दबंग पब्लिक प्रवक्ता

पीकप में लगी आग, वाहन सहित तेंदूपत्ता जलकर हुआ राख, हाथी से ग्रामीणो में दहशत, वन विभाग एलर्ट


उमरिया

जिले के मानपुर विधानसभा मुख्यालय क्षेत्र अंतर्गत बल्हौड़ समिति के ग्राम परासी ‘अ’ से तेंदूपत्ता लोड कर निकली एक पिकअप वाहन में अचानक भीषण आग लग गई। घटना में वाहन सहित लगभग 60 बोरी तेंदूपत्ता जलकर पूरी तरह राख हो गया। जानकारी के अनुसार पीकप वाहन क्रमांक MP 18 GA 5243 में तेंदूपत्ता लोड कर मुख्य सड़क की ओर ले जाया जा रहा था, जो प्रतिक्षालय एवं स्वागत गेट से लगभग 150 मीटर पहले मोड़ के पास पहुंचा ही था कि अचानक धुआं उठने लगा। चालक कुछ समझ पाता, उससे पहले ही आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते पिकअप वाहन धू-धू कर जलने लगा। आग इतनी भयावह थी कि वाहन में रखे सभी जरूरी दस्तावेज भी जलकर नष्ट हो गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि चालक एवं वाहन मालिक विजय कुमार पटेल, निवासी नगनौड़ी, तहसील जयसिंहनगर, जिला शहडोल, समय रहते वाहन से बाहर निकल आए और सुरक्षित बच गए। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक पूरा वाहन जल चुका था, अब इस घटना को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, यदि समिति से तेंदूपत्ता लोड कर वाहन भेजा गया था, तो सुरक्षा एवं जवाबदेही किसकी बनती जांच का विषय हैं।

*हाथी से ग्रामीणो में दहशत, वन विभाग एलर्ट*


उमरिया जिले के बांधवगढ़ वन परिक्षेत्र में जंगली हाथी ई-5 की लगातार बदलती लोकेशन ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बीते सोमवार की रात हाथी का मूवमेंट डबरौंहा,धनवाही,लगवारी,बड़ेरी और कछवार क्षेत्र में देखा गया,जिसके बाद गांवों में दहशत का माहौल बन गया। मंगलवार सुबह हाथी के रोहनिया बीट की ओर बढ़ने की जानकारी सामने आई है,जिस पर वन विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। जानकारी के अनुसार ये वही हाथी है जिसने अनूपपुर क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया था। उस दौरान कई मवेशियों को नुकसान पहुंचाने के साथ इंसानों पर भी हमले किए गए थे। बढ़ते खतरे को देखते हुए पार्क प्रबंधन ने हाथी का रेस्क्यू कर उसे बांधवगढ़ के खितौली वन क्षेत्र में निगरानी के बीच रखा था, लेकिन हालिया दिनों में हाथी वहां से निकलकर अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि हाथी में कॉलर आईडी लगी हुई है, जिससे वन अमला उसकी हर गतिविधि की मॉनिटरिंग कर पा रहा है। आपको बता दे इस जंगली हाथी का नाम ई-5 है। वन विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं और सोशल मीडिया व मुनादी के जरिए ग्रामीणों को  उक्त हाथी से सजग रहने की सलाह दी जा रही है। अब तक हाथी ने आबादी वाले क्षेत्र में कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन उसके पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए लोगों में भय बना हुआ है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी दिखने पर उसके पास न जाएं, रात में अकेले जंगल या नदी किनारे न निकलें और किसी भी मूवमेंट की सूचना तत्काल वन अमले को दें।

किराना दुकान में घुसी तेज रफ्तार कार, घायल मासूम की हुई मौत, मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भमरहा में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 9 वर्षीय बालक की मौत हो गई। तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार सड़क किनारे स्थित किराना दुकान में जा घुसी, जिससे दुकान में बैठा मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार के दौरान अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने कार और चालक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार भमरहा गांव के कैथा चौराहा के पास महेंद्र सिंह की किराना दुकान संचालित है। सोमवार शाम उनका 9 वर्षीय पुत्र दीपक दुकान में बैठा हुआ था। इसी दौरान ब्यौहारी की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक कार अनियंत्रित होकर सीधे दुकान के अंदर जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दुकान के अंदर बैठा दीपक गंभीर रूप से घायल हो गया।

तेज आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में घायल बालक को अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रीवा रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार सहित चालक को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 

