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नगर परिषद के 8 लाख के जिम झूले दो साल में हुए जर्जर, जब अधिकारी ही ठेकेदार बन जाएं तो गुणवत्ता कौन देखे
*जनता ने गुणवत्ता पर उठाये सवाल*
अनूपपुर
जिले के नगर परिषद डोला द्वारा जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लगभग दो वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से लगाए गए ओपन जिम उपकरण अब भ्रष्टाचार की कहानी बयां करते नजर आ रहे हैं। नगर परिषद कार्यालय के ठीक सामने स्थापित जिम उपकरणों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कई झूले टूट चुके हैं, रंग उखड़ गया है और लोहे की पाइपों में जंग लगने लगी है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद ये उपकरण इतनी जल्दी कबाड़ में कैसे तब्दील हो गए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन जिम उपकरणों की गुणवत्ता शुरू से ही बेहद खराब थी। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद न तो मरम्मत कराई गई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना उचित समझा। नगर परिषद कार्यालय के सामने लगे इन उपकरणों की बदहाली यह साबित करती है कि जिम्मेदारों की नजर सब कुछ देखकर भी अनदेखा करने में लगी हुई है।लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी खुद ही सामग्री चयन से लेकर कार्यों की निगरानी तक में हस्तक्षेप करते हैं, जिससे गुणवत्ता पूरी तरह प्रभावित होती है।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि यदि लगभग 7 से 8 लाख रुपये की लागत से लगाए गए जिम उपकरण दो साल भी नहीं टिक पाए, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्यों में किस स्तर की सामग्री उपयोग की गई होगी। जनता का सवाल है कि आखिर ऐसे कार्यों की तकनीकी जांच क्यों नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?
नगर परिषद डोला के सीएमओ से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि उन्हें इस विषय की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि उपकरण क्षतिग्रस्त हैं तो वे उन्हें दिखवा लेंगे। नगर परिषद कार्यालय के सामने लगे जिम उपकरण महीनों से बदहाल हैं, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
*जनता के सवाल*
7 से 8 लाख रुपये की लागत वाले जिम उपकरण दो साल में ही क्यों टूट गए। क्या निर्माण और खरीद प्रक्रिया की जांच होगी। घटिया सामग्री उपयोग करने वालों पर कार्रवाई कब होगी। नगर परिषद कार्यालय के सामने बदहाल पड़े उपकरणों की जिम्मेदारी कौन लेगा। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
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जय अम्बे कंपनी के ऑफिस में घुसे अपराधी, कट्टा लहराया दी धमकी, शिकायत की तो जान से मार दूंगा
*दो थाना क्षेत्र के कारण फंसा पेंच*
अनूपपुर
रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट में कोयला उत्खनन कर रही प्रतिष्ठित ‘जय अम्बे’ कंपनी के कार्यालय में हुए खूनी खेल के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए क्षेत्र के आदतन और नामी उपद्रवी श्रीराम विश्वकर्मा ने दुस्साहस की सारी हदें पार कर दी हैं। दफ्तर में घुसकर कर्मचारियों पर गोली दागने के बाद अब आरोपी ने कंपनी के स्थानीय प्रबंधक को फोन पर सीधे लफ्जों में मौत की धमकी दी है। दबंग ने साफ लहजे में कहा—“अगर पुलिस में शिकायत की, तो सीधे जान से मार दूँगा।
मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा अपने गुर्गोंपप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश चर्मकार उर्फ लकी के साथ अचानक कंपनी दफ्तर में कट्टा लहराते हुए घुसा। आरोपियों ने वहां काम कर रहे कर्मचारियों आलोक त्रिपाठी और अमन सिंह क्षत्रिय को बंधक बना लिया। दफ्तर के भीतर खौफ पैदा करने और अपनी हनक दिखाने के लिए आरोपियों ने देशी कट्टे से सीधे कर्मचारी के पैर में फायर कर दिया। कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागे।
