6 करोड़ की लागत वाली मॉडल सड़क बदहाल, सड़क पर फैली गंदगी, नागरिक परेशान
6 करोड़ की लागत वाली मॉडल सड़क बदहाल, सड़क पर फैली गंदगी, नागरिक परेशान
अनूपपुर/कोतमा
कोतमा नगर में छह करोड़ रुपये की लागत से विकसित की गई मॉडल सड़क आज अपनी पहचान खो चुकी है। कभी जिसे शहर के आधुनिक विकास का प्रतीक कहा जाता था, वह सड़क अब बदहाली, कचरे के ढेर और दुर्गंध का केंद्र बन चुकी है। सड़क के दोनों किनारों और डिवाइडर के पास जगह-जगह कूड़े का जमाव दिखाई देता है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के बाद शुरुआत में नगर पालिका ने कुछ समय तक सफाई पर ध्यान दिया, लेकिन धीरे-धीरे सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कचरा उठाने वाले वाहन समय पर नहीं पहुंचते और नालियों की सफाई कई-कई महीनों तक नहीं होती। नतीजा यह कि नालियों का गंदा पानी सड़क पर फैलकर लगातार बदबू और गंदगी बढ़ाता जा रहा है। नागरिकों के अनुसार यह पूरी तरह नगर प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है।
इस मॉडल सड़क के किनारे बने कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि गंदगी और बदबू की वजह से ग्राहक दुकान में रुकने से भी कतराने लगे हैं। शाम के समय स्ट्रीट लाइटें भी कई जगह बंद रहती हैं, जिससे अंधेरा और गंदगी मिलकर असुरक्षित माहौल बना देती हैं।
बरसात के मौसम में इस समस्या का स्तर और भी भयावह हो जाता है। नालियों में जमा ठोस कचरा पानी को बहने नहीं देता और सड़क पर जलभराव हो जाता है। जहां से नागरिक गुजरना चाहते हैं, वहां कचरे और गंदे पानी का कीचड़ बड़ा खतरा बना रहता है। लोगों ने बताया कि कई बार स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को फिसलकर चोट भी लग चुकी है। गंदगी के बढ़ते ढेर के कारण मच्छरों की तादाद बढ़ गई है, जिससे डेंगू, मलेरिया और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडराने लगा है। कई परिवारों ने बताया कि छोटे बच्चे बार-बार बीमार पड़ रहे हैं।