समाचार 01 फ़ोटो 01

किराना दुकान में घुसी तेज रफ्तार कार, घायल मासूम की हुई मौत, मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भमरहा में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 9 वर्षीय बालक की मौत हो गई। तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार सड़क किनारे स्थित किराना दुकान में जा घुसी, जिससे दुकान में बैठा मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार के दौरान अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने कार और चालक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार भमरहा गांव के कैथा चौराहा के पास महेंद्र सिंह की किराना दुकान संचालित है। सोमवार शाम उनका 9 वर्षीय पुत्र दीपक दुकान में बैठा हुआ था। इसी दौरान ब्यौहारी की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक कार अनियंत्रित होकर सीधे दुकान के अंदर जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दुकान के अंदर बैठा दीपक गंभीर रूप से घायल हो गया।

तेज आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में घायल बालक को अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रीवा रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार सहित चालक को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 

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जनभागीदारी और सख्त मॉनिटरिंग से जल संरक्षण में देश के टॉप-10 जिलों में शामिल हुआ शहडोल

शहडोल

जिले के अलग-अलग गांवों में मौजूद इंजीनियर अपने मोबाइल कैमरे ऑन करते हैं। कोई तालाब किनारे खड़ा है, कोई खेतों में बने कंटूर ट्रेंच के पास तो कोई वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर दिखा रहा होता है। वीडियो कॉल के दूसरी तरफ जिला पंचायत सीईओ शिवम प्रजापति जुड़े रहते हैं। कैमरे के पीछे चल रहे काम को देखकर वे मौके पर ही सवाल पूछते हैं, निर्देश देते हैं और प्रगति की समीक्षा करते हैं।

शाम 7 बजे फिर वही प्रक्रिया दोहराई जाती है। इंजीनियरों को दोबारा उसी स्थल से जुड़कर दिनभर की प्रगति बतानी होती है। इसी सख्त मॉनिटरिंग और जनभागीदारी ने आदिवासी अंचल शहडोल को जल संरक्षण अभियान में देश के टॉप-10 जिलों में पहुंचा दिया है।

भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के “जल संचय जन भागीदारी अभियान” में शहडोल ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले में अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा जल संरचनाओं को पुनर्जीवित किया गया है। वहीं 10 हजार से अधिक सोक पीट और 1500 से ज्यादा वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं तैयार की जा चुकी हैं।

जिला पंचायत सीईओ शिवम प्रजापति ने बताया कि इस अभियान की तैयारी जनवरी माह से ही शुरू कर दी गई थी। जिले के लगभग तीन दर्जन इंजीनियरों को प्रतिदिन फील्ड में पहुंचकर काम की लाइव मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। खास बात यह रही कि इंजीनियरों को उसी स्थान से वीडियो कॉल करना अनिवार्य था, जहां वास्तव में कार्य चल रहा हो।

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बीच सड़क पर वर्षों से पड़ा विशाल पेड़ बना जनसमस्या, आवागमन हो रहा है प्रभावित, रहवासी परेशान

अनूपपुर/कोतमा 

नगर पालिका परिषद कोतमा क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 06 की पुरानी बस्ती में सड़क के बीच वर्षों से पड़ा एक विशाल पेड़ स्थानीय लोगों के लिए गंभीर जनसमस्या का कारण बना हुआ है। मुख्य मार्ग पर पड़े इस पेड़ के चलते क्षेत्रवासियों को प्रतिदिन आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत एवं ध्यानाकर्षण के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 6 स्थित योगेंद्र शर्मा के घर के पास पुरानी बस्ती की मुख्य सड़क पर कई वर्ष पूर्व एक बड़ा पेड़ गिर गया था, जो आज तक सड़क से नहीं हटाया जा सका है। सड़क के बीचों-बीच पड़े पेड़ के कारण मार्ग काफी संकरा हो गया है, जिससे पैदल राहगीरों, बाइक चालकों एवं छोटे वाहनों को निकलने में कठिनाई होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार वाहन चालकों को रास्ता बदलकर निकलना पड़ता है, वहीं दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि बारिश के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। सड़क पर जलभराव एवं कीचड़ होने से लोगों को आवागमन में भारी दिक्कत होती है, जबकि रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह मार्ग पुरानी बस्ती का प्रमुख रास्ता है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों एवं महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर पड़े पेड़ को तत्काल हटाकर मार्ग को पूरी तरह सुचारु कराया जाए।

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जल गंगा संवर्धन अभियान में उमड़ा जनसैलाब, शासकीय तालाब में चला स्वच्छता महाअभियान

