दबंग पब्लिक प्रवक्ता

 एक घंटे में मामला निपटाकर लौटे एमडी, औपचारिकता तक सिमटा दौरा, बांधवगढ़ के सैर-सपाटे की रही योजना


उमरिया

भ्रष्टाचार की दलदल में धंसा वन विकास निगम आज फर्जी पौधरोपण, सागौन-सरई की अवैध कटाई, जंगलों से पत्थरों की बेजा खुदाई और खाद घोटाले का पर्याय बन चुका है। आरोप है कि इस लूट की जड़ें प्रदेश से संभाग तक बैठे आला अधिकारियों तक फैली हैं, जो जिले के अधिकारियों से वसूली कर उन्हें खुली छूट दे रहे हैं, और इसी का नतीजा है कि एमडी मनोज अग्रवाल का बहुचर्चित उमरिया दौरा एक घंटे की खानापूर्ति बनकर रह गया।

ताला-बांधवगढ़ में आवभगत के बाद एमडी साहब उमरिया पहुंचे, नौरोजाबाद और हरवाह का एक घंटे में चक्कर लगाया और सब कुछ ठीक है का सर्टिफिकेट देकर रवाना हो गए। न कोई समीक्षा, न कोई फाइल पलटी, न कोई जमीनी पड़ताल। सवाल लाजिमी है कि जब पूरे मंडल में अवैध आरा मशीनों, फर्नीचर कारखानों और चोरी की लकड़ी से पटिया सप्लाई के आरोप लग रहे हैं, तब एमडी को आल इज वेल कैसे दिख गया?

इस चुप्पी के पीछे सबसे बड़ा खेल कोल इंडिया के वृक्षारोपण की फाइल बताई जा रही है। महारत्न कंपनी कोल इंडिया की आनुषंगिक कंपनी एसईसीएल में वृक्षारोपण का जिम्मा वन विकास निगम के पास है। हर साल करोड़ों के अनुबंध, कागजों पर लाखों पौधे, सुरक्षा-खाद-सिंचाई के नाम पर भुगतान, लेकिन हकीकत में मैदान खाली। आज तक कभी समीक्षा ही नहीं हुई कि अनुबंध में कितने पौधे लगाने थे और आज कितने जिंदा हैं। सूत्रों का कहना है कि खदानों के आसपास हरियाली के नाम पर आया पैसा फाइलों में ही पौधा बनकर लहलहा रहा है।

वरिष्ठ अधिकारी उमरिया जिले के दौरे के बहाने शासकीय व्यय पर बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान का लुत्फ उठाने की रणनीति बनाकर सरकारी दौरे बनाते हैं और मुफ्त की जंगल सफारी, रिसॉर्ट में आवभगत कर फिर एक घंटे में मंडल निपटाकर वापसी कर जाते हैं, वर्तमान में यही नया प्रोटोकॉल बन गया है। 

अवैध कच्ची शराब पर बनाने के ठिकानों में आबकारी विभाग की कार्रवाई, भारी मात्रा में महुआ लाहन जब्त


उमरिया

जिले के भंगहा, रमपुरी, सरईया टोला व ज्वालामुखी में कार्रवाई का इंतजार सागर में नकली एवं कथित जहरीली शराब से हुई मौतों की घटना के बाद उमरिया आबकारी विभाग भी सक्रिय हुआ है। शहर से लगे महरोई गांव और उजनिया क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में महुआ लाहन बरामद किया गया। टीम को कच्ची शराब बनाने की भट्ठियां भी मिलीं, जिन पर कार्रवाई की गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के कई इलाकों में लंबे समय से अवैध कच्ची शराब का निर्माण और बिक्री का कारोबार चल रहा है। भंगहा, रमपुरी, सरईया टोला और ज्वालामुखी जैसे क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बनाए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इन स्थानों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई का इंतजार है।

आरोप है कि आबकारी विभाग द्वारा पिछले कई वर्षों से कच्ची शराब के खिलाफ व्यापक अभियान नहीं चलाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, कच्ची शराब के सेवन से क्षेत्र में पूर्व में भी कई मौतें हो चुकी हैं। इसके बावजूद अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया।

सागर की घटना के बाद महरोई और उजनिया में हुई कार्रवाई से विभाग की सक्रियता तो बढ़ी है, लेकिन स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कार्रवाई केवल कुछ इलाकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जिले के उन सभी क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर अवैध शराब निर्माण और बिक्री के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है।

जमीन पर कब्जा, जर्जर सड़कें, जलभराव, ओवरलोड डंपर, अवैध शराब बिक्री पर शिवसेना ने कलेक्टर को सौपा ज्ञापन


अनूपपुर

शिवसेना शहडोल संभाग अध्यक्ष पवन पटेल के आदेश पर शिवसेना जिला अध्यक्ष राजेश महाराणा के नेतृत्व ने अनूपपुर जिला कलेक्टर श्री रत्नाकर झा को 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की है।

शिवसेना की 8 सूत्रीय मांगो में नारायण सिंह द्वारा SECL की शासकीय भूमि पर कथित अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए मामले की जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई।पयारी-केवई-गोविंदा-कोतमा सड़क की खराब स्थिति के कारण आम नागरिकों, स्कूली बच्चों और मरीजों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया गया। सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की गई।

तहसील के पीछे वार्ड क्रमांक 9 में जलभराव बारिश के दौरान सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने तथा लोगों के घरों में पानी घुसने की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की गई। जमुना-परासी मार्ग की बदहाल स्थिति जर्जर सड़क के कारण मरीजों, गर्भवती महिलाओं और आम राहगीरों को हो रही परेशानी को लेकर सड़क के शीघ्र सुधार की मांग की गई।

बिजुरी वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 में नाली का पानी घरों में घुसने की समस्या, जलभराव और गंदे पानी की समस्या से लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए नाली व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की गई।जैतहरी पावर प्लांट में ओवरलोड एवं तेज रफ्तार राखड़ परिवहन वाहनों से सड़क क्षतिग्रस्त होने और दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई।

जेएमएस, नीलकंठ एवं अदानी कंपनियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने, बाहरी श्रमिकों की नियुक्ति की जांच करने तथा बिना नंबर के चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई की मांग की गई। भालूमाड़ा, कोतमा एवं बिजुरी के गली-मोहल्लों में कथित अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाने तथा संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई।

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