पीड़ित प्रबंधन का कहना है कि श्रीराम विश्वकर्मा का क्षेत्र में रोजगार दिलाने का मुखौटा पूरी तरह झूठा है; इसके पीछे दरअसल ‘गुंडा टैक्स’ का काला कारोबार छिपा है। कंपनी पर अवैध पैसों के लिए दबाव बनाना इसका रूटीन बन चुका है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा एक शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पूर्व में भी अमलाई थाने और अनूपपुर कोतवाली में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी का हौसला इतना बुलंद था कि जब पीड़ित कर्मचारी अमलाई थाने पहुंचे, तब उसने अपने मोबाइल नंबर 9826774921 से कॉल करके पुलिस के साए में बैठे कर्मचारियों को सरेआम गालियां दीं और शिकायत न करने की धमकी दी।
अमलाई थाना प्रभारी अपने पुलिस स्टाफ के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। हालांकि, जांच के दौरान इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक तकनीकी पेंच फंस गया। पुलिस तफ्तीश में यह पाया गया कि जिस घटनास्थल पर गोलीबारी और तांडव हुआ है, वह क्षेत्र अनूपपुर कोतवाली के अंतर्गत आता है। इसलिए अमलाई पुलिस अब मामले की अग्रिम डायरी और आगे की कानूनी कार्रवाई अनूपपुर कोतवाली पुलिस को सुपुर्द कर रही है।
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तेज रफ्तार ट्रेलर ने चार को मारी टक्कर, महिला की हुई मौत, एक वर्ष की मासूम सुरक्षित बची, मामला दर्ज
शहडोल
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर अमलाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बटूरा से केशवाही मार्ग पर स्थित महुआई मंदिर के पास एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रेलर ने बाइक सवार एक ही परिवार के चार लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में बाइक पर पीछे बैठी बुजुर्ग महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी 1 साल की मासूम नातिन अपनी मां की गोद में पूरी तरह सुरक्षित है।
शहडोल के कोदवार कला के मूल निवासी यादव परिवार के लोग सुबह बाइक पर सवार होकर कछुआ स्थित प्रसिद्ध मरखी माई देवी मंदिर में दर्शन करने गए थे। मृतिका रेखा यादव अपने दामाद नीरज यादव, बेटी आंचल यादव और 1 साल की मासूम नातिन आस्था यादव के साथ खुशी-खुशी माता के दर्शन कर घर लौट रही थी।
बाइक को दामाद नीरज यादव चला रहा था। बीच में उनकी पत्नी आंचल यादव अपनी 1 साल की बेटी आस्था को गोद में लेकर बैठी थीं, जबकि सबसे पीछे मृतिका रेखा यादव बैठी हुई थीं। जैसे ही उनकी बाइक बटूरा के पास महुआई मंदिर के समीप पहुँची, सामने से आ रहे यमदूत बने तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक को बेरहमी से रौंद दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रेखा यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, नीरज और आंचल को आंशिक चोटें आई हैं।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत पुलिस और आपातकालीन सेवा डायल 112 को सूचना दी। लेकिन बेहद शर्मनाक बात रही कि घटना के एक घंटे बाद तक डायल 112 मौके पर नहीं पहुँची। सबसे चमत्कारी और भावुक कर देने वाला पहलू यह रहा कि जहाँ भारी-भरकम वाहन एक बुजुर्ग जिंदगी को लील गया, वहीं मां के आंचल में छिपी नन्ही आस्था को खरोंच तक नहीं आई। फिलहाल पुलिस ने शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रेलर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
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सीमा पार से रेत तस्करी पर खनिज विभाग का शिकंजा, बिना नंबर की डग्गी जब्त
अनूपपुर
जिले में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बिना नंबर की डग्गी वाहन को जब्त किया है। लंबे समय से मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे क्षेत्रों में अवैध रेत परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के बाद खनिज विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया, जिसमें एक संदिग्ध डग्गी वाहन रेत का परिवहन करते हुए पकड़ा गया।
