अवैध शराब निर्माण में पुलिस का छापा, 84 हजार का सामान जप्त, आतंक मचाने वाला हाथी जंजीरो में कैद
अवैध शराब निर्माण में पुलिस का छापा, 84 हजार का सामान जप्त, आतंक मचाने वाला हाथी जंजीरो में कैद
अनूपपुर
जिले के थाना रामनगर के ग्राम झीमर, डूमरकछार क्षेत्र में अवैध महुआ शराब निर्माण में प्रयुक्त कच्चे माल पर बड़ी कार्यवाही करते हुए भारी मात्रा में लाहन, गुड़ एवं सूखा महुआ जप्त किया गया।
मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि नगर परिषद क्षेत्र डूमरकछार वार्ड क्रमांक 12 स्थित एक मकान में अवैध रूप से महुआ लाहन रखा हुआ है तथा कमरे में ताला बंद है। सूचना पर थाना रामनगर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुँचकर नगर परिषद उपाध्यक्ष एवं अन्य गवाहों की उपस्थिति में दबिश दी गई।
मौके पर कमरे का ताला खोलकर तलाशी लेने पर 72 डिब्बों में भरा कुल 432 किलोग्राम महुआ लाहन कीमत ₹21,600/-, 54 कार्टून में रखा कुल 810 किलोग्राम गुड़ कीमत ₹40,500/- एवं 18 जूट बोरियों में रखा कुल 450 किलोग्राम सूखा महुआ कीमत ₹22,500/- बरामद किया गया। जप्त मशरूका की कुल कीमत ₹84,600/- आंकी गई है।
पुलिस द्वारा समक्ष गवाहों के विधिवत जप्ती पंचनामा तैयार कर सम्पूर्ण मशरूका जप्त किया गया तथा महुआ लाहन का नियमानुसार नष्टीकरण कराया गया। प्रथम दृष्टया आरोपी द्वारा अवैध महुआ शराब निर्माण हेतु उक्त सामग्री संग्रहित करना पाए जाने पर थाना रामनगर में अपराध क्रमांक 131/26 धारा 34(1)(f) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
*दो जिलो में आतंक मचाने वाला हाथी को वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने जंजीरो में जकड़ा*
शहडोल अनूपपुर और शहडोल जिले के ग्रामीण इलाकों में पिछले करीब डेढ़ महीने से दहशत का कारण बना बिगड़ैल दंतैल हाथी आखिरकार वन विभाग की पकड़ में आ गया। शनिवार को केशवाही वन परिक्षेत्र के बेलिया और रामपुर जंगल क्षेत्र में चले विशेष अभियान के दौरान बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम ने हाथी को सफलतापूर्वक काबू कर लिया। और उसे बांधवगढ़ ले जाया गया है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को रेस्क्यू अभियान के दौरान दंतैल हाथी ने पिंजरे को पलट दिया था और बाहर निकलकर जंगल की ओर भाग गया था। इसके बाद वन विभाग ने पूरी रात निगरानी रखी और शनिवार को दोबारा अभियान चलाकर हाथी को नियंत्रित करने में सफलता हासिल की। वन विभाग के अनुसार यह हाथी पिछले डेढ़ महीने से लगातार गांवों में घुसकर उत्पात मचा रहा था। हाथी के हमले में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 पालतू मवेशी भी मारे गए। दो बच्चों समेत तीन लोग घायल हुए हैं।
वन अधिकारियों के मुताबिक 18 से 22 वर्ष उम्र का यह दंतैल हाथी मूल रूप से छत्तीसगढ़ के कटघोरा वन क्षेत्र के हाथियों के दल का हिस्सा था। माना जा रहा है कि झुंड से अलग होने के बाद वह मरवाही होते हुए 2 अप्रैल को मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में दाखिल हुआ था