अनूपपुर

“जल है तो कल है” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सोमवार को ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी  में व्यापक स्वच्छता एवं श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया।  तालाब में जनभागीदारी के साथ विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें ग्राम पंचायत अमले, जनप्रतिनिधियों,  युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सुबह 8 बजे शुरू हुए अभियान ग्राम पंचायत के सभी पंच एवं सदस्य  स्वयं श्रमदान करते नजर आए। तालाबों के आसपास फैली गंदगी हटाई गई, जल स्रोतों की साफ-सफाई की गई तथा लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। अभियान के दौरान ग्राम में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला।

ग्राम में स्वच्छता, जल संरक्षण, सफाई व्यवस्था एवं जनसहभागिता को लेकर लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं। उनकी कार्यशैली को लेकर ग्राम वासियों के बीच चर्चा तेज है। लोग खुलकर कह रहे हैं कि गांव को लंबे समय बाद ऐसा सरपंच मिला है जो केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि हर अभियान और व्यवस्था सुधार में स्वयं मैदान में उतरकर नेतृत्व करता दिखाई देता है। ग्राम वासियों का कहना है कि ग्राम पंचायत सरपंच लगातार वार्डों का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं और नागरिकों से सीधे संवाद कर समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं। यही कारण है कि ग्राम में अब स्वच्छता और जनजागरूकता को लेकर एक नया माहौल बनता दिखाई दे रहा है। ग्राम पंचायत द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान केवल सफाई कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। 

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नौतपा का दूसरा दिन, अमरकंटक में पारा 39 डिग्री, गर्मी में हुई बढ़ोतरी

अनूपपुर

मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पावन तपोभूमि पवित्र नगरी अमरकंटक में नौतपा के दूसरे दिन गर्मी का प्रभाव और अधिक महसूस किया गया। 26 मई 26 दिन मंगलवार, अधिमास ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के अवसर पर अमरकंटक का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा।

नौतपा के पहले दिन 25 मई 26 को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था, जबकि दूसरे दिन तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखने को मिली। वहीं न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

सुबह लगभग 10 बजे से ही गर्मी का असर महसूस होने लगा और शाम 5 बजे तक तपन बनी रही। हालांकि दिनभर नीले आसमान में बादलों की आवाजाही भी बनी रही, जिससे बीच-बीच में वातावरण में हल्का परिवर्तन महसूस हुआ।

वहीं पवित्र नगरी अमरकंटक में शुद्ध वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 94 अंक दर्ज किया गया, जो सामान्य श्रेणी में माना जा रहा है। अब लोगों की नजरें नौतपा के आगामी दिनों पर टिकी हुई हैं कि आने वाले दिनों में तापमान और नया रिकॉर्ड बनाएगा या फिर इसी स्तर पर स्थिर रहेगा।

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गंगा दशहरा पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, पूजन-अर्चन कर लिया पुण्य लाभ  

अनूपपुर

पावन नगरी अमरकंटक में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर हजारों भक्त श्रद्धालुओं ने पतित पावनी पुण्य सलिला मां नर्मदा के तटों पर पहुंचकर स्नान, दर्शन एवं पूजन-अर्चन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

अधिमास ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष दशमी, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र एवं मंगलवार के शुभ संयोग पर श्रद्धालुओं का सैलाब सुबह से ही मां नर्मदा के रामघाट, कोटि तीर्थ, घाट कुंड एवं आरंडी संगम क्षेत्रों में उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति भाव से पवित्र नर्मदा नदी में डुबकी लगाकर स्नान किया तथा धार्मिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की।

सुबह लगभग 5 बजे से स्नान-दर्शन का क्रम प्रारंभ हुआ, जो दोपहर तक लगातार जारी रहा। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर परिसर में पहुंचकर ध्यान, स्नान एवं दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। इस अवसर पर विशेष पूजन, अभिषेक, हवन एवं महाआरती का आयोजन हुआ। कन्या पूजन, संत एवं ब्राह्मण भोजन तथा गरीबजनों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान पुष्पराजगढ़ क्षेत्र अंतर्गत करौंदी ग्राम की मानस मंडली द्वारा मंदिर परिसर में अखंड भजन-कीर्तन एवं धार्मिक आयोजन किए गए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। नागपुर, रामटेक, मंडला, डिंडोरी, शहडोल एवं अनूपपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने इस पुण्य पर्व पर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त किया। गंगा दशहरा के अवसर पर अमरकंटक में दिनभर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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कई गांवों के पास देखा गया हाथी, ग्रामीणो में दहशत, वन विभाग ने किया एलर्ट