शनिवार रात बिजुरी क्षेत्र में चलाए गए सघन जांच अभियान के दौरान खनिज निरीक्षक ईशा वर्मा ने बिना नंबर की डग्गी वाहन को रोककर जांच की। पूछताछ में चालक ने वाहन मालिक का नाम अमन पांडे, निवासी डोला बताया, लेकिन वाहन से संबंधित वैध दस्तावेज और ई-ट्रांजिट पास (ईटीपी) प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में रेत परिवहन पूरी तरह अवैध पाए जाने पर खनिज अमले ने तत्काल वाहन को जब्त कर रामनगर थाना की अभिरक्षा में सौंप दिया।
कार्रवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वाहन पर नंबर प्लेट तक नहीं लगी थी। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बिना नंबर का वाहन सड़कों पर कैसे दौड़ रहा था? स्थानीय लोगों का कहना है कि नंबर प्लेट का न होना यह संकेत देता है कि वाहन लंबे समय से अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा होगा और पहचान छिपाने के उद्देश्य से नंबर नहीं लगाया गया होगा।
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अवैध उत्खनन-परिवहन पर अवैध रेत खनिज विभाग ने की जप्त, 26 नग भैंस पुलिस ने किया जप्त
अनूपपुर/कोतमा
जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 6 जून शनिवार को तहसील कोतमा अंतर्गत ग्राम लोहसरा-बिजुरी में अवैध रूप से भंडारित खनिज रेत पर कार्रवाई करते हुए उसे जब्त किया गया। जब्त की गई रेत को सुरक्षित रूप से उपतहसील कार्यालय परिसर बिजुरी में रखवाया गया है। खनिज विभाग के निरीक्षक ईशा वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर एवं उपसंचालक खनिज के निर्देशानुसार जिलेभर में अवैध खनिज गतिविधियों के विरुद्ध सघन जांच अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। विभागीय टीम द्वारा नियमित निरीक्षण एवं निगरानी की जा रही है, ताकि अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आमजन से भी अपील की है कि अवैध खनिज गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को दें, जिससे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं राजस्व हानि को रोका जा सके। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।
*26 नग भैंस पुलिस ने की जप्त, मामला दर्ज*
अनूपपुर जिले के थाना रामनगर पुलिस ने पशु क्रूरता के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 26 नग भैंस (नर एवं मादा) जप्त की हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ से मवेशियों को क्रूरता पूर्वक पैदल हांकते हुए* कोतमा की ओर ले जाया जा रहा था। सूचना प्राप्त होने पर थाना रामनगर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए टांकी के जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर 26 नग मवेशियों को जप्त किया गया। जप्तशुदा पशुओं को कांजी हाउस मलगा में रखा गया है।
मामले में आरोपी आनंद राम सिंह पिता भोरेलाल सिंह, उम्र 49 वर्ष, निवासी ग्राम मलगा, थाना रामनगर के विरुद्ध अपराध क्रमांक 146/26 पंजीबद्ध कर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(घ) एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण को विवेचना में लिया गया है।
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अज्ञात नवजात शिशु का मिला शव, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया अंतिम संस्कार
अनूपपुर
