे निकला, यह अपने आप में बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। 

घटना के बाद ग्रामीण राजा सिंह, लल्लू सिंह, अलकेश सिंह मौके पर पहुंचे और 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई। चौकीदार राजेश सिंह ने 26 सितंबर को थाना पाली में लिखित आवेदन देकर अधीक्षक सुनील कुमार अहिरवार और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

घटना के बाद से फरार चल रहा अधीक्षक अब उमरिया जिला मुख्यालय में अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है और सेटिंग की फिराक में लगा है ताकि मामले को रफा-दफा किया जा सके। ग्रामीणों ने कलेक्टर उमरिया और संभागीय  आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शहडोल से मांग की है कि पूरे स्टॉक रजिस्टर को जब्त कर पिछले छह माह के राशन की भौतिक जांच कराई जाए और दोषी अधीक्षक को तत्काल निलंबित कर कठोर कार्रवाई की जाए।

दो अलग-अलग मामलो मे पानी मे डूबने से व छत से गिरने से 2 युवकों की हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

पुलिस चौकी फुनगा अंतर्गत दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की मृत्यु हो गई। ग्राम पंचायत बम्हनी में दोपहर खेत में भरे पानी में 35 वर्षीय महेश बैगा की डूबने से एवं ग्राम पंचायत पाली में 21 वर्षीय दिनेश चौधरी की छत से गिरने से मौत हो गई।

ग्राम पंचायत बम्हनी में दोपहर खेत में भरे पानी में डूबने से महेश बैगा पुत्र भुत्ता बैगा, निवासी बम्हनी सुबह घर से गांव की जाने की बात कह निकला था। इसी दौरान गांव के सुनसान जगह के पास एक खेत में गांव के एक बुजुर्ग ने युवक के शव को देखा, जिसकी सूचना ग्रामीणों को दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने शव को देखने के बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फुनगा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां शाम पोस्टमार्डम करा परिजनों को सौंपा दिया। पति की मौत की सूचना पर पत्नी की तबियत बिगड़ गई, जहां पुलिस ने उसे स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए भर्ती कराया है।

पुलिस ने बताया कि मृतक खाने पीने का आदी था। प्रथम दृष्टया पांव फिसलने से खेत की मेढ़ पर गिरना और खेत में भरे पानी में गिरने और डूबने से युवक की मौत होना प्रतीत होता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दूसरी घटना पुलिस चौकी फुनगा के ही ग्राम पंचायत पाली में एक दर्दनाक हादसे में 21 वर्षीय युवक दिनेश पुत्र राकेश चौधरी की छत से गिरने से मौत हो गई। युवक शाम के समय घर की छत पर टहल रहा था। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से वह छत से नीचे गिर गया। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस चौकी फुनगा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार पोस्टमार्डम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुनगा लेकर पहुंची, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक जांच में सिर में गंभीर चोट के कारण मौत होने की बात कही। पुलिस शव परिजनों को सौंप मामले की जांच कर रही है।

फर्जी फेसबुक आईडी से छवि खराब करने पर मामला दर्ज, अस्पताल में इलाज के दौरान संदिग्धावस्था में युवती की मौत


अनूपपुर

भालूमाड़ा पुलिस ने फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर एक व्यक्ति की छवि खराब करने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस के अनुसार फरियादी अभिषेक सिंह उर्फ विक्की सिंह पिता राम अवध सिंह, उम्र 40 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 17, दफाई, भालूमाड़ा ने थाने में शिकायत प्रस्तुत की थी।

एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार, फरियादी का आरोप है कि उसके नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर विभिन्न व्यक्तियों को गलत तरीके से कमेंट कर उसकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक पूर्व में भी इसी फर्जी आईडी से उसके खिलाफ गलत कमेंट किए जाने की शिकायत की गई थी। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि 14 सितंबर 2026 को भी फर्जी फेसबुक आईडी से अभद्र टिप्पणी कर छवि खराब करने का प्रयास किए जाने की बात शिकायत में कही गई है।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत अपराध घटित होना पाए जाने पर मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।पुलिस द्वारा फर्जी फेसबुक आईडी, उससे किए गए कमेंट तथा संबंधित डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

*अस्पताल में इलाज के दौरान संदिग्धावस्था में युवती की मौत*

अनूपपुर जिला चिकित्सालय में इलाज कराने पहुंची 20 वर्षीय युवती सरिता प्रजापति पुत्री सुखलाल प्रजापति निवासी पोंडी चोड़ी की संदिग्धावस्था में मौत हो गई। युवती को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था, इस दौरान परिजनों द्वारा जहर खाने की सूचना पर डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया, हालांकि इस दौरान डॉक्टर ने युवती की बिगड़ती तबियत पर उसे स्थिर कर शहडोल मेडिकल कॉलेज के जाने की सलाह दी गई। लेकिन परिजन शहडोल ले जाने की बजाय जिला चिकित्सालय अनूपपुर में इलाज कराना चाह रहे थे। इसी दौरान अचानक युवती की तबियत ज्यादा बिगड़ गई, जहां उसकी मौत हो गई।

अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने की बात परिजनों से कही। जिस पर परिजन बिना पोस्टमार्टम शव ले जाने जिद्द करने लगे। इस पर पुलिस अधिकारी ने परिजनों को समझाते पोस्टमार्टम के लिए राजी कर शव को मर्चुरी में रखवाया गए, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। जाँच रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। डॉक्टर के अनुसार युवती के जहर खाने की आशंका बताई, लेकिन युवती के मुँह से न तो सल्फास या अन्य कीटनाशी दवा की गंध आ रही थी।

घटना के दौरान घर में युवती, पिता के अलावा भाभी थी। माँ अपनी छोटी बहन के पास शनिवार को शहडोल मिलने गई थी। मृतिका की मौसी का कहना है की युवती को कुछ दिनों से बुखार आ रहा था, शनिवार की गांव में ही किसी डॉक्टर से इलाज करवाते उसे इंजेक्शन दिलाई गई थी। दोपहर में युवती बाड़ी में बैठी थी, तबियत बिगड़ने पर जहर की आशंका में इलाज के लिए अस्पताल लेकर परिजन आए थे।

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