दबंग पब्लिक प्रवक्ता

कन्या शिक्षा परिसर में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच शुरू, संभागीय उपायुक्त ने बनाया जांच दल 


उमरिया

जिले के पाली विकास खंड के शबरी माता कन्या शिक्षा परिसर में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के लिए बनायी गयी जांच समिति विद्यालय पहुँच कर दस्तावेजों को खंगालने का काम शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक ने पिछले 16 मई को संभागीय उपायुक्त को आवेदन पत्र देकर माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर पाली के तत्कालीन प्राचार्य पर छात्रवृत्ति घोटाले का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए, उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी के पद से हटाते हुए कन्या शिक्षा परिसर की जांच कराने की मांग की गयी थी, जिस पर संभागीय उपायुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य के विरूद्ध जांच कमेटी बना कर जांच कराने के निर्देश जारी किये गए हैं। विदित होवे की संभागीय उपायुक्त के व्दारा बनायी गयी जांच समिति में जगदीश प्रसाद नापित सहायक संचालक, अनुराग श्रीवास्तव क्षेत्र संयोजक, और संजय कुमार अवस्थी सहायक ग्रेड 02 लेखाधिकारी की जांच समिति का गठन कर दस दिनों के अंदर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किये गए हैं, जिसके तारतम्य में आज जांच समिति कन्या शिक्षा परिसर पाली पहुच कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जाता है कि माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर में अध्ययन रत छात्राओं के बैंक खाते में आयी छात्रवृत्ति की राशि का आहरण कराकर तत्कालीन प्राचार्य ने अपने कब्जे में ले लिया था, जिससे छात्राओं में व्यापक आक्रोश व्याप्त था, जिसके लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आवाज उठायी थी, परिणामस्वरूप संभागीय उपायुक्त शहडोल ने जांच दल गठित कर मामले में जांच के आदेश जारी किये गए हैं।

गौर तलब है कि पाली विकास खंड में गत एक वर्ष के अंतराल में तीन आर्थिक घोटाले हुये जिनमें व्यापक स्तर पर जांच हुई, जिनकी गूंज जिला से लेकर राजधानी तक हुई, लेकिन अब तक दो मामले में जिला प्रशासन ने ऐसा क्लीन चिट दे दिया जैसे कुछ हुआ ही नहीं है, जबकि लाखों, करोड़ों का वारा न्यारा हुआ और सभी दोषी आज भी मलाई दार पदो पर आसीन होकर अपना राज कायम किये हुए हैं, इस मामले में भी इसी तरह घोटाले बाजों को अभय दान देकर दोष मुक्त कर दे तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगा।

तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई, घटना स्थल पर युवक की हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल

जिले के सीधी थाना क्षेत्र के ओदारी नदी नर्सरी के पास एक युवक की जान उस समय चली गई, जब उसकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान भजन सिंह (35 वर्ष) निवासी तेंदुडोल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि भजन सिंह अपनी बाइक से कूदरी से सीधी की ओर जा रहा था। इसी दौरान ओदारी नदी नर्सरी के पास उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर दुर्घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार बताई जा रही है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। क्षेत्र के लोगों ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है। लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर लोगों ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है। पुलिस ने भी लोगों से तेज रफ्तार से वाहन न चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी है।

श्मशान घाट में युवक को बुलाकर डॉक्टर ने किया अशोभनीय हरकत, सिविल सर्जन के खिलाफ कलेक्टर से हुई शिकायत

*संवेदनशील अंगों को छूने व दबाव बनाने का लगाया आरोप*


उमरिया

जिला अस्पताल उमरिया के सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी पर एक युवक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में अशोभनीय हरकत, अनुचित शारीरिक संपर्क का प्रयास तथा बाद में झूठे आरोप लगाकर दबाव बनाने की बात कही गई है। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे सहित पूरे जिले में चर्चा का माहौल है।

जेल बिल्डिंग के पीछे निवासी 20 वर्षीय अरमान सोनी ने अपने आवेदन में बताया है कि 7 जून  की रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी ने उसे सिगरेट पीने के बहाने कब्रिस्तान क्षेत्र में बुलाया। युवक का आरोप है कि वहां पहुंचने पर संबंधित अधिकारी ने उसके साथ अशोभनीय व्यवहार किया और शरीर के संवेदनशील अंगों को अनुचित तरीके से छूने का प्रयास किया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाद में बीयर पीने और “एन्जॉय” करने जैसी बातें कही गईं, जिससे उसे उनकी मंशा पर संदेह हुआ।

शिकायतकर्ता के अनुसार जब दोबारा अनुचित शारीरिक संपर्क का प्रयास किया गया तो उसने तत्काल अपने भाई एवं अन्य परिजनों को फोन कर मौके पर बुलाया। युवक का दावा है कि परिजनों के पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारी ने अपनी गलती स्वीकार की। इसके बाद सभी लोग शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि अपने बचाव में संबंधित अधिकारी ने उस पर और उसके साथियों पर मारपीट तथा पैसे लूटने जैसे आरोप लगाना शुरू कर दिया। युवक का कहना है कि ऐसा वास्तविक घटना से ध्यान हटाने और उन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया। अरमान सोनी ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि प्रभावशाली पद पर बैठे व्यक्ति के कारण निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।

फिलहाल आवेदन कलेक्टर कार्यालय तक पहुंच चुका है। शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, लेकिन इनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। 

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