अनूपपुर नगर के बस स्टैंड में स्थित सुलभ कांप्लेक्स में एक अज्ञात तत्काल का पैदा हुआ नवजात शिशु बालक मृत स्थिति होने पर पुलिस ने बरामद किया। कोतवाली पुलिस अनूपपुर को सूचना मिली कि अनूपपुर नगर के बस स्टैंड में स्थित सुलभ कांप्लेक्स के शौचालय में एक नवजात शिशु मृत स्थिति में है। पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर अज्ञात नवजात शिशु बालक के शव को कब्जे में लेकर जिला चिकित्सालय के शव परीक्षण कक्ष के फ्रीजर में सुरक्षित रखाते हुए अज्ञात महिला एवं अन्य आरोपियों की विभिन्न माध्यमों से खोजबीन कर रही है इस बीच रविवार की दोपहर पुलिस के द्वारा नवजात शिशु बालक के शव का ड्यूटी डॉक्टर संजय सिंह से शव परीक्षण करवा कर नगरपालिका अनूपपुर के उपयंत्री बृजेश पांडेय,स्वच्छता निरीक्षक बृजेश मिश्रा के सौजन्य से जेसीबी से सोननदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम में कोतवाली थाना अनूपपुर के आरक्षक अमित यादव,पुलिस सहायता केंद्र जिला चिकित्सालय अनूपपुर के आरक्षक आशीष तिवारी,अनूपपुर नगर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल,महेश प्रसाद रौतेल,गोपाल प्रसाद राठौर की उपस्थिति में मृत नवजात शिशु के शव को कफन से ढक कर फूल,अगरबत्ती अर्पित करते हुए सामाजिक रीति रिवाज अनुसार अंतिम संस्कार किया।
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आयुष्मान भारत योजना बनी अनुराधा के लिए संजीवनी, प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार
उमरिया
केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी एवं संवेदनशील पहल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा कवच सिद्ध हो रही है। अनुराधा सिंह को कुछ समय पूर्व एक गंभीर बीमारी का पता चला। बीमारी की जानकारी मिलते ही परिवार चिंता और असमंजस में घिर गया। चिकित्सकों द्वारा उपचार पर लगभग 4 लाख रुपये व्यय होने का अनुमान बताया गया, जो परिवार की आर्थिक स्थिति के लिए अत्यंत कठिन था। सीमित संसाधनों के कारण समय पर इलाज कराना संभव नहीं हो पा रहा था और पूरा परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा था।
इसी बीच उन्हें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की जानकारी प्राप्त हुई। पात्रता के आधार पर उनका आयुष्मान कार्ड बनाया गया और योजना से संबद्ध अस्पताल में उनका उपचार प्रारंभ हुआ। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा मिली तथा उपचार का पूरा खर्च योजना के अंतर्गत वहन किया गया। इससे परिवार पर पड़ने वाला भारी आर्थिक बोझ समाप्त हो गया और समय रहते आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध हो सकी।
अनुराधा सिंह बताती हैं कि आयुष्मान कार्ड उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं रहा। उन्होंने कहा कि यदि यह योजना नहीं होती, तो इतने महंगे उपचार की व्यवस्था कर पाना उनके परिवार के लिए संभव नहीं था। बीमारी के कठिन दौर में सरकार की इस पहल ने उन्हें आशा, विश्वास और जीवन जीने का नया अवसर प्रदान किया। आज वे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रही हैं और सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक वरदान है।
समाचार 08
समान नागरिक संहिता के अध्ययन हेतू होगी बैठक
उमरिया
समान नागरिक संहिता के संबंध में अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता बुधपाल सिंह की अध्यक्षता में जन-परामर्श बैठक का आयोजन 18 जून को किया जाएगा। बैठक पूर्वाह्न 11 बजे से जिला पंचायत सभागार, उमरिया में आयोजित होगी। कलेक्टर राखी सहाय ने बैठक के सफल आयोजन एवं समन्वय के लिए संयुक्त कलेक्टर अमित सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसके साथ ही जन-परामर्श बैठक की व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दायित्व सौंपे गए हैं।
समाचार 09
जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक
उमरिया
राज्य शासन व्दारा खनिजो के अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण की रोकथाम, नियंत्रण हेतु जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति का गठन किया गया है । जिले मे खनिजो के अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण के रोकथाम, नियंत्रण हेतु बैठक 8 जून को समय सीमा के पश्चात दोपहर 12 बजे से आहूत की गई है। बैठक में सर्व संबंधितों से उपस्थिति की अपेक्षा की गई है।