उमरिया

जिले के बांधवगढ़ वन परिक्षेत्र में जंगली हाथी ई-5 की लगातार बदलती लोकेशन ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बीते सोमवार की रात हाथी का मूवमेंट डबरौंहा,धनवाही,लगवारी,बड़ेरी और कछवार क्षेत्र में देखा गया,जिसके बाद गांवों में दहशत का माहौल बन गया। मंगलवार सुबह हाथी के रोहनिया बीट की ओर बढ़ने की जानकारी सामने आई है,जिस पर वन विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। जानकारी के अनुसार ये वही हाथी है जिसने अनूपपुर क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया था। उस दौरान कई मवेशियों को नुकसान पहुंचाने के साथ इंसानों पर भी हमले किए गए थे। बढ़ते खतरे को देखते हुए पार्क प्रबंधन ने हाथी का रेस्क्यू कर उसे बांधवगढ़ के खितौली वन क्षेत्र में निगरानी के बीच रखा था, लेकिन हालिया दिनों में हाथी वहां से निकलकर अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि हाथी में कॉलर आईडी लगी हुई है, जिससे वन अमला उसकी हर गतिविधि की मॉनिटरिंग कर पा रहा है। आपको बता दे इस जंगली हाथी का नाम ई-5 है। वन विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं और सोशल मीडिया व मुनादी के जरिए ग्रामीणों को  उक्त हाथी से सजग रहने की सलाह दी जा रही है। अब तक हाथी ने आबादी वाले क्षेत्र में कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन उसके पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए लोगों में भय बना हुआ है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी दिखने पर उसके पास न जाएं, रात में अकेले जंगल या नदी किनारे न निकलें और किसी भी मूवमेंट की सूचना तत्काल वन अमले को दें।

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गंगा खनिज प्राइवेट की पर्यावरणीय जन सुनवाई संपन्न, स्थानीय बेरोजगारों को मिलेंगा रोजगार 

उमरिया 

जिले के पाली विकास खंड के ग्राम धौंरई में आज गंगा खनिज प्राइवेट ( कोल कंपनी) के लिए पर्यावरणीय जन सुनवाई का सफल आयोजन पर्यावरण अधिकारी अशोक तिवारी और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व  अनुभाग के समक्ष की गयी। इस जन सुनवाई में गंगा खनिज प्राइवेट कंपनी के डायरेक्टर अशोक चर्तुवेदी ने जन सुनवाई में उठायी गयी मांगों, अपेक्षाओं के सापेक्ष में कहा की कोल कंपनी में लगने वाले मेन पावर का अधिकांश भाग स्थानीय लोगों के बीच से लिया जायेगा, साथ ही सरल भाषा में स्थानीय लोगों से अनुरोध किया की कंपनी को अपना काम शुरू करने में लगभग तीन वर्ष का समय लगेगा और इस बीच नव युवक लोग अपनी शिक्षा में इलेक्ट्रिक इंजीनियर, टेक्निकल, और माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर के तैयार रहें, दक्ष हाथों को पहली प्राथमिकता मिलेगी।  कोल कंपनी के  अलावा भी स्थानीय लोगों को  अन्य माध्यमों से रोजगार के अवसर मिलेगें। जन सुनवाई में उठायी गयी आशंकाओं का निराकरण करते हुए आपने कहा कि भूमिगत खदान के कारण क्षेत्र में जलस्तर कम नहीं होगा बल्कि खदान से निकलने वाले जल को शुद्ध कर उसके संचयन की व्यवस्था की जायेगी, इसके लिए स्थानीय तालाबों, बांधों का जीणोद्धार कर उनकी जल भराव क्षेत्र में वृद्धि की जायेगी।

स्वास्थ्य सुविधाओं बिषयक उठायी गयी मांगों के संदर्भ में श्री चर्तुवेदी जी ने कहा कि लीज क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले दस किलोमीटर के अन्दर एक अस्पताल की व्यवस्था की जायेगी जिसमें कुशल चिकित्सक उपलब्ध रहेगें और सभी को निशुल्क जांच, उपचार, औषधियाँ और एम्बुलेंस की व्यवस्था कंपनी के व्दारा की जायेगी ‌। 

शिक्षा व्यवस्था के लिए उठायें गयें सवालों का समाधान करते हुए आपने कहा की गांव -गांव शासकीय विद्यालय संचालित हैं, इन विद्यालयों में भवन और शासन के निर्देशानुसार बिषय विशेषज्ञ शिक्षक की व्यवस्था कोल कंपनी अपने हिस्से से करने को तैयार है। पीने के पानी की सुविधा के लिये कोल कंपनी पूर्णतः तैयार है, कोल कंपनी का काम भले तीन साल बाद शुरू होगा, लेकिन हम आज भी इस सुविधा को देने के लिए तैयार हैं जहाँ समस्या है, आप लोग विधिक रूप से आवेदन दे, पेयजल की कही कोई समस्या नहीं आयेगी।

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